जीवोत्थान - पंचांगम् 01/07/2020,- बुधवार (महर्षि यादवेन्द्र शिक्षा शास्त्री, Rtd RES, भाषात्रयी साहित्यकार) Dainikam Jeevotthan Panchangam, Sanskaritam - दिनांके -(आँग्ल) 01/07/2020,-बुधवार राष्ट्रीय भारतीय दिनांक -10 /04/1942 10आषाढ 1942) भारतीय पंचांगं दिनांक 26/04/2077 ( इसे यहाँ निम्नानुसार लिखा है - सूर्योदयी तिथि सौरतः कृष्ण पक्षतः या गताग्र /पूर्णिमांत चैत्रादि मास /विक्रम संवत्|तिथि /मास में वृद्धि पर +, क्षय पर - अंकित, स्थानीय व्यवस्था) वर्षा ऋतु। दक्षिणायन ।
तिथि एकादशी17:29:00 तक।
पक्ष शुक्ल नक्षत्र विशाखा26:33:09* योग सिद्ध11:15:39 करण वणिज06:38:24 करणविष्टि भद्रा 17:29:00 करण बव 28:21:28* वार बुधवार माह (अमावस्यांत)आषाढ माह (पूर्णिमांत)आषाढ चन्द्र राशि तुला 20:54:56तक।
चन्द्र राशि वृश्चिक 20:54:56 से।
विक्रम संवत् 2077 शाकाब्द 1942 सूर्योदय05:51:26 सूर्यास्त19:26:48 दिन काल13:35:22 रात्री काल10:24:59 चंद्रोदय15:41:20 चंद्रास्त27:06:14* लग्न सूर्योदय मिथुन15°30' , सूर्य नक्षत्र आर्द्रा आज नामकरण चन्द्र नक्षत्र विशाखा पद, चरण1 ती विशाखा09:39:58 2 तू विशाखा15:17:14 3 ते विशाखा20:54:56 4 तो विशाखा26:33:09* मुहूर्त राहुकाल12:39 - 14:21 यमघंटा07:33 - 09:15 अभिजित् 12:12 -13:06 दूर मुहूर्त12:12 - 13:06 चोघडिया, दिन लाभ05:51 - 07:33 अमृत07:33 - 09:15 काल09:15 - 10:57 शुभ10:57 - 12:39 रोग12:39 - 14:21 उद्वेग14:21 - 16:03 चर16:03 - 17:45 लाभ17:45 - 19:27 चोघडिया, रात उद्वेग19:27 - 20:45 शुभ20:45 - 22:03 अमृत22:03 - 23:21 चर23:21 - 24:39* रोग24:39* - 25:57* काल25:57* - 27:16* लाभ27:16* - 28:34* उद्वेग28:34* - 29:52* +++++++++++++++++++ होरा, दिन बुध05:51 - 06:59 चन्द्र06:59 - 08:07 शनि08:07 - 09:15 बृहस्पति09:15 - 10:23 मंगल10:23 - 11:31 सूर्य11:31 - 12:39 शुक्र12:39 - 13:47 बुध13:47 - 14:55 चन्द्र14:55 - 16:03 शनि16:03 - 17:11 बृहस्पति17:11 - 18:19 मंगल18:19 - 19:27 होरा, रात सूर्य19:27 - 20:19 शुक्र20:19 - 21:11 बुध21:11 - 22:03 चन्द्र22:03 - 22:55 शनि22:55 - 23:47 बृहस्पति23:47 - 24:39* मंगल24:39* - 25:31* सूर्य25:31* - 26:23* शुक्र26:23* - 27:16* बुध27:16* - 28:08* चन्द्र28:08* - 28:59* शनि28:59* - 29:52* ++++++++++++++++ आकाशदर्शन/स्वाध्याय बोध , देवशयनी एकादशी व्रत ।
कागज, कपड़ा उद्योग, शिक्षा-प्रशिक्षण -तकनीकी एवं विद्वत् सज्जन में किसी प्रकरण में नव चिंतन । ग्राफिक्स सुधार पर।
। ############## *अन्तिम कालम अन्त समाप्तिकाल है।
*समय आधी रात के बाद, लेकिन अगले दिन के सूर्योदय से पहले। तिथि - वार- नक्षत्र - योग - करण पंचांग में किसी के अशुभ प्रभाव में शुभाधिक्यता में सुयोग की तथा भद्रादि के यथा परिहार की मान्यता प्रचलित। कहीं स्थानीय यथाव्यवस्था देशाचारीय मान्यता से व्रतपर्वोत्सवोंकी व्यावहारिकता प्रचलित । जीवोत्थान स्थानीय देशान्तर - अक्षांश पर संगणित। विशेषार्थ आपके स्थलीय पंचांग दृष्टव्य।
