प्रबंधन हेतु भाषा ज्ञान एवं कौशल अनिवार्य

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Published on : 13 Sep, 19 12:09

प्रबंधन हेतु भाषा ज्ञान एवं कौशल अनिवार्य

जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ;डीम्डटूबीविश्वविद्यालयद्धकेसंघटक प्रबंध अध्ययन संकाय मे एक दिवसीय व्याख्यान माला का आयोजन कियागया । मुख्य वक्ता डा. अल्पेशजोशीप्राचार्य राजकीय महाविद्यालय मेहसाणा ,गुजरात ने एम.बी.ए. के समस्त छात्र-छात्राओंको संम्बोघीत करते हुए कहाप्रबंध के क्षैत्र मेंव्यक्ति समूहोंतथा संघठनोंसे प्रतिदिन संपर्कमेंआतेहै एवं वर्तमान के वैश्वीक वातावरण मेंबिना भाषा ज्ञान के सफलता अर्जित नही की जा सकतीहै। वर्तमान प्रतिस्पर्घा के वातावरण मेंविभिन्नबहुराष्ट्ीय कंपनियोंमेंअलग अलग भाषाज्ञान सिखानेंहेतु अलग सेअनुदेशकनियुक्तकर रख ेहैजोकर्मचारियोंक ोव्यावहारिकप्रशिक्षणप्रदानकरतेहै । प्रबंध के विभिन्न क्षैत्रोंजैसेमानव संसाधन, विपणन,वित्तिय प्रबंधन एवंअंतीर्राष्ट्ीय व्यापार मेंसफलता हेतु भाषा ज्ञान एवंकौशलकाअत्यधिकमहत्वहै । भारतजैसेबहुभाषीदेशमेंविभिन्नभाषा ओंकाज्ञान होनाअतिआवश्यक है।संकाय  निदेशकप्रो. अनिता शुक्ला ने स्वागत उद्बोधनदिया । धन्यवाद ज्ञापन डा. हिना खान एवंकार्यकृमसंचालन डा.निरू राठौड़ ने किया।कार्यकृममेंसंकाय के सदस्यडा. शिल्पाकंठालिया,डा. भरत सुखववाल,डा. विनितजैन, श्रीविवेक शर्माश्रीनवीनमाथुर, ,एवं डा.उषाचैहानउपस्थितथे ।
 


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