सफाई व्यवस्था से धारीवाल नाराज़

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Published on : 14 Feb, 19 04:02

कोटा की सफाई व्यवस्था से धारीवाल नाराज़ सुधारने की गाइड लाइन जारी की

सफाई व्यवस्था से धारीवाल नाराज़

डॉ. प्रभात कुमार सिंघल,कोटानगरीय विकास विभाग की कमान संभालने के बाद शांति धारीवाल ने सफाई व्यवस्था पर फीडबैक लिया। उन्होंने मौजूदा सफाई सिस्टम से नाखुशी जाहिर की है। साथ ही कोटा नगर निगम समेत निकायों को घर-घर कचरा संग्रहण एवं कचरे के परिवहन की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के मंत्री ने 19 बिन्दु तय किए हैं।

       सरकार ने आयुक्तों को निर्देश दिए हैं कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 की अनुपालना में विभाग द्वारा जारी उपविधियों की पालना करने हुए संसाधन जुटाने तथा शहर को गंदा करने वालेों से निर्धारित शुल्क वसूल किया जाए। निगम की ओर से पिछले एक साल में करीब तीन दर्जन लोगों के खिलाफ कचरा फैलाने पर कार्रवाई की है।

स्वायत्त शासन मंत्री ने केन्द्रीय सर्वेक्षण में रैंकिंग बढ़ाने के लिए गलत आंकड़े देने पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि गीला और सूखा अलग-अलग एकत्रित करने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन कई टिपरों में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डालने की व्यवस्था नहीं है। निर्देश दिए हैं कि घरों से शत प्रतिशत गीला और सूखा कचरा पृथक-पृथक एकत्रित करना होगा। एकत्रित कचरे का प्रभावी रूप से शहर से प्रत्येक मार्ग से निर्धारित स्थल तक ढके हुए वाहनों में परिवहन करना होगा

     यूडीएच मंत्री का मानना है कि सफाई व्यवस्था से क्षेत्रीय नागरिकों को भी जोडऩा होगा। नागरिकों का सहयोग लेने, एनजीओ व महिलाओं के ग्रुप बनाकर सफाई के कार्यों में सम्मिलत कर अधिक से अधिक प्रभावी किया जाए।

     सड़कों पर लगे छोटे डस्टबिन और कम्युनिटी डस्टबिन से कचरा एकत्रित करने की अलग से संसाधन लगाकर प्रभावी व्यवस्था की जाए। प्रत्येक अधिकारी, कर्मचारी तथा जो सफाई कार्यों में लगे है उनकी ड्यूटी एवं कार्य का निर्धारण किया जाए। डोर टू डोर कचरा संग्रहण के लिए हर वार्ड का रूट चार्ट बनाकर उसका प्रत्येक घर-गली मोहल्ला, तथा रोड को कवर करते हुए समय का निर्धारण किया जाए। रूट चार्ट की मोहल्लों में जगह-जगह चस्पा होगी प्रत्येक वाहन में जीपीएस लगाकर उसके माध्यम से आकलन कर ठेकेदार को भुगतान किया जाए। संसाधनों का इस तरह उपयोग करना कि एक बार एकत्रित किया गया कचरा पुन: जमीन पर नहीं आना चाहिए। कचरे का रिसाइकिलिंग को प्रभवी बनाने की तकनीक का उपयेाग किया जाए। कचरा पात्रों को रखकर उनको नियमित खाली करने का सिस्टमबनाया जाए, किसी भी कचरा पात्र को ओवर प्लो होने से पहले खाली करना सुनिश्चित किया जाए। पार्कों, सामुदायिक स्थलों, बाजारों, मंडियों में कम्पोस्ट खाद बनाने के लिए परिसरों में कम्पोस्ट प्लांट स्थापित हो। टोल फ्री नम्बर के माध्यम से या मोबाइल आधारित एप के माध्यम से नागरिकों की शिकायतों का निवारण तथा फीडबैक लिए जाने का सिस्टम बनाया जाएगा। नागरिकों की शिकायतों का तय समय सीमा से निराकरण कर सूचित किया जाए।

         सरकार के निर्देशों के तहत शहर सफाई व्यवस्था, डोर टू डोर कचरा संग्रहण व कचरा परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। सफाई व्यवस्था में सुधार करने पर फोकस है। अधिकारी फील्ड में जाकर निरीक्षण भी करेंगे।


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