प्राइवेट अस्पताल और लैब भी करें सहयोग - एडीएम सिटी

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Published on : 17 May, 19 05:05

मौसमी बीमारियों की रोकथाम में प्राइवेट अस्पताल और लैब भी करें सहयोग - एडीएम सिटी

प्राइवेट अस्पताल और  लैब भी करें सहयोग - एडीएम सिटी

एडीएम सिटी आरडी मीणा ने प्राइवेट अस्पतालों और लेब संचालकों से कहा कि वे जिले में मौसमी बीमारियों की रोकथाम में चिकित्सा विभाग को आवष्यक सहयोग प्रदान करें। चिकित्सा विभाग को मौसमी बीमारियों से संबधित रिपोर्टिंग निर्धातिर प्रपत्र और तय समय पर भेजी जाए ताकि इन बीमारियों की रोकथाम के लिए सही विष्लेशण कर उचित, सारगर्भित और प्रभावी कदम उठाए जा सके। वे डेंगू दिवस पर गुरूवार को टैगोर हॉल में आयोजित मौसमी बीमारियों की रोकथाम बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होने कहा कि मानसून के बाद खासकर वैक्टर जनित डेंगू, मलेरिया एवं चिकनगुनिया बीमारियों के फैलने की आंषका बढ जाती है। इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जागरूकता एवं रोकथाम संबधी गतिविधियां तो कर ही रहा है लेकिन इसमे प्राईवेट अस्पतालों एवं लेब संचालकों का भी सहयोग अपेक्षित है। उन्होने कहा कि डेंगू, मलेरिया और स्वाइन फ्लू नोटिफाईबल डिजीज घोशित हैं ऐसे में इन बीमारियों की रोकथाम और रिपोटिंग में गंम्भीरता बरती जाए। बैठक में सीएमएचओ डॉ भूपेन्द्र सिंह तंवर ने बताया कि जिला कलेक्टर के मार्गदर्षन से मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर चिकित्सा विभाग की ओर से एक्षन प्लान २०१९ बनाया गया है। इसी अनुरूप अन्य विभागों से भी समन्वय और सहयोग लेकर मौसमी बीमारियों की रोकथाम की जाएगी। उन्होने प्राइवेट अस्पताल एवं लैब संचालकों को अपने-अपने अस्पतालों एवं संस्थानों पर साफ-सफाई रखने, मच्छर रोधी पेस्ट कंट्रोल करवाने और डेंगू की कन्फर्म जांच के लिए एलाइजा रीडर मषीन से ही जांच करवाने के निर्देष दिए। तथा जिन संस्थानों पर अभी तक यह मषीन नही खरीदी गई है उनसे भी यह मषीन जल्द से जल्द खरीदने का आग्रह किया। उन्होने कहा कि डगू नोटिफाईबल एक्ट के तहत डेंगू की जांच एलाईजा से ही करायें इस संबध में पूर्व में भी मषीन खरीदने के लिए चर्चा की जा चुकि है। उन्होने सभी संस्थानों से राज्य सरकार द्वारा राजस्थान एपेडेमिक डिजीज एक्ट १९५७ (एक्ट न. ३१ १९५७) एवं नोटिफाईबल डिजीज एक्ट (डेंगू, मलेरिया, स्वाइन फ्लू) को गाइड लाईन में दिए गए आदेषों, निर्देषों की पालना सुनिष्चत करने के निर्देष दिए।

सीएमएचओ ने अस्पताल संचालकों को निर्देष दिए कि वे अपने संस्थानों मे लगे कूलर, पानी की टंकियो एवं अन्य जल एकत्र करने वाले पात्रों को नियमित रूप से चैक कर लार्वा रोधी कार्यवाही करें तथा संस्थान पर लार्वा मुक्त संस्थान का बोर्ड प्रर्दषित करें।

बैठक में डिप्टी सीएमएचओ (स्वास्थ्य) डॉ घनष्याम मीणा ने पीपीटी के माध्यम से मौसमी बीमारिय की रोकथाम के बारे में जानकारी देते हुए सभी चिकित्सा संस्थानों पर डेंगू से बचाव-उपचार संबधी जागरूकता के पोस्टर एवं बेनर प्रदर्षित करने व संस्थान के टीवी पर वीडियो क्लीप चलाने तथा डेंगू कैसों की प्रतिदिन रिपोर्ट सीएमएचओ ऑफिस भिजवाने के लिए पांबद किया। एपीडेमियोलोजिस्ट विनोद प्रभाकर ने पी फॉर्म और एल फॉर्म में सूचना भिजवाने के बारे में बताया।


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