पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत नगर निगम उदयपुर की सीमा में शामिल की गई ग्राम पंचायतों की पत्रावलियों, दायित्वों के हस्तांतरण को लेकर जिला कलक्टर नमित मेहता ने बुधवार को नगर निगम और जिला परिषद अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक ली।
जिला परिषद सीईओ रिया डाबी ने अवगत कराया कि पंचायत समिति गिर्वा की 11 ग्राम पंचायतें पूर्ण रूप से तथा 2 आंशिक, बड़गांव की 5 ग्राम पंचायतें पूर्ण व 5 आंशिक तथा कुराबड़ पंचायत समिति की 1 ग्राम पंचायत आंशिक रूप से नगर निगम की सीमा में शामिल की जा रही है। इसमें पंचायत समिति गिर्वा की ग्राम पंचायत बलीचा, धोल की पाटी, सविना ग्रामीण, देवाली ग्रामीण, तितरड़ी, देबारी, बेडवास, कलड़वास, मनवाखेड़ा, कानपुर व भोईयों की पंचोली पूर्ण रूप से तथा ग्राम पंचायत सीसारमा का राजस्व गांव सीसारमा और ग्राम पंचायत मटुन के राजस्व ग्राम खेड़ा कानुपुरा, मटुन, पनवाड़ी, कमलोद व खरबडिया नगर निगम में शामिल हो रहे हैं। इसी प्रकार बड़गांव पंचायत समिति में ग्राम पंचायत बेदला, भुवाणा, शोभागपुरा, ढीकली व रेबारियों का गुड़ा पूर्ण रूप से तथा ग्राम पंचायत बड़गांव का राजस्व गांव बड़गांव, बड़ी का हवालाकलां व हवाला खुर्द, बेदला खुर्द का बेदला खुर्द, सापेटिया का सापेटिया व सुखेर एवं अंबेरी का राजस्व गांव अंबेरी नगर निगम का अंग होगा। पंचायत समिति कुराबड़ की ग्राम पंचायत जिंक स्मेल्टर के राजस्व गांव झरनों का सराय, जिंक स्मेल्टर एवं नलाफला भी नगर निगम में शामिल रहेंगे।
जिला कलक्टर ने उक्त ग्राम पंचायतों के हस्तांतरण को लेकर अब तक प्रगति और तैयार पत्रावलियों का अवलोकन किया। उन्होंने सभी तरह की पत्रावलियां, पट्टे, पूर्ण एवं प्रगतिरत विकास कार्यों का विवरण मय बजट, लाइबिलिटी आदि का संपूर्ण ब्यौरा तैयार कर जिला अधिकारी स्तर पर हस्तांतरित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह संपूर्ण प्रक्रिया आगामी एक सप्ताह में पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना, प्रशिक्षु आईएएस व बड़गांव बीडीओ सृष्टि डबास, जिला परिषद के अतिरिक्त विकास अधिकारी राजेंद्र शर्मा आदि उपस्थित रहे।