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भँवरसाहिब हरितराज सिंह मेवाड का मेवाड आगमन पर हुआ भव्य स्वागत

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03 Aug 20
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भँवरसाहिब हरितराज सिंह मेवाड का मेवाड आगमन पर हुआ भव्य स्वागत

उदयपुर,शैव सम्प्रदाय की पावन श्रावणी पूर्णिमा एवं रक्षाबंधन पर्व पर मेवाड अधिपति परमेश्वरांजी महाराज श्री एकलिंगनाथजी के शुभाशीष से श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड के सुपौत्र तथा श्री लक्ष्यराज सिंह मेवाड के सुपुत्र हरितराज सिंह मेवाड का हुआ मेवाड आगमन।

मेवाड के इस पावन सुअवसर पर श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड के सुपौत्र तथा लक्ष्यराज सिंह मेवाड के सुपुत्र भँवरसाहिब का मेवाड में प्रथम आगमन पर स्वागत की पारम्परिक तैयारियाँ कर शम्भु निवास को पुष्प मालाओं से सजाया गया। शुभ मुहूर्त के तहत गह प्रवेश करवाया गया जहाँ मेवाड परिवार के सभी सदस्य उपस्थित थे। पण्डितों ने मंत्रोच्चार द्वारा परम्परागत विधि-विधान पूर्वक पूजन करा गृहप्रवेश सम्पन्न करवाया। पंडतों ने मेवाड के धरती पुत्र को आशीर्वाद स्वरूप स्वस्थ व दीर्घायु जीवन की कामना कर मेवाड के महान पूर्वजों की तरह ही सेवाभावी बन राष्ट्रहित के लिए समर्पित होने की भी मंगलकामना की। गह आगमन के इस आयोजन में सीमित सदस्य, पंडित आदि ही उपस्थित रहे। मेवाड की परम्परा अनुसार स्वागत व प्रथम प्रवेश पर दही और गुड से मुंह मीठा करवाया गया तथा शगुन के गुड-धनिया व पतासे बांटे गये। अरविन्द सिंह मेवाड ने सुपौत्र के आगमन पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए, इस आयोजन को अपने जीवन में सबसे खास व कभी ना भूले जाने वाले पल बताया तथा रक्षा बंधन की सभी मेवाड वासियों को हार्दिक बधाई दी।

रक्षा बंधन के अवसर पर संध्याकाल शम्भु निवास में मंत्रोच्चार के साथ प्रभु एकलिंगनाथजी, प्रभु बाणनाथजी आदि की आशिका श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड को प्रदान की और रक्षा सूत्र बांधे। इसके बाद मेवाड परिवार के सदस्यों में रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया जिसमें श्री लक्ष्यराज सिंह मेवाड को उनकी दोनों बडी बहनों की ओर से राखियां बांधी गई तथा मेवाड परिवार में मोहलक्षिका कुमारी मेवाड एवं प्राणेश्वरी कुमारी मेवाड ने अपने भाई को टीका लगा कलाई पर प्रथम रक्षाबंधन पर्व का रक्षासूत्र बांध कुलदेवी बायण माता जी एवं कुलदेवता परमेश्वरांजी महाराज श्री एकलिंगनाथ जी से स्वस्थ व दीर्घायु जीवन की प्रार्थना की।


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