सप्ताहभर आयोजित हुए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम

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Published on : 10 Nov, 19 06:11

विधिक सेवा सप्ताह का हुआ समापन

सप्ताहभर आयोजित हुए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम

प्रतापगढ/राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार सम्पूर्ण जिले में विधिक सेवा सप्ताह का आगाज दिनांक ०३ सितम्बर हो हुआ। जिसके तहत स्कूली विद्यार्थियों द्वारा रैली निकालकर आम जन को विधि के प्रावधानों से जागरूक किया गया। तत्पश्चात् पूरे सप्ताह विभिन्न स्थानों पर जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर सामान्य विधिक जानकारियों से लोगों को अवगत कराया गया।

आज दिनांक ०९ सितम्बर को स्थानीय ए०डी०आर० सेन्टर में विधिक सेवा सप्ताह का समापन समारोह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) राजेन्द्र कुमार शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। जिसमें जिले के लगभग सभी विभागों के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे तथा जिन्होनें अपने विभागों द्वारा प्राधिकरण के समन्वय से सप्ताहभर आयोजित किये गये कार्यक्रमों के बारे में बताया। प्राधिकरण द्वारा आयोजित उक्त विधिक सेवा सप्ताह को उपस्थित सभी गणमान्यों ने विधि की जानकारी हेतु एक समुचित जरिया माना और आयोजित कार्यक्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

कार्यक्रम के आयोजन का शुभारंभ महाविद्यालय लेक्चरर मनिषा चौरडया द्वारा सरस्वती वंदना के साथ किया गया। जिसके साथ ही माँ-सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन किया गया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में न्यायाधीश पॉक्सो न्यायालय परमवीरसिंह ने विधिक सेवा सप्ताह के आयाम, प्ली-बार्गेनिंग तथा संविधान में प्रदत्त महत्वपूर्ण नियम-कानूनों की जानकारी दी। न्यायाधीश एमएसीटी महेन्द्र कुमार मेहता ने लोक अदालत का महत्व एवं प्रकि्रया से अवगत कराया।

जिला वन अधिकारी संग्राम सिंह ने नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल का हवाला देते हुए यह कहा कि पेड और वन आक्सीजन चैनल है, जिनका सुरक्षित रहना आवश्यक है। प्रत्येक नागरिक को पेड अवश्य लगाना चाहिये। जिससे ग्रीनरी बनी रहे। ए०डी०एम० गोपाल लाल स्वर्णकार ने सरकारी लोक कल्याणकारी योजनाओं की आवश्यक जानकारी दी, जो प्रशासन के विभिन्न विभागों में संचालित है। उक्त योजनाओं की जानकारी विधिक सेवा सप्ताह के माध्यम से आम जन तक आसानी से पहच सकी है। आगामी विधिक सेवा शिविर के माध्यम से इन योजनाओं का अधिक-से अधिक लाभ योग्य व पात्र लोगों तक पहचाने के लिये हम तत्पर हैं।

जेल अधीक्षक शिवेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद १४ से १८ के अनुसार प्रत्येक नागरिक को समानता से जीने अधिकार है। कारागृह में निरूद्ध प्रत्येक बंदी से समानता का व्यवहार किया जाता है तथा यदि बंदी के पास अपने प्रकरण की पैरवी करने के लिये अधिवक्ता नहीं हो तो उसे प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क वकील मुहैया कराया जाता है। राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य ने कथन किया कि विधिक सेवा सप्ताह एवं विधिक कार्यक्रमों से विद्यार्थियों में जागरूकता आती है और वे अपराध की प्रवृत्ति से बचते हैं और एक बेहतरीन चरित्र का निर्माण होता है।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कार्यक्रम के अध्यक्ष प्राधिकरण अध्यक्ष (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) राजेन्द्र कुमार शर्मा ने कहा कि ’’प्रत्येक व्यक्ति को विधि का ज्ञान होना आवश्यक है, विधि का ज्ञान न होना बचाव का आधार नहीं‘‘। कार्यक्रम के दौरान दहेज प्रतिषेध अधिनियम, मृत्यु भोज निषेध, वन कानून १९७२, नकल विरोधी कानून व संविधान में प्रदत्त विविन्न अधिकारों व कर्त्तव्यों की चर्चा भी की गई।

इस अवसर पर न्यायाधीश पारिवारीक न्यायालय श्रीमती आशा कुमारी, सीजेएम लक्ष्मण राम विश्नोई, ए०सी०जे०एम० प्रतापगढ विक्रम सांखला, ए०सी०जे०एम० अरनोद श्रीमती कुमकुम सिंह, सिविल न्यायाधीश कृष्ण कुमार अहारी, अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश जयश्री मीणा एवं सीएमएचओ विरेन्द्र कुमार जैन, डीईओ डॉ. शांतिलाल शर्मा, प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय, बार एसोसियेशन की ओर से सचिव रमेशचन्द्र शर्मा ’द्वितीय‘ एवं स्काउट गाईड अनिल गुप्ता भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया। अन्त में प्राधिकरण सचिव लक्ष्मीकांत वैष्णव ने उपस्थित आये सभी गणमान्यायों का आभार व्यक्त किया।


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