Pressnote.in

क्रोध एक मानसिक विकार है

( Read 3561 Times)

17 Jul, 17 20:30
Share |
Print This Page

क्रोध एक मानसिक विकार है जिस प्रकार बाहरी रोग के लिए हमें दवा की जरूरत होती है उसी प्रकार क्रोध की दशा से मानव पूरे जीवन बीमार रहता है सिर्फ उसे क्षमा रूपी दवा का प्रयोग ही इस बीमारी को ठीक कर सकता है आज दान बाड़ी दादाबाड़ी में बुद्धसिंह बाफना हॉल में क्रोध पर नियंत्रण विषय पर प्रवचन करते हुए यह उद्गार परम पूज्य साध्वी वैराग्य निधि जी ने प्रकट किए श्री जैन श्वेतांबर पेडी की दादावाड़ी दान बाड़ी में चातुर्मास योग के दौरान अपनी प्रवचनमाला में क्रोध विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा क्रोध आग के समान है और उसे क्षमा रूपी जलधारा से ही शांत किया जा सकता है अगर सामने वाला व्यक्ति क्रोध रूपी आग को अपनी बेहोश स्थिति में बरसा रहा हो तो हमें जाग्रत अवस्था में रहते हुए क्षमा रूपी जलधारा का प्रयोग करके उसे शांत करना चाहिए और क्रोधी व्यक्ति के साथ एक रोगी मानकर सद्भावी व्यवहार करना चाहिए खचाखच खचाखच भरे प्रवचन हॉल में साध्वी श्री जी ने फरमाया की क्रोध आगे जाकर द्वेष का रूप ले लेता है और मानव जीवन में क्षण क्षण प्रति क्षण आपके बंद का कारण बनता है क्रोध रूपी दावानल से मानव जीवन का पतन हो जाता है व्यक्ति 55 का होकर भी बचपन की तरह कहां बोलना कैसे बोलना इसका ध्यान नहीं रखता है आजकल की नारी मां तो बन जाती है लेकिन उनमें मातृत्व गुण का भी आना जरूरी है बच्चे को मार कर पीट कर या प्रताड़ित कर कर नियंत्रित नहीं किया जा सकता उसके साथ समता क्षमा शांति और प्रेम का व्यवहार ही उसे आपके नजदीक ला सकता है साध्वी श्री जी ने अपने प्रवचन में आगे कहा की क्रोध मूर्खता से प्रारंभ होता है और पश्चाताप पर जाकर समाप्त होता है क्रोध की छोटी सी चिंगारी को अगर समय समय रहते काबू में नहीं किया जाए तो दावानल की तरह मानव के जीवन में फैल जाता है और और द्वेष के रूप में पूरे जीवन को कब नष्ट कर देता है पता ही नहीं चलता जिसकी वजह से मानव जीवन मैं पाप का बंध होता है और हम अनंत संसार में अनंत भावों में घूमते रहते हैं मानव जीवन में हमें हमारे पुण्य के खजाने को भरना चाहिए उसके विपरीत हम क्रोध से उस खजाने को लुटा देते हैं और पाप को बना लेते हैं और इस जीवन को व्यर्थ कर पशु योनि में जाकर अपना अगला भव पाते हैं
Source :

यह खबर निम???न श???रेणियों पर भी है: Chintan
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like


Loading...

Group Edior : Mr. Virendra Shrivastava
For any queries please mail us at : newsdesk.pr@gmail.com For any content related issue or query email us at newsdesk.pr@gmail.com, CopyRight © All Right Reserved. Pressnote.in