प्रतीकात्मक रूप से मनाया चेटीचण्ड महापर्व

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Published on : 26 Mar, 20 13:03

नहीं निकली झूलेलाल धर्मयात्रा और चेटीचण्ड की मुख्य शोभायात्रा

प्रतीकात्मक रूप से मनाया चेटीचण्ड महापर्व

भीलवाड़ासिन्धी समुदाय के आराध्यदेव भगवान झूलेलाल जी के प्रकटोत्सव चेटीचण्ड के उपलक्ष में सिन्धी समाज के इतिहास में संभवतः पहली बार शहर में प्रस्तावित झूलेलाल धर्म यात्रा विषयक विशाल वाहन रैली और विभिन्न धार्मिक व शिक्षाप्रद झांकियों से युक्त शोभायात्रा नहीं निकाली जा सकी। शहर भर के सभी झूलेलाल मंदिरों में केवल प्रतीकात्मक रुप बहराणा साहब की स्थापना व ज्योति प्रज्ज्वलन, ध्वजारोहण व छेज इत्यादि से चेटीचण्ड के आयोजन ही किए गए। इस दौरान नई शाम की सब्जी मंडी, भीलवाड़ा के झूलेलाल साहेब मन्दिर में सिन्धी सेण्ट्रल पंचायत के अध्यक्ष श्री रमेश सभनानी, चेलाराम लखवानी, हेमनदास भोजवानी (उस्ताद) के नेतृत्व में सिन्धी समाज जनों ने चेत्र नवरात्रि स्थापना पर वैदिक मंत्रोच्चार से विधिवत घट स्थापना व ध्वजारोहण किया गया। दादा साहिब मन्दिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समाजसेवी कमल वैशनानी व उनके परिजनों द्वारा स्वर्गीय श्री दौलतराम वैशनानी की स्मृति में लगभग 51 हजार रुपयों की लागत से वाटर कूलर व भगवान झूलेलाल की प्रतिमा पर रजत मुकुट की सेवा करवाई गई।
उल्लेखनीय है कि चेटीचण्ड के प्रति सिन्धी समाजजनों विशेषकर युवाओं के उत्साह का ये आलम रहता है कि उनका वर्ग विशाल आयोजनों को लेकर वर्ष भर तैयारियां करता रहता है है। विभिन्न तैयारियों के साथ-साथ सिन्धु सेना के जिलाध्यक्ष श्री किशोर लखवानी के नेतृत्व में सिन्धी समाज की बालिकाओं द्वारा मुख्य शोभायात्रा में दण्ड विद्या का अखाड़ा प्रदर्शन व इससे पूर्व झूलेलाल धर्मयात्रा वाहन रैली हेतु संयोजक हरीश मानवानी व झूलेलाल मित्र मण्डल द्वारा भी बड़े स्तर पर तैयारियां की गई थीं। सिन्धी समाज द्वारा कोरोना वायरस के विश्व व्यापी संक्रमण से उभरे विषम परिदृश्य में अपना योगदान करते हुए बुधवार को बड़ी सादगी से परम्परागत बहराणा साहब की स्थापना कर पवित्र ज्योत प्रज्ज्वलित कर प्रतीकात्मक रूप से ध्वजारोहण किया गया।
शहर भर में न केवल सिन्धी समाज बल्कि अन्य समाजों, धार्मिक स्वयंसेवक संगठनों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों द्वारा सिन्धी समाजजनों के स्वागत सत्कार को लेकर भी उत्साह का माहौल रहता है।
इस बार कोरोना संक्रमण के विस्तार न होने देने के अभियान के अन्तर्गत एकत्रीकरण पर रोक के चलते सभी धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजनों को सिन्धी समाज द्वारा अपनी ओर से अनुकरणीय पहल कर आयोजन स्थगित कर दिए गए। इसमें विशेषकर नाथद्वारा सराय झूलेलाल कॉलोनी स्थित पूज्य दादा साहेब हेमराजमल झूलेलाल मन्दिर में देश भर से आने वाले अनुयाईयों द्वारा अपने बच्चों के सामूहिक जींद (मुण्डन संस्कार) व यज्ञोपवीत(जनेऊ संस्कार) व प्रसिद्ध आम भण्डारे का आयोजन भी नहीं किया जा सका। इस दौरान सभी सिन्धी समाजजनों ने अपने अपने घरों में ध्वज पताकाएं फहराकर व पूर्व संध्या पर दीप जलाकर पंजडों का गायन कर भगवान झूलेलाल की स्तुति की गई।
मूलचन्द बहरवानी
प्रवक्ता
सिन्धी समाज, भीलवाड़ा


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