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तीन करोड़ की लागत से सुविधायुक्त होेंगे श्मशान व कब्रिस्तान

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29 Mar, 18 14:24
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डॉ.प्रभात कुमार सिंघल| बारां/ धर्मो के अन्त्येष्ठी गृहो के विकास/उत्थान को लेकर नगर परिषद सभापति कक्ष में अधिकारियों, कर्मचारियों, पार्षदों व सभी धर्माे के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक सभापति कमल राठौर की अध्यक्षता में सम्पन्न हुयी। आयुक्त जनक सिंह ने बताया की सभापति कमल राठौर के निर्देषानुसार विषेष बैठक रखी गई है बैठक में मुख्य रूंप से नगर परिषद क्षैत्र में स्थित हमारे सभी धर्माे व सम्प्रदायों के मुक्तिधाम अन्त्येष्ठी गृहो के विकास व उत्थान के विषय पर चर्चा व निर्णय किये गयें। व सर्वधर्म समभाव की नीती व अनूठी पहल के प्रयास किये गये। उपसभापति गौरव शर्मा ने बताया की हमारे समाज में विभिन्न धर्म,सम्प्रदायांे के लोग निवास करते है विविधता में एकता व सर्वधर्म समभाव की नीती के अनुसरण करते हुये नगर परिषद क्षैत्र के सभी अन्त्येष्ठी गृहो श्मसान,कब्रिस्तान समेत सभी धर्माे व समाजो के मुक्तिधामों को विकसित करने व हालात सुधारने के निर्णय योजना तय की गई है। सभापति कमल राठौर ने बताया की नगर परिषद क्षैत्र में हमारी बारां व 11 गावों में श्मषानों व मुख्य कब्रिस्तानों की स्थिति दयनीय,जर्जर है इनमें कई आवष्यक मूलभूत सुधार की आवष्यकता है वर्षो से विकास की बात जोह रहे ये श्मसान,कब्रिस्तान अत्येष्ठी गृह भी समाज व मानव जीवन की सत्यता व वास्तविकता के अहम व मुख्य घटक है। इन पर भी जागरूकता के साथ ध्यान आकर्षित किया जाना चाहिए, सभी धर्म के लोगो व समाज सेवी संस्थाओं द्वारा समय-समय पर श्मसानों,कब्रिस्तानों ,मुक्तिधामों अत्येष्टी गृहो के विकास के लिए निरन्तर मांग की जाती रही है। परन्तु कभी इस और ध्यान नहीं दिया गया जबकि ये सामाजिक चिंतन का विषय है व मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा मामला है। नगर परिषद के माध्यम से परिषद क्षैत्र में स्थित 11 गावों व बारां में स्थित अन्त्येष्ठी गृहो व मुक्तिधामों के लिए कुल 3 करोड़ रूपये की राषि विकास हेतु लगाये जाने का निर्णय लिया गया । इसके अन्तर्गत दाहसस्ंकार, टीनषेड, बेैठने हेतु बेंचेज पेयजल की व्यवस्था, टयूबवेल बोरिंग, मोटर, षौचालय व स्नानाघर, वृक्षारोपण, रोषनी की व्यवस्था लाईटिंग, पहुच मार्ग (पथवें) फेसिंग/बाउण्ड्रीवाल, चैकीदार की व्यवस्था की जावेगी। नगर परिषद क्षेत्र में एक भी श्मसान,कब्रिस्तान दयनीय जर्जर हालत में नहीं रहेगें। नगर परिषद क्षैत्र के 11 गावांे सहित जो श्मषान व कब्रिस्तान आते है उनमें चारो तरफ की बाउण्ड्री कराई जावेगी(जनसहभागिता मोड़ पर) जिससे मनुष्य जीवन का अन्तिम विश्राम का स्थान भविष्य में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण व असुरक्षा से मुक्त होगा। साथ ही 12 माह के मौसम अनुसार खासकर बरसात के मौसम में 11 गावों में स्थित श्मषान पर पहुचने के लिए सड़क मार्ग नहीं है। जिससे अन्तिम यात्रा में कई बार शवों को हिन्दू रिती रिवाज के अनुसार कन्धे पर ना लेजाकर टेªक्टर या अन्य वैकल्पिक साधन की व्यवस्था कर ले जाया जाता है उस समय की गम्भीर अव्यवस्था को देखते हुये आज बैठक मंे यह निर्णय लिया गया कि सभी 11 गावों में और साथ ही शहर में सभी धर्मो के अन्तिम संस्कार