अखिल  भारतीय कृषिरत महिला अनुसन्धान  परियोजना की कृषि विकास में अहम् भूमिका-डॉ अजीत कर्नाटक  

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Published on : 02 Dec, 22 14:12

अखिल  भारतीय कृषिरत महिला अनुसन्धान  परियोजना की कृषि विकास में अहम् भूमिका-डॉ अजीत कर्नाटक  

 महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर के अनुसंधान निदेशालय में अखिल भारतीय कृषिरत  महिला अनुसंधान परियोजना की  पंचवर्षीय समीक्षा दल बैठक का आयोजन किया गया |  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ अजीत कुमार कर्नाटक, कुलपति ,महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय, डॉ आर के सामंता, समीक्षा दल चेयरमैन, डॉ महालक्ष्मी रेड्डी व रश्मि सिंह, समीक्षा दल सदस्य, एवं डॉ ऐ के पांडा, सदस्य सचिव ने परियोजना की समीक्षा की|  
डॉ अजीत कुमार कर्नाटक माननीय कुलपति ने अपने उद्बोधन में महिला सशक्तिकरण का महत्व बताते हुए अलग-अलग क्षेत्र में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताय। डॉ एस के शर्मा ,निदेशक अनुसंधान ने अतिथियों का स्वागत करते हुए परियोजना द्वारा 5 वर्षों में किए कार्यों के बारे में बताया व कहा कि नवाचारो का गांव तक पहुंचना बहुत महत्वपूर्ण है।  बैठक के चेयरमैन डॉ आर के सामंता  ने प्रारंभ में परिचयात्मक टिप्पणी में  महिलाओं के लिए नवाचारों के बाजारीकरण करने को आज की आवश्यकता बताया और अनुसंधानों  के परिणामों को सहज उपलब्ध करने के लिए प्रेरित किया |  
डॉ विशाखा बंसल, इकाई समन्वयक ने परियोजना के उद्देश्य व कार्य योजना के बारे में बताया व आगे किए जाने वाले कार्य की रूपरेखा बताई |   डॉ मीनू श्रीवास्तव ,अधिष्ठाता ,सी सी ए एस ने कहा की महाविद्यालय द्वारा ग्रामीण महिलायौं के विकास की परियोजना द्वारा विभिन गांवों में तकनिकियौं का प्रचार प्रसार किया जाया है| तकनीकी सत्र के दौरान डॉ विशाखा बंसल, डॉ सुधा बाबेल, डॉ गायत्री तिवारी एवं डॉ विशाखा सिंह ने 5 वर्षों में किए गए अनुसंधान कार्य के परिणामों को प्रस्तुत किया | डॉ ऐ के पांडा, सदस्य सचिव ने  समापन टिपण्णी में अनुसंधानों का सार प्रस्तुत किया  |अंत में डॉ विशाखा बंसल, इकाई समन्वयक ने धन्यवाद ज्ञापित किय।  कार्यक्रम में डॉ सुमित्रा मीणा, डॉ कुसुम शर्मा, डॉ सीमा डांगी, डॉ स्नेहा जैन व चारु नागर ने किये गए कार्यों  की प्रदर्शनी लगाई|

 


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