आरएलडीए ने राजस्थान के सवाई माधोपुर में 4,000 स्क्वायर मीटर खाली भूखंड को लीज पर देने के लिए आमंत्रित की ई-बोलियां

( 7020 बार पढ़ी गयी)
Published on : 07 Jun, 21 08:06

- ऑनलाइन प्री-बिड मीटिंग 8 जून 2021 को होगी आयोजित, निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 26 जुलाई 2021 है

आरएलडीए ने राजस्थान के सवाई माधोपुर में 4,000 स्क्वायर मीटर खाली भूखंड को लीज पर देने के लिए आमंत्रित की ई-बोलियां

सवाई माधोपुर: रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) ने राजस्थान के सवाई माधोपुर में कमर्शियल डेवलपमेंट के लिए रेलवे की 4,000 स्क्वायर मीटर खाली जमीन को लीज पर देने हेतु ऑनलाइन रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफ़पी) जारी किया है। यह साइट पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा डिवीजन में सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर -1 की तरफ बने जीआरपी थाना के पास अवस्थित है। यह सड़क मार्ग के माध्यम से शहर के विभिन्न हिस्सों में अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। यह भूखंड 4,000 स्क्वायर मीटर में फैला है और 2.0 के बिल्ट-अप एरिया रेशियो (बीयूएआर) के साथ इसका बिल्ट-अप एरिया (बीयूए) 8,000 स्क्वायर मीटर है। जमीन का आरक्षित मूल्य 13.50 करोड़ रुपए है और इसे 45 वर्षों के लिए लीज पर दिया जाएगा। ऑनलाइन प्री-बिड मीटिंग 8 जून 2021 को आयोजित होगी और निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 26 जुलाई 2021 है। 

राजस्थान के पूर्वी भाग में स्थित सवाई माधोपुर को रणथंभौर का प्रवेश द्वार माना जाता है। यहां रणथंभौर वर्ल्ड हेरिटेज साइट स्थित है जिसका ऐतिहासिक महत्व है। यह साइट उत्तर दिशा में निजी घरों, दुकानों और रेलवे क्वार्टरों, पूर्व दिशा में खाली पड़ी जमीन और रेलवे भवनों, दक्षिण दिशा में एक रेलवे स्टेशन और पश्चिम दिशा में जीआरपी थाने से घिरा हुआ है।
आरएलडीए के वाइस-चेयरमैन श्री वेद प्रकाश डुडेजा ने कहा, “सवाई माधोपुर एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। प्रस्तावित कमर्शियल डेवलपमेंट पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देगा, रियल एस्टेट की कीमतों को बढ़ाएगा और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक विकास सुनिश्चित करेगा। साथ ही, स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अपेक्षित सरकारी प्रयास को देखते हुए, साइट को मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।"

ठेकेदार को स्थानीय भवन उपनियमों के अनुसार डेवलपमेंट की अनुमति दी जाएगी और उन्हें साइट प्लान के अनुसार डेवलपमेंट के लिए सभी आवश्यक मंजूरी प्राप्त करना होगा। उसे किसी भी वैध गतिविधि के लिए बिल्ट-अप एरिया को मार्केट करने और सब-लीज पर देने की अनुमति दी जाएगी।
सवाई माधोपुर दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में है। उत्तर दिशा में बनास नदी और पूर्व दिशा में परबती नदी से घिरे इस खूबसूरत शहर का नाम जयपुर के महाराजा सवाई माधो सिंह-प्रथम के नाम पर रखा गया है। उन्होंने ही इस शहर की योजना बनाई थी। 

आरएलडीए के बारे में
रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) रेलवे भूमि के विकास के लिए रेल मंत्रालय के अंतर्गत एक संवैधानिक प्राधिकरण है। वर्तमान में आरएलडीए चार प्रकार के प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन लीज पर दे रही है। इसमें कमर्शियल/रेजीडेंसियल साइट्स, कॉलोनी पुनर्विकास, स्टेशन पुनर्विकास और मल्टी फंक्शनल कम्प्लेक्स शामिल हैं। 
वर्तमान में, भारतीय रेलवे के पास पूरे भारत में लगभग 43,000 हेक्टेयर खाली भूमि है। आरएलडीए वर्तमान में 84 रेलवे कॉलोनी पुनर्विकास परियोजनाओं को संभाल रहा है और हाल ही में पुनर्विकास के लिए गुवाहाटी में एक रेलवे कॉलोनी को लीज पर दिया है। आरएलडीए के पास लीज पर देने के लिए देश भर में 84 कमर्शियल (ग्रीनफ़ील्ड) साइटें हैं, और प्रत्येक के लिए पात्र डेवलपर्स को एक खुली और पारदर्शी बोली प्रक्रिया के माध्यम से चुना जाएगा।

आरएलडीए वर्तमान में 60 स्टेशनों पर चरणबद्ध तरीके से काम कर रहा है, जबकि इसकी सहायक कंपनी, आईआरएसडीसी अन्य 63 स्टेशनों पर कार्य कर रही है। पहले चरण में, आरएलडीए ने पुनर्विकास के लिए नई दिल्ली, तिरुपति, देहरादून, नेल्लोर, कटक और पुडुचेरी जैसे प्रमुख स्टेशनों को प्राथमिकता दी है। भारत सरकार द्वारा शुरू की गई स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के एक हिस्से के रूप में भारत भर के रेलवे स्टेशनों को पीपीपी मॉडल पर पुनर्विकास किया जाएगा।


साभार :


© CopyRight Pressnote.in | A Avid Web Solutions Venture.