दैनिक - पञ्चाङ्गम्, 24/05/2020,- रविवार

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23 May 20
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दैनिक - पञ्चाङ्गम्, 24/05/2020,- रविवार
Dainikam Jeevotthan Panchangam, Sanskaritam -
दिनांक - 24/05/2020,- रविवार
राष्ट्रीय भारतीय दिनांक - 03/03/1942
03-ज्येष्ठ 1942)
सौर ज्येष्ठ , शुक्ल पक्ष
द्वितीया तिथि ,
तिथि द्वितीया25:00:09*
पक्ष शुक्ल
नक्षत्र मृगशीर्षा30:08:41*
योग सुकर्मा06:23:13 तक।
करण बालव12:41:32तक।
करण कौलव25:00:09*
वार रविवार
माह (अमावस्यांत)ज्येष्ठ
माह (पूर्णिमांत)ज्येष्ठ
चन्द्र राशि वृषभ 17:32:48 तक।
चन्द्र राशि मिथुन 17:32:48 से।
सूर्य राशि वृषभ
ग्रीष्म ऋतु। उत्तर गोलायन।
विक्रम संवत् 2077
शाकाब्द संवत1942
सूर्योदय05:49:21
सूर्यास्त19:15:03
दिन काल13:25:41
रात्री काल 10:34:01
चंद्रोदय06:54:49
चंद्रास्त20:51:26
लग्न सूर्योदयी वृषभ9°10' ,
सूर्य नक्षत्र कृत्तिका
चन्द्र नक्षत्र मृगशीर्ष पद,
चरण1 वे मृगशीर्ष 11:12:30 तक।
2 वो मृगशीर्ष 17:32:48
3 का मृगशीर्ष 23:51:33
मुहूर्त
राहु काल17:34 - 19:15अशुभ
यमघंटा12:32 - 14:13अशुभ
अभिजित् 12:05 -12:59शुभ
दूर मुहूर्त17:28 - 18:21अशुभ
चोघडिया, दिन
उद्वेग05:49 - 07:30अशुभ
चर07:30 - 09:11शुभ
लाभ09:11 - 10:51शुभ
अमृत10:51 - 12:32शुभ
काल12:32 - 14:13अशुभ
शुभ14:13 - 15:54शुभ
रोग15:54 - 17:34अशुभ
उद्वेग17:34 - 19:15अशुभ
चोघडिया, रात
शुभ19:15 - 20:34शुभ
अमृत20:34 - 21:54शुभ
चर21:54 - 23:13शुभ
रोग23:13 - 24:32*अशुभ
काल24:32* - 25:51*अशुभ लाभ25:51* - 27:11*शुभ
उद्वेग27:11* - 28:30*अशुभ शुभ28:30* - 29:49*शुभ
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आकाशदर्शन/स्वाध्याय बोध - चंद्र दर्शन, रोहिणी में सूर्य, बुध मिथुन राशि में। । सूर्यास्त के आसपास पश्चिम में बुध तथा शुक्र देखे जा सकते हैं।
दक्षिण दिशा तथा N, y, , h d, A L the A CHवर्ण प्रभावित। उपयोगी, मनोरंजकोपकरणों /वस्तुओं की सुरक्षा क्रम लाभद । तपन योग। चिकित्सा तकनीकी एवं न्याय विद्वत् सज्जन में नवाचार ।नाक - मस्तिष्क पर मौसमी प्रभाव। वृषार्क, ,
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*अन्तिम कालम अन्त समाप्तिकाल है।
*समय आधी रात के बाद, लेकिन अगले दिन के सूर्योदय से पहले। तिथि - वार- नक्षत्र - योग - करण पंचांग में किसी के अशुभ प्रभाव में शुभाधिक्यता में सुयोग की तथा भद्रादि के यथा परिहार की मान्यता प्रचलित। कहीं स्थानीय यथाव्यवस्था देशाचारीय मान्यता से व्रतपर्वोत्सवोंकी व्यावहारिकता प्रचलित । जीवोत्थान स्थानीय देशान्तर - अक्षांश पर संगणित। विशेषार्थ आपके स्थलीय पंचांग दृष्टव्य।

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