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संगीत की वादियों में उडे अहसासों के परिंदे

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13 Feb, 18 08:17
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उदयपुर। धुन बजी, सुर सजे और अपरिचित लेकिन कर्णपिय साज नए तराने लेकर आए तो संगीत की वादियों में अहसासों के परिंदे उडने लगे। संगीत पिपासु कभी मीठी-ठंडी बयार में कभी पे*म के झरने में भीग आए तो कभी यादों की जुगाली करते हुए अतीत को छोड फिर से खुद से खुद का रिश्ता जोड आए। मौका था गांधी ग्राउंड में शनिवार को सजी उदयपुर वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल की दूसरी शाम का जिसमें थाइलैण्ड के एशिया सेवन, नेपाल के बिपुल छेत्री एंड ट्रेवलिंग बैण्ड, भारत के हिन्दी पॉप बैण्ड अस्तित्व और फ्रांस के इलेक्ट्रिक जैज बैण्ड नो जैज की प्रस्तुतियों का।

थाईलैड के मशहूर बैण्ड एशिया-7 के कलाकारों ने धमाकेदार प्रस्तुति से की। कलाकारों ने सेक्सोफोन, गिटार, की-बोर्ड, बास, ड्रम सेट, थाई डुंग और फिन वाद्ययंत्रों के फोक, फ्यूजन, जैज, ग्रुव का रंग जमा दिया। लीड सिंगर एमोर्नफेट ने थाई भाषा की बंदिशों को आवाज दी तो दर्शक ताल से ताल मिलाने लगे।

उसके बाद बिपुल छेत्री ने पहाडी संगीत, दार्जलिंग का फ्यूजन और नेपाली भाषा के गीत सुनाए। सारंगी, तुंगना, ड्रम, की-बोर्ड, मेलोडी कॉर्ड जैसे वाद्य यंत्रों के साथ शानदार जुगलबंदी की तो दर्शक नाच उठ। उन्होंने कहा कि संगीत अच्छा हो तो भाषा मायने नहीं रखती, सीधे दिल में उतर जाता है। उनके गीत, असार, वाइल्ड फायर, राम साही, माउन्टेन हाई, अल्ला रे जोबन, मतलब लापरवाह युवा मन, जो कि दिल की आवाज को तालियों का खूब साथ मिला। इसके बाद अस्तित्व के सलमान खान और जमाल खान नियाजी की प्रख्यात जोडी फ्यूजन की सौगात लेकर आई। पाश्चातय और शास्त्रीय गानों के अल्फाजों में अच्छी हिंदी और उर्दू के मिश्रण ने कानों में मिसरी घोल दी। राजस्थानी मांड केसरिया बालम, अपने अंदाज में सुनाया तो अब तक दिल थामे बैठे रसिक भी थिरकने वालों में शामिल हो गए। सूफियाना टच लिए गाने पतंग डोर बन जाएंगे,ढूंढने पंछियों की गली हम दूर निकल जाएंगे, दिल बंजारा पर लगा जैसे संगीत कोरस दर्शक दीर्घा के हर आखिरी श्रोता तक पहुंच गया हो। पहली बार नया गाना तू ही बता ए खुदा और रोजाना से सभी को सरपाइज दिया।

खींचे चले आए रसिक श्रोता

हिंदुस्तान जिंक, राजस्थान टूरिज्म और वंडर सीमेंट के साझे में हो रहे इस संगीत महाकुंभ की संकल्पना और प्रोडक्शन सहर ने किया है। फेस्टिवल के निदेशक सहर संस्थान के संजीव भार्गव ने बताया कि वर्ल्ड म्यूजिक फेस्टिवल की प्रस्तुतियों को सुनने के लिए गांधी ग्राउंड में शाम से पहले ही लोगों के आने का क्रम शुरू हो गया। विशेष रूप से बनाए गए स्टेज के अलावा लोगों को जहां जगह मिली, वहीं पर बैठकर खडे होकर कार्यक्रम का लुत्फ उठाया। कई बार-वन्स मोर गूंजा तो हर प्रस्तुति पर कलाकारों को दाद मिली।

समापन आज, ये रहेंगे मुख्य आकर्षण

फेस्टिवल के निदेशक सहर के संजीव भार्गव ने बताया कि रविवार 11 फरवरी को प्रातः 8 बजे के सत्र में आमेट की हवेली, अमराइ घाट पर अरुणा श्रीराम और डोमेनिक वेलार्ड, दोपहर को फतहसागर पर स्विटरलैण्ड के अमीने व हामजा, भारत के अंकुर तिवारी की प्रस्तुतियां होंगी। शाम को गांधी ग्राउंड में समापन समारोह होगा जिसमें फिलिपाइंस के द रेन्सम कलेक्टिव, भारत के आनंद भास्कर कलेक्टिव, बटरिंग ट्रायो इजराइल स्पेन के सारंगो दल की प्रस्तुतियां होंगी।
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