विष्व हास्य दिवस के समापन के अवसर पर गुलाब बाग में उमड़ी भीड़

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Published on : 28 May, 18 12:05

नवरसों में सबसे महत्वपूर्ण है हास्य रस : डॉ. कुमावत

विष्व हास्य दिवस के समापन के अवसर पर गुलाब बाग में उमड़ी भीड़ उदयपुर । जीवन के नवरसों में हर एक रस का अपना स्थान है लेकिन जीवन ऊर्जा का कोई केंद्र है तो वह हास्य रस है। हास्य योग केवल हंसने की प्रक्रिया नहीं वरन् अपने आप में पूर्ण योग है तथा किस तरह हास्य योग योग के समकक्ष आकर पूरी तरह रोग प्रतिरोधक क्षमता को विकसित करता है। उक्त विचार हास्य को योगासनों से जोड़ते हुए पहली बार देष में किये गये इन प्रयोगों के जनक डॉ. प्रदीप कुमावत ने आज यहाँ गुलाबबाग में लोगों को हास्य योग कराते हुये विष्व हास्य दिवस के समापन के अवसर पर कहे।
उन्होंने कहा कि हास्य योग के माध्यम से फेफड़े तथा हृदय पर पड़ने वाले प्रभाव का जो विष्व स्तर पर षोध हुआ है उस षोघ पर आाधारित यह तथ्य पता चलता है कि जो व्यक्ति 30 मिनिट नियमित हंस ले उसके हृदय रोग की 70 प्रतिषत संभावना कम हो जाती है।
डॉ. कुमावत ने कहा कि 15 मिनिट का हास्य योग 1 घंटे के योग के बराबर ऑक्सीजन षरीर को देता है जिससे रक्त संचार बढ़ता है तथा ब्लेड प्रेषर नार्मल होता है। उन्होंने कहा कि जीवन में तनाव मुक्ति के लिये हास्य योग सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।
डॉ. कुमावत ने यहाँ क्रेडिट कार्ड लाफ्टर, मोबाईल लाफ्टर, ग्रेट इंडियन लाफ्टर, डपसा ेांम तमंस संनहीजमतए ठांं िंकव संनहीजमतए भ्वज ेवंच संनहीजमतए श्रवत ां रंजां संनहीजमतए थ्पअम जमद ंजजलं चंजजलं संनहीजमतए छंलंद उंजजांं संनहीजमतए गाय दुहना लाफ्टर, च्ममा ं इवद संनहीजमतए रिमोट कंट्रोल लाफ्टर, ैमसपि संनहीजमतए ठंबा ीनह संनहीजमतए वदम समह संनहीजमतए दिल वाले लाफ्टर, लोटा स्वच्छ भारत लाफ्टर, डपततवत दमअतवद जीमवतल संनहीजमतए स्ंनहीजमत पद बवदजंहपवनेए डवदामल ंदक ब्ंचे संनहीजमतए पिहीजपदह ेबमदम वि उवअपम संनहीजमतए टत् टपतजनंस त्मंसपजल संनहीमत सहित विभिन्न 60 प्रकार के हास्य योगां को कराकर लोगों को केवल गुदगुदाया ही नहीं वरन् उसके जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में भी जानकारी दी।
मुख्य आयोजक आलोक संस्कृति संस्कार फाउण्डेषन था। आलोक संस्थान, रोटरी क्लब ऑफ उदयपुर, गुलाब बाग मित्र मण्डल, भारत विकास परिशद् मेवाड़ व विवेकानन्द, पतंजलि योग समिति उदयपुर, राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय सिंधी बाजार सहयोगी के रूप में सहयोग दिया।
इस अवसर पर डॉ. षोभालाल ओदिच्य, राजश्री गांधी, डॉ. नरेन्द्र धींग, गोपाल डांगी, सपना नागौरी, डॉ. घनष्याम सिंह, अषोक जैन, हरिषंकर तिवारी, मनीश तिवारी, डॉ यज्ञ आमेटा, ललित कुमावत,
इस अवसर पर विभिन्न संस्थाओं ने डॉ. प्रदीप कुमावत का आभार व्यक्त किया।
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