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प्रधानमंत्रीआवास योजना का सच

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10 Feb, 18 08:47
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प्रधानमंत्रीआवास योजना का सच कोटा,डॉ.प्रभात कुमार सिंघल/निर्धनो को आवास के लिए चलाई जा रहे योजनाये आदिम जनजाति सहरिया जो बारां ज़िले में निवास करती है के लिए डम तोड़ रही हैं।सहरिया राजस्थान की एक मात्र घोषित आदिम जनजाति है।इनके कल्याण के लिए अलग से सहरिया उप योजना भी संचालित है।इस योजना का क्रियान्वयन जनजाति विभाग उदयपुर द्वारा किया जाता है।
बावजूद प्रयासों के आज भी अनेक सहरिया परिवार आवास सुविधा को तरस रहे है। आवास का सपना इन से कोसो दूर है। विकास की रौशनी से महरूम ये लोग आज भी अपने परिवार के साथ घास फूंस की तपरियो में रहने को मज़बूर है।
किशनगंज ब्लॉक के हीरापुर, पिपलघटा, पिंजनी, बिलासगढ़, जनकपुर, माधोपुर, सुंडा(चेनपुरा), हिम्मतगढ़ टापरा, सिमलोद, डबका(दिगोदा), अमरोली गांव में सैकड़ों सहरिया परिवार आज भी आवासहीन है । । जनकपुर निवासी विधवा महिला शकुंतला सहरिया ने बताया कि 15 वर्ष पूर्व मेरे पति की मजदूरी करते समय मौत हो गयी । मेरे दो लड़के है । धर्मवीर व सोमवीर जो सहरिया छात्रावास में पढ़ते है । में मेहनत मजदूरी कर अपने बच्चो का पालन पोषण कर रही हूं । उसने बताया कि मनरेगा में कई बार आवेदन कर चुकी हूँ । उसके बाद भी आजतक मस्टररोल में मेरा नाम नही आया । किसी के यहां घर का काम कर परिवार को चला रही हूं । मेरे पास रहने को मकान नही है । इस कारण पति की मौत के बाद अपने पिता के पास आकर रहने लगी हूं । इसी तरह जनकपुर निवासी विधवा महिला शीला सहरिया के पति की 5 वर्ष पूर्व दुर्घटना में मौत हो गयी है । इसके 3 बच्चे है । करीना, धर्मेश, संदीप जो छात्रावास में पढ़ते है । इसके पास भी रहने को मकान नही है । यह भी अपने परिवार के साथ टापरी में ही निवास करती है । और मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन करती है ।
अमरोली निवासी महिला रामी सहरिया ने बताया कि मेरे 3 बच्चे है । संजय व पूजा एक बच्चा सिवा जो विकलांग है । मेरे पति हाली लगे हुए है । रहने को मकान नही है । इस कारण सास ससुर की जगह पर टापरी बनाकर उसमें ही रहती हूँ । इसी तरह भागवती सहरिया के 2 लड़के है । सूरज व लखन दोनों ही पढ़ते है । पति जिंदगी से ही हाली लगा हुआ है । इस कारण मकान नही बन पाया है । यह महिला आज भी टापरी में ही रहती है । मूर्ति सहरिया के 3 बच्चे है । कृष्ण, कपिल, ज्योति तीनो ही पढ़ते है । पति मजदूरी करता है । इसके पास भी रहने के लिए मकान नही है । बादाम सहरिया के 2 बच्चे है । एक बच्ची प्रियंका पढ़ने जाती है । इसका पति भी मजदूरी करता है । और अपने परिवार का पालन कर रहा है । इसके पास भी रहने के लिए मकान नही है । वही रामकली सहरिया के दो 2 बच्चे है । रवि व सुनील जो पढ़ने जाते है । इसका पति हाली लगता है । इसके पास भी रहने को मकान नही है । दिलीप सहरिया, बदन सिंह के पास भी रहने को मकान नही है । ऐसे कई परिवार है जिनके पास रहने को मकान नही है । और अपने परिवार के साथ टापरियो मे ही गुज़र बसर कर रहे है । इसी तरह सिमलोद के सहरिया परिवारों को भी आवास नही मिले है ।
यहां के लोगो ने बताया कि 15 वर्ष पूर्व 26 आवास सहरिया परियोजना के माध्यम से बने थे । उसके बाद से आज तक एक भी आवास का निर्माण सहरिया बस्ती में नही हुआ । इस सम्बंध में जब एचआरटीसी बारां ने ग्राम पंचायत से जानकारी ली तो पता चला कि पीएम आवास योजना में एक मकान स्वीकृत हुआ है । इसी तरह हिम्मतगढ़ टापरा के सहरिया परिवारों को भी आज तक आवास नही मिले है । वही घट्टी में मात्र 4 सहरिया समुदाय के लोगो को आवास मिले है । बाकी कई परिवार वंचित है । गिगचा गांव में करीब 150 घर सहरिया समुदाय व तीन घर हरिजन समाज के है । इन दोनों समुदाय के लोगो को सरकारी आवास नही मिले है । प्रल्हाद सहरिया ने बताया कि 2009 में 20 सहरिया परिवारों को आवास मिले थे । उसके बाद से आजतक नही मिले है । मेघराज पुत्र मोहनलाल सहरिया(28)एक पैर से विकलांग है । इसके चार बच्चे है । तीन लड़कियां सुमन, सोनम, कुसुमलता है । एक लड़का मनदीप है । यह चारो पढ़ते है । पत्नी चंद्रकला मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करती है । बीमारी होने पर एक पैर कट चुका है । इसको पेंशन भी नही मिलती है । और ना ही आजतक सरकारी आवास मिला है । इसी तरह तीन परिवार हरिजन समुदाय के है । भगवान, अमृतलाल, अमरलाल इन्होंने बताया कि आज हमें सरकारी सुविधाओं का लाभ नही मिला है । यह तीनों परिवार झोपड़ियां में निवास करते है । राजू पुत्र प्रभुलाल सहरिया के 2 बच्चे है । इसके पास भी आवास की व्यवस्था नही है । इस गांव में करीब 46 परिवार ऐसे है जिनके पास बिल्कुल भी रहने के लिए आवास नही है ।
इसको लेकर अतिरिक्त जिला कलक्टर सहरिया परियोजना शाहाबाद से सहरिया परियोजना के माध्यम ऐसे वंचित परिवारों को सहरिया आवास उपलब्ध कराने की मांग रखी । जिस पर उंन्होने कहा कि वर्तमान में पीएम आवास योजना के अंर्तगत चयनित सूची के माध्यम से आवास उपलब्ध करवाए जा रहे है । इस योजना में आवास उपलब्ध करवाए जाएंगे । यह लोग भी टपरिया बनाकर अपने परिवार के साथ जीवन गुजार रहे है । एचआरटीसी बारां ने जिला प्रसाशन से वंचित सहरिया परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की मांग की है । वही विकास अधिकारी दिवाकर मीणा ने बताया कि पीएम आवास योजना में चयनित लोगो को आवास दिए जा रहे है जिनको आवास नही मिले है उनको द्वितीय सूची में मिलेंगे ।

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