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### एसपीएसयू के पूर्व छात्र मेजर कमलेंद्र सिंह राव ने लद्दाख में साहसी बचाव का नेतृत्व किया

मुख्य बिंदु
  • एक उल्लेखनीय साहसिक कार्य में, भारतीय सेना के मेजर कमलेन्द्र सिंह राव (2008 बैच) जो उदयपुर के सर पदमपत सिंघानिया विश्वविद्यालय (एसपीएसयू) के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र हैं, ने लद्दाख के दुर्गम इलाके में एक वीरतापूर्ण बचाव अभियान का नेतृत्व किया, जिसमें लगभग 1000 फंसे हुए व्यक्तियों को अचानक और भारी बर्फबारी के बीच बचाया गया।
  • 30 मई 2024, देश भारत के उत्तरी भाग में स्थित केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में अचानक हेवी स्नो फॉल होने से देश के अलग-अलग हिस्सों से आए पर्यटक फंस गए, जिनमें करीब 150 मोटर साइकिलिस्ट व 300 वाहनों में सवार 1000 लोग शामिल थे।
  • भारतीय सेना के मेजर कमलेंद्र सिंह राव और उनकी टीम के जांबाज सैनिकों ने उन सभी को बचाया ।
  • एसपीएसयू के अध्यक्ष और कुलपति प्रो.
  • ) पृथ्वी यादव ने मेजर राव की असाधारण बहादुरी और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा, "मेजर कमलेन्द्र सिंह राव ने अपने साहसिक और एकता के कार्य से विश्वविद्यालय और पूरे देश गर्वान्वित को किया है।
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### एसपीएसयू के पूर्व छात्र मेजर कमलेंद्र सिंह राव ने लद्दाख में साहसी बचाव का नेतृत्व किया
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एक उल्लेखनीय साहसिक कार्य में, भारतीय सेना के मेजर कमलेन्द्र सिंह राव (2008 बैच) जो उदयपुर के सर पदमपत सिंघानिया विश्वविद्यालय (एसपीएसयू) के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र हैं, ने लद्दाख के दुर्गम इलाके में एक वीरतापूर्ण बचाव अभियान का नेतृत्व किया, जिसमें लगभग 1000 फंसे हुए व्यक्तियों को अचानक और भारी बर्फबारी के बीच बचाया गया।

30 मई 2024, देश भारत के उत्तरी भाग में स्थित केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में अचानक हेवी स्नो फॉल होने से देश के अलग-अलग हिस्सों से आए पर्यटक फंस गए, जिनमें करीब 150 मोटर साइकिलिस्ट व 300 वाहनों में सवार 1000 लोग शामिल थे।

भारतीय सेना के मेजर कमलेंद्र सिंह राव और उनकी टीम के जांबाज सैनिकों ने उन सभी को बचाया ।

एसपीएसयू के अध्यक्ष और कुलपति प्रो. (डॉ.) पृथ्वी यादव ने मेजर राव की असाधारण बहादुरी और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा, "मेजर कमलेन्द्र सिंह राव ने अपने साहसिक और एकता के कार्य से विश्वविद्यालय और पूरे देश गर्वान्वित को किया है।

यह भारतीय सेना और उसके अधिकारियों की अडिग भावना, अभूतपूर्व साहस और राष्ट्रीय अक्षुणियता का प्रतीक है ।