जीवोत्थान - पंचांगम् 01/07/2020,- बुधवार  

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Published on : 30 Jun, 20 12:06

महर्षि यादवेन्द्र शिक्षा शास्त्री, Rtd RES, भाषात्रयी साहित्यकार

जीवोत्थान - पंचांगम् 01/07/2020,- बुधवार  

जीवोत्थान - पंचांगम् 01/07/2020,- बुधवार  
(महर्षि यादवेन्द्र शिक्षा शास्त्री, Rtd RES, भाषात्रयी साहित्यकार) 
Dainikam Jeevotthan Panchangam, Sanskaritam - 
दिनांके -(आँग्ल) 01/07/2020,-बुधवार 
राष्ट्रीय भारतीय दिनांक -10 /04/1942
10आषाढ 1942)
भारतीय पंचांगं दिनांक
26/04/2077
( इसे यहाँ निम्नानुसार लिखा है - सूर्योदयी तिथि सौरतः कृष्ण पक्षतः या गताग्र /पूर्णिमांत चैत्रादि मास /विक्रम संवत्|तिथि /मास में वृद्धि पर +, क्षय पर - अंकित, स्थानीय व्यवस्था) 
वर्षा ऋतु। दक्षिणायन ।
तिथि एकादशी17:29:00 तक। 
पक्ष शुक्ल
नक्षत्र विशाखा26:33:09*
योग सिद्ध11:15:39
करण वणिज06:38:24
करणविष्टि भद्रा 17:29:00
करण बव 28:21:28*
वार बुधवार
माह (अमावस्यांत)आषाढ
माह (पूर्णिमांत)आषाढ
चन्द्र राशि  तुला 20:54:56तक।
चन्द्र राशि  वृश्चिक 20:54:56 से। 
विक्रम संवत् 2077
शाकाब्द 1942 
सूर्योदय05:51:26
सूर्यास्त19:26:48
दिन काल13:35:22
रात्री काल10:24:59
चंद्रोदय15:41:20
चंद्रास्त27:06:14*
लग्न सूर्योदय  मिथुन15°30' ,
सूर्य नक्षत्र आर्द्रा 
आज नामकरण 
चन्द्र नक्षत्र विशाखा पद,
चरण1 ती विशाखा09:39:58
2 तू विशाखा15:17:14
3 ते विशाखा20:54:56
4 तो विशाखा26:33:09*
मुहूर्त 
राहुकाल12:39 - 14:21
यमघंटा07:33 - 09:15
अभिजित् 12:12 -13:06
दूर मुहूर्त12:12 - 13:06
चोघडिया, दिन
लाभ05:51 - 07:33
अमृत07:33 - 09:15
काल09:15 - 10:57
शुभ10:57 - 12:39
रोग12:39 - 14:21
उद्वेग14:21 - 16:03
चर16:03 - 17:45
लाभ17:45 - 19:27
चोघडिया, रात
उद्वेग19:27 - 20:45
शुभ20:45 - 22:03
अमृत22:03 - 23:21
चर23:21 - 24:39*
रोग24:39* - 25:57*
काल25:57* - 27:16*
लाभ27:16* - 28:34*
उद्वेग28:34* - 29:52*
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होरा, दिन
बुध05:51 - 06:59
चन्द्र06:59 - 08:07
शनि08:07 - 09:15
बृहस्पति09:15 - 10:23
मंगल10:23 - 11:31
सूर्य11:31 - 12:39
शुक्र12:39 - 13:47
बुध13:47 - 14:55
चन्द्र14:55 - 16:03
शनि16:03 - 17:11
बृहस्पति17:11 - 18:19
मंगल18:19 - 19:27
होरा, रात
सूर्य19:27 - 20:19
शुक्र20:19 - 21:11
बुध21:11 - 22:03
चन्द्र22:03 - 22:55
शनि22:55 - 23:47
बृहस्पति23:47 - 24:39*
मंगल24:39* - 25:31*
सूर्य25:31* - 26:23*
शुक्र26:23* - 27:16*
बुध27:16* - 28:08*
चन्द्र28:08* - 28:59*
शनि28:59* - 29:52*
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आकाशदर्शन/स्वाध्याय बोध , देवशयनी एकादशी व्रत । कागज, कपड़ा उद्योग, शिक्षा-प्रशिक्षण -तकनीकी एवं  विद्वत् सज्जन में किसी प्रकरण में  नव चिंतन । ग्राफिक्स सुधार पर। । ##############
*अन्तिम कालम अन्त  समाप्तिकाल है।   
*समय आधी रात के बाद, लेकिन अगले दिन के सूर्योदय से पहले। तिथि - वार- नक्षत्र - योग - करण पंचांग में किसी के अशुभ प्रभाव में शुभाधिक्यता में सुयोग की तथा भद्रादि के यथा परिहार की मान्यता प्रचलित। कहीं स्थानीय यथाव्यवस्था देशाचारीय मान्यता से व्रतपर्वोत्सवोंकी व्यावहारिकता प्रचलित । जीवोत्थान स्थानीय देशान्तर - अक्षांश पर संगणित। विशेषार्थ आपके स्थलीय पंचांग दृष्टव्य। 


साभार :


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