योगनिद्रा शिविर का समापन

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Published on : 24 Jun, 19 10:06

- मांस पेशीय तनाव भावनात्मक एवं मानसिक तनाव का एकमात्र निदान है योगनिद्रा- श्रीवर्धन

योगनिद्रा शिविर का समापन

 हिरण मगरी से 4 स्थित विद्या निकेतन विद्यालय के सभागार में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित भारतीय संस्कृति उत्थान न्यास एवं आरोग्य भारती के संयुक्त तत्वाधान में तीन दिवसीय योगनिद्रा शिविर का समापन  विभिन्न मुद्राओं व तंद्राओ केे साथ हुआ।

 आरोग्य भारती के गेहरीलाल पाटीदार ने बताया कि यह शिविर प्रतिदिन दो सत्र में तीन दिवसीय शिविर , जिसमे सुबह 6.30 से 8.00 बजे तक विद्यालय छात्रों का योग जिसमे लगभग 200 छात्रों योग एवं अपनी समस्याओं के निराकरण से लाभान्वित हुए। साथ ही सायंकाल 6.00 बजे से 7. 30 बजे तक लगभग 200 समाज जन योगनिद्रा के माध्यम से कई गम्भीर बीमारियों के निराकरण को लेकर लाभान्वित हुए।

  प्रारंभ  में मुख्य योग प्रशिक्षक श्रीवर्धन जी ने सूक्ष्मयोग की क्रियाएं बताई,  इसमे  रस्सी की सहायता से विभिन्न बीमारियों को योगिक आसनों से दूर करना सिखाया ।इससे सभी को चमत्कारिक लाभ हुए।

   इसके अतिरिक्त कमरदर्द एवम् घुटनो दर्द के विशेष अभ्यास कराए । शिविर में गहन योग मुद्रा का अभ्यास भी कराया गया साथ ही कर्ण द्वारा सुनने की क्षमता बढ़ाने के उपाय भी बताएं योग मुद्रा प्रक्रिया का अभ्यास कराया । मांसपेशियों के  तनाव शारीरिक तनाव तथा एक एक कोशिका को शांत करने का तरीका भी बताया तथा उसका व्यापारिक प्रयोग कराया।

उन्होंने बताया कि योग निद्रा से मांस पेशीय तनाव, भावनात्मक तनाव, मानसिक तनाव आदि दूर किए जा सकते हैं ।

  उन्होंने कहा कि तीनों प्रकार के तनावों का परिणाम अपने शरीर की विभिन्न ग्रंथियों के रिसाव पर होता है इसी कारण शरीर में रासायनिक असंतुलन होता है परिणाम स्वरुप अपने शरीर में विभिन्न मनोदैहिक बीमारियां होती हैं जैसे मधुमेह उच्च रक्तचाप , अर्ध कपाली( माइग्रेन ), दमा, अल्सर ,कैंसर तक हो सकता है, मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) के कारण आत्महत्या के समाचार भी अक्सर मिलते रहते है। योग निद्रा से इन सभी समस्याओं का निदान संभव है तथा इसके अभ्यास से चमत्कारिक प्रभाव होते है तथा हमारी कार्य क्षमता भी बढ़ जाती है।

अनुभव-  इस अवसर पर योग निद्रा शिविर में आये शिक्षार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए, जिसमे प्रशिक्षितों ने चमत्कारिक प्रभाव से अत्यंत प्रसन्नचित होकर इस शिविर को तीन दिन से बढ़ाकर सात दिन तक बढ़ाने का आग्रह किया। तथा योग निद्रा के माध्यम से विभिन्न में गंभीर बीमारियों केेे इलाज हेतु आश्वस्त हुए ।

   इस अवसर पर आरोग्य भारती के चित्तौड़ एवं जोधपुर प्रांत के प्रांत संयोजक श्री लक्ष्मण जी भावसिंहका,  रविकांत जी त्रिपाठी , प्रभात जी आमेटा, मुकेश जी पवार, विनोद जी गदिया,  गहरी लाल जी पाटीदार , डॉ यज्ञ आमेटा आदि उपस्थित थे।


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