समुदाय कल्याण वेदांता केयर्स की प्रमुखता में- वित्त वर्ष 2021 में सीएसआर पर 331 करोड़ का खर्च

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Published on : 21 Jul, 21 15:07

पिछले वित्तीय वर्ष में कंपनी का सीएसआर खर्च वैधानिक आवश्यकता से 28 प्रतिशत अधिक

समुदाय कल्याण वेदांता केयर्स की प्रमुखता में- वित्त वर्ष 2021 में सीएसआर पर 331 करोड़ का खर्च

 

-शिक्षा, स्वास्थ्य, सतत आजीविका, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण सरंक्षण है प्राथमिकता

नई दिल्ली/ माईन, मेटल, आॅयल एवं गैस का प्रमुख उत्पादक वेदांता समूह समुदाय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप प्रमुखता से समुदाय कल्याण पर केंद्रित कर रहा है। वित्त वर्ष 2021 में कंपनी द्वारा 331 करोड रूपये व्यय किये है जो कि वैधानिक आवश्यकता से 28 प्रतिशत यानि 93 करोड रूपयें अधिक है। इन वर्षों में, वेदांता ने देश में सबसे अधिक ख्यातिप्राप्त और प्रभावशाली सीएसआर कार्यक्रमों को संचालित किया है। वित्त वर्ष 2020 के दौरान, कंपनी द्वारा सीएसआर पहलों हेतु 296 करोड़ रुपये खर्च किए गये थे।

इंडिया इंक के अनुसार कंपनी का सीएसआर खर्च सबसे अधिक है, जो कि शिक्षा, स्वास्थ्य, स्थायी आजीविका, महिला सशक्तिकरण, खेल और संस्कृति, पर्यावरण और सामुदायिक विकास के मुख्य प्रभाव क्षेत्रों में किया गया है। समूह के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, समूह की प्रत्येक व्यावसायिक इकाई ने संबंधित सीएसआर एजेंडा को क्रियान्वित करके अपनी भूमिका निभाई है। वेदांता अपने व्यवसाय को सामाजिक जिम्मेदारी, नैतिक और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध है और अपने परिचालन क्षेत्रों में और आसपास के समुदायों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में लगातार कार्यरत है।

वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि, ‘‘वेदांता सुस्थापित विरासत है और हम हमारें कार्यक्षेत्र के आस पास समुदायों के सामाजिक हित में पुनर्निवेश करने की प्रतिबद्धता है। हमारा मानना है कि केंद्र और राज्य सरकारों के सहयोग से हमारे प्रयास आमजन को सकारात्मक रूप से लाभान्वित कर एकीकृत और समावेशी विकास में योगदान दे रहे हैं। हम कोविड 19 से राहत एवं बचाव लिये सरकार के सहयोग में अग्रणी रहे हैं। फील्ड अस्पतालों की स्थापना राज्यों के जिला अस्पतालों को प्रदान की जाने वाली सबसे महत्वपूर्ण और प्रासंगिक सहायता में से एक है। कर्मचारियों, परिवारों और व्यापार भागीदारों के लिए मेगा टीकाकरण अभियान पर हमारे प्रयास ने समुदायों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित की है।”

वेदांता के अनिल अग्रवाल फाउंडेशन द्वारा पहल कर हाल ही में स्वस्थ गांव अभियान की घोषणा की है जिसके तहत् 12 राज्यों के 24 जिलों में समुदायों को संपूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए अगले पांच वर्षों में 5,000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है।

महिलाओं और बच्चों के लिए वेदांता की प्रमुख पहल, नंद घर ने 11 राज्यों में 2,400 नंद घरों की स्थापना के साथ माॅडल आंगनवाडी के पारिस्थिमिकी तंत्र का मार्ग प्रशस्त कर एक नये मील का पत्थर स्थापित किया है। इस पहल का उद्देश्य 7 करोड़ बच्चों और 2 करोड़ महिलाओं के जीवन को लाभान्वित करना है।

वेदांता ने कोविड 19 के संकट के दौरान समुदाय की सहायता के लिये महत्वपूर्ण पहल जिसमें कर्मचारियों, उनके परिवारों और स्थानीय समुदायों के लिए सुरक्षा, प्रवासी श्रमिकों की मदद, पशुओं को आहार, कोविड के कारण एकांत में रहने को मजबूर समुदायों को राशन की आपूर्ति, कोविड योद्धाओं को पीपीई की आपातकालीन आपूर्ति के लिए मशीनें उपलब्ध कराई है। वेदांता ने लगभग 25 लाख भोजन और राशन किट, एवं 7 लाख से अधिक स्वास्थ्य और स्वच्छता किट वितरित किए। दूसरी लहर के दौरान, वेदांता की व्यावसायिक इकाइयों ने वेंटिलेटर जैसी महत्वपूर्ण देखभाल मशीनों सहित चिकित्सा उपकरण प्रदान करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के साथ मिलकर सहयोग किया और कोविड रोगियों के लिए 20 लाख लीटर से अधिक ऑक्सीजन की आपूर्ति की है। स्वास्थ्य के बुनियादी सुविधा को बढ़ाने के लिए, वेदांता ने देश भर में कोविड रोगियों के लिए 10 फील्ड अस्पताल स्थापित किए हैं। कंपनी विभिन्न समुदायों के लिए सुरक्षा और हित सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। अपने आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल के हिस्से के रूप में, कंपनी के कोविड योद्धा महामारी की किसी भी तीसरी लहर के मामले में पूर्व संज्ञान और निवारक उपाय कर रहे हैं।


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