सप्त कला, गणपति पूजन व घट स्थापना के साथ हुआ नवर्वा कार्यक्रमों का आगाज

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Published on : 01 Apr, 19 05:04

जय हिन्द ध्वज ज्योति कलश संस्कृति पदयात्रा में अधिक से अधिक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने व्यापक जनसंपर्क

सप्त कला, गणपति पूजन व घट स्थापना के साथ हुआ नवर्वा कार्यक्रमों का आगाज

उदयपुर। अखिल भारतीय नव वर्ष समारोह समिति, आलोक संस्थान और सर्व समाज, संगठन के संयुक्त तत्वाधान में 07 दिवसीय नव सम्वत्सर के कार्यक्रमों का आगाज आज श्री राम मंदिर, आलोक संस्थान सेक्टर-11 में प्रातःकाल लाभ वेला में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गणपति पूजन, घट स्थापना, कला पूजन, मंगल गायन तथा आह्मवान के साथ हुआ। 

राट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमावत ने बताया कि सप्त कलां को गंगाजल से धोकर उनका ाद्धिकरण करते हुये घट स्थापना की गयी। इस अवसर पर घट स्थापना, गणपति पूजन श्री राम दरबार पूजन तथा नवग्रह पूजन का आयोजन कर सभी के लिये आने वाले परिधावी संवत 2076 को मंगलकारी बनाने के लिये प्रार्थना की गई। इस अवसर पर आरती की गयी। 

इस अवसर पर ओ.पी. सहलोत, कृणकान्त कुमावत, राम.जी वार्णेय, राजश्री गांधी, मनी तिवारी, प्रान्त व्यास, हरिंकर तिवारी, विनोद त्रिपाठी, कुन्दन कुमावत, कमलेन्द्र सिंह पंवार, शिसिंह सोलंकी, निचिय कुमावत, प्रतीक कुमावत सहित अनेक कार्यकर्त्ता उपस्थित थे। 

इस अवसर पर विा रूप से निर्मित स्वर्ण आभा वाले कलां को नवर्वा निमित्त तैयार किया गया है। इस अवसर पर हल्दीघाटी से लाई माटी महाराणा प्रताप को तिलक कर आह्मवान किया कि प्रताप के कार्य और पराक्रम की गाथा जो मेवाड़ की धरोहर है जन-जन तक पहुँचे यह भी नवर्वा पर संकल्प लिया गया।

 

तिरंगा यात्रा जो 05 अप्रेल को जय हिन्द ध्वज ज्योति कला पदयात्रा के रूप में हाथीपोल से गणगौर घाट तक निकलेगी उसमें महिलाओं की भागीदारी सुनिचित करने के लिये राजश्री गांधी के नेतृत्व में जन सम्पर्क किया जा रहा है। महिलाओं की अलग-अलग टीमे बना दी गयी है जो महिलाओं को इस यात्रा में जोड़ने का कार्य कर रही है। 

05 अप्रेल को तीन स्थानों नाथद्वारा, बोहरा गणे जी, बैजनाथ महादेव से निकलने वाली ज्योति कला संस्कृति चेतना यात्रा के लिये भी व्यापक जनसम्पर्क किया जा रहा है। इसके लिये शशांक टांक, निचय कुमावत, राजे भारती, विजयसिंह सांखला, संजय पानेरी, जयपाल सिंह रावत, ललित कुमावत, ललित गोस्वामी, राजे भारती, दीपक चौबीसा, नवीन चौबीसा, यज्ञ आमेटा, नारायण चौबीसा, ाा जैन द्वारा जन सम्पर्क किया जा रहा है। 

ज्योति कला संस्कृति चेतना यात्रा अपने मार्ग में पड़ने वाले सभी स्थानों के लोगों को जोड़ते हुये उन्हें नव संवत्सर की ाभकामनाओं के साथ-साथ संस्कृति चेतना और वरूण देव पूजन को बढ़ावा देने तथा लोगों में पंचतत्व के प्रति चेतना जगाने की दृटि से पंचामृत अभियान भी इसके साथ चलेगा जिसमें बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं, स्वच्छ भारत, पानी बचाओं, पेड़ लगाओं जैसे संदेों को भी इस यात्राओं से जोड़ा गया है। 


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