अधिकारी जिम्मेदारी समझें और योजनाओं का लाभ दें - बामनिया

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Published on : 13 Oct, 19 07:10

टीएडी राज्यमंत्री बामनिया ने ली संभाग के टीएडी विभाग के अधिकारियों की बैठक

अधिकारी जिम्मेदारी समझें और योजनाओं का लाभ दें - बामनिया

जनजाति क्षेत्रीय विकास के राज्यमंत्री अर्जुनसिंह बामनिया ने जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग में कार्यरत संभाग के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे योजनाओं की प्रगति से जुड़े गलत तथ्यों को प्रस्तुत करने से बचें व वास्तविक स्थिति को बयां करते हुए पूरी जिम्मेदारी के साथ विभागीय योजनाओं का लाभ दें।
राज्यमंत्री बामनिया शनिवार को यहां टीआरआई सभागार में जनजाति उपयोजना क्षेत्र में टीएडी से जुड़े समस्त परियोजना अधिकारियों की बैठक में विभागीय गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे।
इस अवसर पर उन्होंने संभाग के समस्त जिलों के टीएडी परियोजना अधिकारियों के साथ स्वच्छ परियोजना अधिकारियों से एक-एक कर विभागीय गतिविधियों व इनकी प्रगति की समीक्षा करते हुए महत्त्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने विभाग के हॉस्टल और आवासीय विद्यालयों की मरम्मत के लिए प्राप्त प्रस्तावों पर चर्चा की और इसमें प्राथमिकता के अनुरूप अपेक्षित कार्यों को तत्काल प्रभाव से स्वीकृत करने के लिए तकनीकी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को कहा कि वे निर्माण कार्यों में जी शिड्यूल के अनुरुप कार्य प्रारंभ व समाप्ति के फोटो देखकर ही भुगतान करें। उन्होंने मौजूद अधिकारियों को छात्रावासों व आवासीय विद्यालयों की सतत मोनिटरिंग करने और निरीक्षण की रिपोर्ट को ऑनलाइन प्रस्तुत करने के लिए भी पाबंद किया।
गलत तथ्य स्वीकार्य नहीं:
बैठक दौरान सिरोही के नीमतलेटी छात्रावास की व्यवस्थाओं के संबंध में संबंधित टीएडी परियोजना अधिकारी से पूछे जाने पर प्रस्तुत गलत तथ्यों पर राज्यमंत्री ने नाराजगी जताई और कहा कि गलत तथ्य स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने परियोजना अधिकारी को इस छात्रावास में बिजली, पेयजल और चौकीदार के भुगतान संबंधित समस्याओं को तत्काल निबटाने के लिए पाबंद किया।
5 साल से ज्यादा समय से कार्यरत वार्डन को कार्यमुक्त करें:
बैठक में राज्यमंत्री बामनिया ने समस्त जिलों में 5 साल से अधिक समय से कार्यरत समस्त वार्डन को कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए और कहा कि इनके स्थान पर नए वार्डन की नियुक्ति की जा चुकी है, उन्हें तत्काल कार्यग्रहण करवाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी वार्डन को डबल चार्ज भी नहीं दिया जावें, उन्होंने डबल चार्ज वाले वार्डनों के स्थान पर अन्य वार्डन की नियुक्ति के लिए भी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए। इस अवसर पर टीएडी आयुक्त शिवांगी स्वर्णकार ने भी नवनियुक्त वार्डनों के कार्यग्रहण नहीं करने को गंभीर बताया और शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक शिवजी गौड़ को निर्देश दिए कि संबंधित समस्त वार्डन और डीईओ को नोटिस जारी करते हुए कार्यवाही करें। इसी प्रकार उन्होंने अत्यावश्यक होने पर अतिरिक्त चार्ज देने के लिए प्रस्ताव भी आयुक्तालय को प्रेषित करने के निर्देश दिए।
हॉस्टल में मोबाईल की अनुमति मत दो:
राज्यमंत्री बामनिया ने छात्रावासों में विद्यार्थियों द्वारा मोबाईल उपयोग की स्थितियों की भी समीक्षा की और ऐसे में इसकी अनुमति नहीं देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उनके कक्षों में मोबाईल चार्ज करने के लिए प्लग ही स्थापित नहीं हो यह भी ध्यान में रखा जावें। उन्होंने समस्त छात्रावासों व आवासीय विद्यालयों में जनजाति क्षेत्र के महापुरूषों के पोस्टर मय जीवनी लगाने के भी निर्देश दिए।  
1 माह में सभी हॉस्टल्स का निरीक्षण करें:
बैठक में आयुक्त शिवांगी स्वर्णकार ने समस्त परियोजना अधिकारियों को एक माह में जिले के समस्त हॉस्टल्स के निरीक्षण करने के निर्देश दिए और इनमें पाई कमियों की समीक्षा कर दूर करने को पाबंद किया। उन्होंने हॉस्टल मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग करने के निर्देश दिए और कहा कि हॉस्टल्स की दशा को सुधारने के लिए वे इसी माह से वार्डन के साथ विडियोकांफ्रेंसिंग भी प्रारंभ कर रही हैं। स्वर्णकार ने तीन दिन में हॉस्टल्स की मरम्मत के प्रस्ताव भिजवाने और लापरवाही बरतने वाले वार्डन के विरूद्ध नोटिस के बजाय चार्जशीट प्रस्तावित करने के निर्देश भी दिए।  
बैठक में सभी छात्रावासों में शत प्रतिशत बॉयोमेट्रिक उपस्थिति, कोचिंग की बेहतर व्यवस्थाएं, गुणवत्तायुक्त मरम्मत व निर्माण कार्य, मां बाड़ी केन्द्रों के संचालन, लंबित यूसी भेजने, निःशुल्क स्कूटी वितरण के आवेदन करवाने, की भी समीक्षा हुई। इस मौके पर अतिरिक्त आयुक्त श्रीमती अंजलि राजोरिया और रामजीवन मीणा के साथ उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सिरोही और बारा के टीएडी व स्वच्छ परियोजना अधिकारी व आयुक्तालय के समस्त संबंधित अधिकारी मौजूद थे।  


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