अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति विदा हुआ प्रमादी संवत

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Published on : 13 Apr, 21 04:04

कोरोना से मुक्ति की प्रार्थना के साथ फतहसागर में हुई गंगा आरती

अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति  विदा हुआ प्रमादी संवत

उदयपुर । अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति द्वारा इस वर्ष आयोजित नव संवत्सर के सांकेतिक कार्यक्रमों के अन्तर्गत आज छठे दिन फतहसागर किनारे भावपूर्ण ढंग से सोसियल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुये नाव से गंगा आरती कर नव संवत्सर 2078 का स्वागत और प्रमादी संवत 2077 को विदा किया गया।

उक्त जानकारी देते हुये अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमावत ने कहा कि सवेरे तक अमावस्या थी उसके बाद प्रतिपदा शुरू हो गयी इसलिये इस कार्यक्रम को प्रातःकाल आयोजित किया गया तथा कोरोना प्रोटोकॉल को ध्यान में रखकर प्रमादी संवत को विदा किया।

उन्होंने इस अवसर पर बताया कि किस प्रकार प्रमादी संवत अधुरा रह गया है और आनंद संवत 15 दिन के साथ लुप्त हो गया जिसे विलुप्त माना जायेगा जिससे विक्रम संवत 2078 राक्षस संवत नाम से जाना जायेगा।  

इस अवसर पर प्रमादी सवंत 2077 को विदा करने के लिये आतिबाजी की गयी। मांगलिक वे धारण कर नवर्वा समारेह समिति के कार्यकर्त्ताओं एवं महिला कार्यकर्त्ताओं ने फतहसागर के जल में पहले गंगा जल को मिलाया फिर उपासना कर फतहसागर के जल का पवित्रीकरण किया गया और जयकारों के बीच गंगा आरती की गयी। कोरोना से मुक्ति हेतु प्रार्थना की गयी।

इस अवसर पर अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमावत, कमलेन्द्र सिंह पंवार, निशचय कुमावत, प्रतीक कुमावत, बानी मजूमदार, ललित कुमावत, डॉ. यज्ञ आमेटा, मनमोहन भटनागर उपस्थित थे।

आज (13 अप्रेल) नव संवत्सर के अवसर पर शहर के प्रमुख चौराहों पर 25 हजार मास्क का होगा वितरण

डॉ. प्रदीप कुमावत ने बताया कि आज (13 अप्रेल) नव संवत्सर के अवसर पर अखिल भारतीय नवर्वा समारोह समिति, भारत विकास परिषद् राजस्थान दक्षिण प्रांत द्वारा आरईएमसीएल के सहयोग आज (13 अप्रेल) 2.50 लाख रूपयें की लागत से ाहर के विभिन्न चौराहों पर 25 हजार मास्क कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार आमजन को वितरित कर नव संवत्सर की शुभकामनाएं प्रेषित की जायेगी व कोरोना से बचाव के लिये जागरूक किया जायेगा।

डॉ. कुमावत ने बताया कि थ्री लेयर मास्क जो मेडिकली किसी भी विशाणु को रोकने के लिये सुरक्षित मास्क बांटे जाएंगे। उन्होंने कहा कि जो लोग सेनेटाईजर से हाथ धोकर, स्वयं तिलकर लगाकर नीम, काली मिर्च, मिश्री का प्रसाद ग्रहण करेंगे उन्हीं को मास्क प्रदान किया जायेगा।

नव सवंत्सर के अवसर पर प्रातःकाल की वैला में नव संवत्सर के स्वागत के लिये रंगोली सजाकर, शंख नाद विभिन्न स्थानों पर किया जायेगा। कार्यक्रम सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित न करके निजी स्थानों पर ही आयोजित किये जाएंगे जहाँ कोरोना के बचाव के संदेश के साथ मंगल ध्वनि जयघोष व कलश पूजन किया जायेगा।

उन्होंने एक बार पुनः मांग दोहराते हुये कहा कि अखिल भारतीय नवर्वा समारोह समिति पूरे र्वाभर विक्रम संवत को राट्रीय संवत घोात कराने के लिये मांग करेगा। क्योंकि मेघनाथ साह ने 1952 में विक्रम संवत को राष्ट्रीय संवत घोषित करने की बात कहीं थी लेकिन उस समय कुछ नहीं हुआ। लेकिन अब बार-बार आग्रह करके विक्रम संवत को राट्रीय संवत घोात करने की मांग की जायेगी। यह अभियान पूरे देश में चलेगा।


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