विश्व आदिवासी दिवस पर आस्था के धाम पर बिखरे जनजाति संस्कृति के रंग

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Published on : 10 Aug, 19 09:08

टीएडी राज्यमंत्री बामणिया ने धाम पर विकास के लिए की तीन करोड़ व नवाटापरा पेयजल योजना की घोषणा

विश्व आदिवासी दिवस पर आस्था के धाम पर बिखरे जनजाति संस्कृति के रंग

डूंगरपुर /आस्था का धाम बेणेश्वर पर शुक्रवार 9 अगस्त को आदिम जनजाति संस्कृति के सांस्कृतिक रंगों से सरोबार हो गया। जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान से राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नवाटापरा में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस राज्य स्तरीय समारोह जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग राज्यमंत्री अर्जुन सिंह बामणिया की अध्यक्षता एवं जिला प्रभारी मंत्री राजेंद्र यादव, विधायक डूंगरपुर गणेश घोघरा, विधायक बागीदौरा महेंद्रजीत सिंह मालवीय, विधायक प्रतापगढ़ रामलाल मीणा, विधायक कुशलगढ़ रमिला खडि़या, पूर्व लोकसभा सांसद ताराचंद भगोरा, पूर्व सांसद रघुवीर मीणा, संभागीय आयुक्त विकास सीताराम भाले, जिला कलेक्टर डूंगरपुर चेतन देवड़ा, जिला प्रमुख बांसवाड़ा रेशम मालवीया, पूर्व मंत्री मांगीलाल गरासिया, पूर्व विधायक लाल शंकर घाटिया, राईया मीणा, सुरेंद्र बामणिया, कांता गरासिया, प्रधान बिछीवाड़ा राधा देवी घाटिया, प्रधान सीमलवाड़ा निमिषा भगोरा, प्रधान झौंथरी, मंजुला देवी, प्रधान डूंगरपुर लक्ष्मण कोटेड, समाजसेवी महेंद्र बरजोड, साधना सिंह, मणिलाल छगन, बंसीलाल रोत, राकेश रोत, मनोहर, केसर निनामा, कैलाश रोत, दलपत मीणा, नाथूराम मकवाना, मनोहर खडि़या सहित आदिवासी समाज के गणमान्य नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों के विशिष्ट आतिथ्य में समारोहपूर्वक आयोजित किया गया। 
समारोह को संबोधित करते हुए जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्य मंत्री बामणिया ने कहा कि राज्य सरकार सदैव ही आदिवासी क्षेत्र जनजाति के विकास के लिए तत्पर है । उन्होंने इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत का जनजाति  प्रतिभावान छात्र-छात्राओं के प्रशासनिक तैयारी के लिए जयपुर में भवन तैयार करने,  बेणेश्वर विकास बोर्ड का गठन करने तथा पूल निर्माण के बजट घोषणाओं के लिए आभार व्यक्त किया। 
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य जनजाती क्षेत्रों में सिंचाई व शिक्षा का संपूर्ण विकास करना है। इस अवसर पर उन्होंने बेणेश्वर धाम विकास के लिए टीएडी विभाग की ओर से तीन करोड़ की घोषणा की वहीं नवा टापरा गांव में लगभग छत्तीस लाख की पेयजल के लिए भी घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिभावान जनजाती छात्र-छात्राओं के निजी महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए आर्थिक सहयोग की दिशा में भी विभाग द्वारा प्रयास करने के बात कही। 
इस अवसर पर डूंगरपुर विधायक गणेश घोघरा ने सभी बच्चों से आह्वान किया की युवा पीढ़ी सकारात्मक सोच के साथ उच्च शिक्षा ग्रहण कर क्षेत्र का नाम रोशन करें । उन्होंने जनजाती क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव प्रयास करने की बात कही। सभा को संबोधित करते हुए विधायक बागीदौरा महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने जनजाति आदिम संस्कृति के संरक्षण की बात कही । उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने इस अवसर पर उपस्थित जन को संबोधित करते हुए कहा राज्य सरकार आदिवासी क्षेत्र के विकास के लिए अनेकों योजनाओं का संचालन कर रही है और जो अभाव है, उस दिशा में भी सार्थक प्रयास किए जाएंगे। समारोह में जिला प्रमुख बांसवाड़ा रेशम मालवीया, पूर्व विधायक गढ़ी कांता गरासिया, पूर्व विधायक आसपुर राईया मीणा ने भी विचार व्यक्त कर समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने तथा बालिका शिक्षा पर बल दिया। समारोह को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया
