न मेढक की टर्र टर्र ,न कोए की कांव कांव, डॉ पी .सी .जैन

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Published on : 22 Apr, 19 10:04

न मेढक की टर्र टर्र ,न कोए की कांव कांव, डॉ पी .सी .जैन

आज विश्व पृथ्वी दिवस पर माउंट व्यू स्कूल में अपना प्रेजेंटेशन देते हुए इस वर्ष के पृथ्वी दिवस के इस वर्ष के विषय “प्रजातियों का सरक्षण” पर बोलते हुए जल सरक्षण एवम नशा मुक्ति अभियान में लगे डॉ पी .सी .जैन ने कहा कि अब बरसात में मेढक की टर्र टर्र नहीं सुनाई देती और न ही कोए की कांव कांव और कोयल की मीठी वाणी .इनकी प्रजातीय विलुप्त होती जा रही हे ,इसीलिए इस वर्ष इस विषय को सारे विश्व के सामने रखा गया हे की इनको बचाने का क्या प्रयत्न किया जावे “.विश्व में हर प्राणी एक दुसरे पर निर्भर हे “इसीलिए प्रजातियों को बचाओ” यह विषय इसवर्ष रखा गया हे क्यों कि१९७० से १००० से १०००० प्रजातिया अर्थात ४० प्रतिशत जीवजन्तु की प्रजातिये समाप्त हो गई हे /चालीश प्रतिशत पक्षी अर्थात हर ८ मेसे एक पक्षी की प्रजाति नस्ट हो रही हे .क्या हम इन पक्षियों को ऐसे ही नस्ट होने देंगे ?समुद्री प्रजातियों के समाप्त होने का एक बड़ा कारण उसमे प्रतिवर्ष गिरने वाला अस्सी लाख टन प्लास्टिक जो समुद्री जीवो को समाप्त कर रहा हे /१९०० से अब तक पचास प्रतिशत बंदर और हाथी सो लाख से पांच लाख रह गए हे .

प्रदुषण से मौत

बीस लाख लोग प्रतिवर्ष घरेलु और बाहरी प्रदुषण से मर जाते हे इस प्रथ्वी पर इसलिए इसे बचाना हमारा कर्तव्य हे /प्रथ्वी पर जंगल आधा रह गया हे और जंगल लगने वाली आग उसे और घटा रही हे और प्रथ्वी का तापमान बढ़ा रही हे .पांच हजार लोग प्रतिवर्ष दूषित पानी पीने से मर जाते हे .

केसे बचाए प्रथ्वी और प्रजातिया

हवा ,पानी को दूषित होने से बचाए और उनका उचित उपयोग कर हम अपने को और घटती प्रजातियों को बचा सकते हे /उन्होंने बच्चो से पूछा क्या उन्हें सुंदर तितलियाँ देखना नहीं पसंद हे ,तरह तरह के पशु पक्षी देखना नहीं पसंद हे ? सभी ने कहा पसंद हे .डॉ जैन ने सभी को अपने जीवन काल में एक पेड़ लगाने और उसे पूरा बड़ा करने का संकल्प बच्चो से कराया और आने वाली वर्षा को भूजल में डालने भी संकल्प कराया क्योकि पेड़ हमे साँस लेने के लिए ऑक्सीजन और खाने के लिए भोजन देते हे .

पेड़ लगाओ गीत

छात्रों और छात्राओं ने मिलकर एक गीत “आओ भाई पेड़ लगाओ अपनी प्रथ्वी बचाओ “ गीत नृत्य के साथ गाया .प्रिंसिपल श्रीमती नीलम शर्मा ने डॉ पी .सी .जैन को धन्यवाद ज्ञापित किया .स्वागत डायरेक्टर श्रीमती भावना चौधरी ने किया .संचालन एस पी अग्रवाल एकेडेमिक इंचार्ज ने किया ,लोकेश चौधरी डायरेक्टर भी कार्यक्रम में उपस्थित थे /

संकल्प

सभी ने संकल्प लिया कि वे इस आने वाली वर्षा में एक पेड़ लगायंगे और उसको जीवन भर सम्भालंगे .पक्षियों के लिए सभी अपने घरो में परिंडा लगायेंगे ताकि पक्षी को पानी पीने को मिलता रहे ,इसी तरह सभी इस वर्षा काल से पूर्व अपने घरो में वर्षा जल सयंत्र लगायेगे ताकि भूजल पुनर्भरण हो सके .


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