आदिनाथ जन्म कल्याणक व दीक्षा महोत्सव हर्षोउल्लास से मनाया गया

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Published on : 16 Mar, 20 11:03

आदिनाथ जन्म कल्याणक व दीक्षा महोत्सव हर्षोउल्लास से मनाया गया

जैसलमेर  | मानवीय सभ्यता संस्कारों ओर सिद्वांतो के निर्माता प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान का जन्म व दीक्षा कल्याणक महोत्सव के पावन अवसर पर महावीर भवन में श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक युवक महासंघ जैसलमेर व पार्ष्व महिला मंडल के तत्वावधान में शांति स्नात्र महोत्सव के साथ मनाया गया।

महेन्द्र भाई बापना ने बताया कि भगवान आदिनाथ के जन्म के साथ ही इस वर्तमान काल में जैन युग की शुरुआत होती है। साथ ही दादा आदेश्वर की दीक्षा ही इस काल की प्रथम जैन दीक्षा है जो पंरपरा आज लाखों वर्षों बाद भी अक्षुण है। बापना ने बताया कि आदिनाथ भगवान ने आदिम युग के मानव को कृशि कार्य के माध्यम से जीवन व्यापम का नया रास्ता बताया। हिंसा त्याग कराकर सभी को शाकाहार की राह पर आगे बढाया। कर्म के साथ जीने की राह बताकर संपूर्ण जीव जगत के कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया।

   प्रातः विश्व शांति के लिए भगताम्बर महापाठ किया गया। आदिनाथ भगवान की पूजा अर्चना के बाद शांति कलश व प्रभावना का लाभ धर्मेन्द्रकुमार अरुणा राखेचा परिवार ने लिया। रात्रि को पार्ष्व महिला मंडल व युवक महासंघ के कार्यकर्ताओं द्वारा भक्ति संध्या के आयोजन में महिला मंडल ने आदिनाथ भगवान में ऑख खुली है जब तक बंदे यह जिंदगी एक सपना है, भक्ति की यह रात प्रभु आज थाने आनो है, मेरे दोनो हाथों में ऐसी लकीर हो, जैनम जयती शासनम आदि भजन प्रस्तुत कर श्रद्वालुओं को भाव विभोर कर झूमने पर विवश कर दिया।

   इस अवसर पर युवक महासंघ के अध्यक्ष धर्मवीर राखेचा, राहुल चौरडिया, नवीन जैन, अतुल जिंदाणी, पवन कोठारी, अर्जुन भंसाली, अपु राखेचा, महिला मंडल की अध्यक्ष मीना बागचार, उशा, अरुणा, प्रीति, प्रचार मंत्री जयश्री भंसाली, हेमलता बापना, लक्ष्मी राखेचा, विमला जैन, सुनंदा पारख सहित कई श्रद्वालु उपस्थित थे। इस अवसर पर बापना ने आगामी १८-१९ अप्रैल को अखिल भारतीय जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक महासंघ का नागेश्वर पार्ष्वनाथ तीर्थ में १८वां अधिवेशन में सबको चलने का आहवान किया।


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