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हुमड़ भवन में भगवान महावीर स्वामी को चढ़ाया 24 किलो का निर्वाण लड्डू

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10 Nov 18
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हुमड़ भवन में भगवान महावीर स्वामी को चढ़ाया 24 किलो का निर्वाण लड्डू उदयपुर । हुमड़ भवन में दीपावली के अवसर पर गगनभेदी जयकारों के बीच वर्तमान शासन नायक 24 वें तीर्थंकर 1008 श्री महावीर भगवान के 2545 वें मोक्ष कल्याण दिवस मनाया गया। कार्तिक अमावस्या को वर्तमान शासन नायक श्रमण भगवान महावीर स्वामी ने अपने अंतिम लक्ष्य मोक्ष को प्राप्त कर लिया था। महामंत्री सुरेश पदमावत ने बताया कि इस अवसर पर अध्यक्ष शांतिलाल वेलावत, सुरेन्द्र तलाटी ने भगवान महावीर स्वामी को 24 किलो का निर्वाण लड्डू चढ़ाया। इस दौरान कल्याणमल मेहता, पारस चित्तौड़ा, सुमतिलाल दुदावत, मंजू गदावत, विद्या जावरिया समेत सैंकड़ों समाजजन उपस्थित थे।
इस अवसर पर सुमित्रसागरजी महाराज ने कहा कि हम 24वे. तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के शासनकाल में अपने जीवन को गतिमान बनाते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का प्रयास कर रहे हैं। जिस प्रकार हम सांसारिक जीवन में अपने या किसी भी सम्बन्धी के किसी भी क्षेत्र में सÈलता पाने पर उसको सामर्थानुसार सहयोग करते हैं ठीक उसी प्रकार हमें भगवान के निवार्ण को उनके चरम लक्ष्य की प्राप्ति पर उन्हीं के बताए संस्कारों से करके, अपना जीवन भी उन्हीं की तरह शाश्र्वत सुखों को प्राप्त करने में आगे बढ़ाना है।
इन्सान की जैसी कामना होती है वैसा ही उसका काम होता है। मनुष्य की इच्छाएं असीमित हैं। अगर उसकी इच्छाएं पूरी नहीं होती तो जीवन में कषाय बढ़ता है, और इच्छाएं पूरी हो जाती है तो लोभ बढ़ जाता है। इच्छाएं कभी कम नहीं होती है। इच्छाएं तो आग में घी का काम करती है। तृष्णाएं इच्छा को बढ़ाती रहती है। इच्छा को रोकने के लिए तृष्णा को रोकना आवश्यक है। तृष्णा को रोकने के लिए मन पर नियंत्रण करना होता है। जीवन में साधु बन पाओ या न बन पाओ लेकिन सन्तोषी जरूर बन जाना क्योंकि सन्तोषी प्राणी सदा सुखी रहता है।
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