तुणीर का हुआ विमोचन: 
समारोह के दौरान अतिथियों के द्वारा जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के द्वारा माध्यमिक शिक्षा के पश्चात उच्च अध्ययन के लिए दिशा प्रदान करने वाली कैरियर काउंसलिंग बुक ‘तुणीर’ का विमोचन भी किया गया। अतिथियों ने इसे बच्चों को दिशा देने वाला बेेहतर प्रयास बताया। 
इनका हुआ सम्मान: 
समारोह में आदिवासी समाज के प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया गया जिसमें मोना रोत व अवनी बामणिया को आईएएस-2018 में चयनित होने, डॉ. नेहा असोड़ा, डॉ. लक्ष्मी निनामा, डॉ. ललितपाल कटारा, डॉ. सुभाषचंद्र रोत, डॉ. कल्पना खराडी को एमएस व एमडी में चयन होने, खुश्बु डामोर, मोनिका मीणा, आशीष कोटेड, मयंक निनामा, मनीष कुमार कटारा, नितिन भेदी, हर्षवर्द्धन बरण्ड़ा, मनीष निनामा, मोरिस बाबू, नीलम गरासिया, को नीट (यूजी) में चयनित होने, सुभाष मईडा, बद्रीलाल मईडा, राहूल मईडा, राहुल मीणा को राष्ट्रीय ंस्तर पर तिरंदाजी में पदक प्राप्त करने, गोमती मीणा, आरती मीणा को हेडबॉल में राज्य स्तर पर उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने, देवपाल मीणा, गायत्री मीणा, समता मीणा, सीमा मीणा को कब्बड़ी में राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त करने, मनीषा मीणा को बॉलीवाल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये, मुकेश मीणा को राष्ट्रीय जुड़ो प्रतियोगिता में रजत पदक प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त समारोह में आदिवासी क्षेत्रों में जन जागरूकता, जनचेतना, शिक्षा प्रोत्साहन, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबन्धन आदि क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले स्वयं सेवी, गैर सरकारी संस्थाओं को भी सम्मानित किया गया जिसमें गौतम मीणा, गायत्री सेवा संस्थान उदयपुर, मीणा समाज सुधार संस्थान घाटोल, राजस्थान बाल कल्याण समिति झाड़ोल को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
ये हुए लाभान्वित: 
समारोह के दौरान अतिथियों के द्वारा देवली बाई मोहनी मोहिनी सुगना चकली अर्जुन लाल निनामा को वनाधिकार पट्टे कर लाभान्वित किया गया।
संस्कृति के बिखरे अद्भूत रंग:
समारोह के दौरान आदिम जनजाति संस्कृति के बहुरंगी रंगों की छटा देखने को मिली जिसमें आमजन के साथ ही गणमान्यों के भी पैर थिरक गये । कार्यक्रम के दौरान गवरी, मायरा नृत्य, डांग नृत्य, स्वांग नृत्य के साथ ही जब वागड़ के बहुप्रचलित गैर नृत्य का ढ़ोल ढ़माकों के साथ प्रदर्शन हुआ तो आमजन के साथ ही सभी अतिथि व स्वयं जिला कलक्टर ने भी ताल के साथ ताल मिलाकर उत्साहवर्धन किया। 
चाक चौकबंद रही व्यवस्थाएं: 
समारोह के दौरान पुलिस विभाग डूंगरपुर के द्वारा परिवहन से लेकर समस्त प्रकार की व्यवस्थाओं को स्वयं जिला पुलिस अधीक्षक जय यादव के निर्देशन में भारी बारिश के बीच भी बंदोबस्त करते देखा गया। अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक ने दो किलोमीटर पूर्व से ही बारिश में छाता तानकर भी कमान को संभाल रखा था। 
बड़ी संख्या में उमड़ी जनमेदिनी:
समारोह में बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर के साथ ही आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। 


साभार :


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