से सम्बन्धित जो स्थान तय है वहां पर पहुचने के लिए पहुच मार्ग सड़क बनाई जावेगी। इसके साथ ही अन्तिम संस्कार के समय स्नानागार व शौचालय और साथ मंे पानी की व्यवस्था हेतु बोरिंग मोटर आदि भी नगर परिषद के 11 गावों सहित बारां शहर के सभी श्मषानों व कब्रिस्तानांे में की जावेगी। जिससे अन्तिम क्रिया में पानी व पानी के अन्य उपयोग काम आ सकंे। बाउण्ड्री होने के पष्चात वहां पर श्मषानों व कब्रिस्तानों के अन्दर उपयुक्त जगह होने के अनुसार पौधा रोपण व पार्क विकसित किये जावेगें। जिससे अन्तिम कार्यकमों में आने वाले परिवारजन व अन्य लोगो को शांति का अनुभव हो सकें साथ ही वहां पर बैठने के लिए एक सेड या बरामदे की व्यवस्था की जावेगी। जिसे लोग उनके निचे बरसात के समय में अपनी अन्तिम क्रिया को बिना किसी व्यवधान के कर सकें। और अन्तिम क्रिया मंे काम आने वाली लकड़ियो व कण्डे़ जो बरसात के समय में गीले हो जाते है उनके लिए एक टीनषेड स्टोर के रूंप में विकसित किया जावेगा जिससे अन्तिम संस्कार में लकड़ी सूखी मिल सकें। सभापति व उपसभापति ने बताया की हमारे कई श्मषानों, कब्रिस्तानों, मुक्तिधामो में पहुच मार्ग नहीं है कई स्थानों पर बाउण्ड्री नहीं होने से अतिक्रमण की समस्या बनी रहती है स्नानाघर व पानी की व्यवस्था नहीं है टीनषेड, विश्रामस्थल नहीं है, श्मसानो व कब्रिस्तानों की बदहाली की चर्चाए बनी रहती है। अंतिम संस्कार के वक्त क्षैत्र के मुखिया,जनप्रतिनिधि, अधिकारी जैसे सक्षम लोग भी आते है, पर इनकी बदहाली पर कोई नहीीं सोचता यह एक विडम्बना का विषय है। यह ज्वलन्त विषय पर हम खामोष क्यों रहते है ये मानवीय संवेदना से जुड़ा मसला है श्मसान व कब्रिस्तान को व्यवस्थित, विकसित करने व अस्तित्व को बचाने पर विचार किया जाना आवष्यक है। बारां व नगर परिषद क्षेत्र के सभी धर्माे के मोक्षधाम अंतिम संस्कार के स्थान पूर्णतया सुविधायुक्त होगें। इसके लिए कुल 3 करोड़़ की लागत सभी अन्त्येष्ठी गृहो पर खर्च कर उन्हे सुविधायुक्त बनाने व विकसित करने पर खर्च की जावेगी। सभापति व उपसभापति, आयुक्त द्वारा तकनीकी अधिकारियों क0अभि0,सहायक अभि0को अतिषिघ्र एस्टीमेट तैयार कर टेण्डर जारी कर कार्य आदेष जारी करने के निर्देष दिये व तय समय सीमा 3 माह में कार्य पूर्ण करवाने के लिए तकनीकी अधिकारियों की जवाबदेयी तय की है। उपसभापति गौरव शर्मा व अधिषाषी अभियन्ता बृजमोहन सिघंल ने बताया की सभापति के निर्देषानुसार 11 गावों में स्थित हिन्दू धर्म के श्मसानों व बारां स्थित दोनो प्रमुख कब्रिस्तानों,बोहरा समाज के लंका काॅलोनी स्थित कब्रिस्तान समेत अन्त्येष्ठी गृहो पर विभिन्न आवष्यकतानुसार विकास कार्य कराये जायेगें। ये नगर परिषद के माध्यम से कराये जाने वाले अनूठा प्रयास है जिससे सर्वधर्म समभाव समेत सभी धर्मो के अनुयायियों को समानता के साथ दिया गया अनूठा बजट व प्रयास है जिससे समाज के सभी वर्ग धर्म सम्प्रदाय सन्तुष्ठ होगे व हमारे मानवीय संवेदना से जुडे़ अन्त्येष्ठी गृह विकसित हो पायेगें। बैठक में पार्षद हरिराज सिंह गूर्जर,नियाज मोहम्मद,विष्णु शाक्यवाल,विजयदीप नागर के साथ एसबीएम के प्रभारी सहायक अभियन्ता श्री सोैरभ गुप्ता, क0अभि0 मानसिंह मीणा, श्री श्यामनोहर शर्मा, श्रीमति सीमा कुमारी, आर.आई. महावीर मीणा, केषियर राजेन्द्र सांखला, भूमि शाखा प्रभारी जगदीष यादव, लालचन्द बैरवा, स्टोर शाखा के प्रभारी हेमन्त मीणा आदि मौजूद रहें।
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