बेसिक नेओनेटल रीससीटेशन कार्यशाला का गीतांजली हॉस्पिटल में हुआ आयोजन

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Published on : 23 May, 22 14:05

बेसिक नेओनेटल रीससीटेशन कार्यशाला का गीतांजली हॉस्पिटल में हुआ आयोजन

भारतवर्ष में नवजात शिशु एवं बाल मृत्युदर काफ़ी ज़्यादा है इसे मद्देनजर रखते हुए गीतांजली मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में इंडियन एकेडमी ऑफ़ पीडियाट्रिक्स व नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम के तत्वाधान में बेसिक नेओनेटल रीससीटेशन कार्यशाला का आयोजन किया गया|

बालविभागद्यक्ष डॉ देवेंद्र सरीन के अनुसार इस कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ को नवजात के पैदा होते ही पहले मिनट का संचालन सुचारू रूप से हो ताकि बच्चा जन्म लेते ही रोये और उसके किसी तरह का विकार ना हो जिससे उसे भविष्य में कोई भी दिक्कत न हो|

नवजात शिशु इकाई के इंचार्ज डॉ सुशील गुप्ता के अनुसार इस कार्यशाला में विख्यात फैकल्टीस को भी आमंत्रित किया गया जिनके द्वारा चार सेशन हुए पहला जन्म की तैयारी व दूसरा नियमित देखभाल तथा प्रारंभिक चरण- अवलोकन संबंधी देखभाल| तीसरा ब्रीफ वेंटिलेशन, सामान्य हृदय गति के साथ लंबे समय तक वेंटिलेशन तथा धीमी हृदय गति के साथ लंबे समय तक वेंटिलेशन| चौथा प्रदर्शन मूल्यांकन जिसमें प्रशिक्षक द्वारा पहले प्रदर्शन करने के पश्चात् सभी प्रतिभागियों द्वारा टेस्ट लिया गया|

दीप प्रज्वलन के पश्चात आगंतुकों का स्वागत डॉ देवेंद्र सरीन ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वाईस चांसलर डॉ ऍफ़.एस.मेहता ने आशा व्यक्त की कि इस वर्कशॉप में डॉक्टर्स और नर्सेस ट्रेनिंग लेने के पश्चात् सुदूर क्षेत्रों में जैसे कि ग्रामीण, आदिवासी क्षेत्रों में जाकर उन लोगों को शिक्षित करें जिससे बाल व नवजात शिशु मृत्युदर में कमी लाने में सक्षम हों|

कार्यक्रम अध्यक्षा एडिशनल प्रिंसिपल डॉ मनजिंदर कौर ने इस वर्कशॉप को चिकित्सकों एवं नर्सेस सभी के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

विशिष्ट अतिथि सी.ई.ओ श्री प्रतीम तंबोली ने बताया की भविष्य में भी ऐसी कार्यशालाएं गीतांजली में आयोजित होती रहेंगी।

इस अवसर पर एन.एन.एफ के राजस्थान के अध्यक्ष डाक्टर धनंजय मंगल ने बताया की एन.एन.एफ राज्य स्तर पर ऐसी एकेडमिक गतिविधियां करने को कृतबद्ध है।

कार्यक्रम में विशेष रूप से अधीक्षिका डॉ सुनीता दशोतर एवं पैरामेडिकल डॉयरेक्टर डॉ जी.एल.दाढ़ एवं विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष भी उपस्थित थे।

फैकल्टी में डॉ अनुराधा सनाढ्य, डॉ नीतू बेनीवाल, डॉ धीरज दिवाकर, डॉ दिलीप गोयल, डॉ कपिल श्रीमाली एवं डॉ अविनाश बोथरा थे।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट वितरित किये गए|

धन्यवाद की रस्म डॉ सुशील गुप्ता ने अदा की तथा कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ अंजली व्यास द्वारा किया गया।


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