कोटा में आज फिर बना मुकदमों के निस्तारण का कॉर्ड

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Published on : 14 Feb, 19 04:02

सीआरपीसी के 895 मुकदमों का एक साथ निस्तारण

कोटा में आज फिर बना मुकदमों के निस्तारण का कॉर्ड

-के.डी. अब्बासी/कोटा अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) न्यायालय के पीठासीन अधिकारी पंकज कुमार ओझा ने वर्ष2015 से लम्बित चले आ रहे सीआरपीसी के 895 प्रकरणों का बुधवार को एक साथ निस्तारण कर चौथ रिकॉर्ड बनाया है। वर्ष2015 से 2017 तक की मर्ग प्रकरणों की कार्यालय में सीआरपीसी की धारा 174 के तहत नगरीय क्षेत्र् में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट शहर के न्यायालय में पत्रवलियां लम्बित थी। इसके कारण 18 थाना क्षेत्रें की मूल पत्रवलियां भी अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में ही संधारित की जा रही थी। मर्ग के इन प्रकरणों में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (शहर) के यहां पुलिस को सम्पूर्ण प्रकरणों के साथ पत्रवलियां जमा करानी होती है। जिसमें अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट द्वारा निर्णय किया जाता है।

अतिरिक्त कलक्टर पंकज ओझा ने इन सभी मर्ग के प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए 2015 से 2017 तक के 895 पत्रवलियों का निस्तारण करने का निर्णय लिया। इसके लिए टीम बनाकर अगस्त 2018 से गहन अध्ययन एवं कम्प्यूटरीकरण कार्य किया गया। एक-एक पत्रवली का अध्ययन कर पंचनामा एवं पुलिस रिपोर्ट के आधार पर न्यायिक कार्य को पूरा किया गया। इसके साथ ही सीआरपीसी के 107, 116, 151 व 110 के 300 से अधिक प्रकरणों का भी निस्तारण किया गया है।

ज्ञात रहे कि एडीएम सिटी पंकज ओझा ने आर.ए.ए. कोर्ट में पीठासीन अधिकारी के रूप में रहते हुए 107 राजस्व वादों का 5 अगस्त 2017 को एक ही दिन में निस्तारण किया था जिसे बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम द्वारा दर्ज किया गया था। आर.ए.ए. कोर्ट को देश का प्रथम आई.एस.ओ. प्रमाणित न्यायालय इनके कार्यकाल के दौरान प्राप्त करने का अवसर मिला है। जनवरी 2019 में सीआरपीसी की धारा 107-16, 107-151 व 110 के 381 प्रकरणों का एक साथ 16 जनवरी को निराकरण कर रिकॉर्ड बनाया था।

साथ ही पंकज ओझा के नाम 2010 में वि८व रिकॉर्ड गिनीज बुक में एक नायाब रिकॉर्ड दर्ज है जिसमें दुनियां का सबसे बडा 17 फीट 3 ईंच का पॉकेट चाकू इनके नाम पर विद्यमान है। जिसका वजन 45 किलो है।


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