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प्रदर्शन कर फूंका आयुक्त का पुतला

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15 Feb, 18 21:08
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कोटा,डॉ.प्रभात कुमार सिंघल/ नगर परिषद् बारां द्वारा गत दिनों शहर के मध्य स्थित सत्संग भवन रोड को चैड़ा करने के विरोध में क्षेत्रवासियों में आक्रोश व्याप्त हो गया है। गुरूवार को बड़ी संख्या में लोगों ने जुलूस निकालकर नगर परिशद के कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। साथ ही नारेबाजी करते हुए आयुक्त जनक सिंह का पुतला फूंका। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा।
दोपहर लगभग 12 बजे सभी क्षेत्रवासी सत्संग भवन की गली में एकत्रित हुए। जहां से प्रदर्षन करते हुए जुलूस के रूप में विक्रम चैक, प्रताप चैक होते हुए नगर परिशद कार्यालय के सामने पहंुचे। काफी देर तक लोगों ने परिशद प्रषासन के खिलाफ नारेबाजी की और आयुक्त के पुतले का दहन किया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल में षामिल धवल सिंघल, हरिओम व्यास, धनराज नागर, हेमेंद्र सिंघल, सत्यनारायण गोयल, अषोक गोयल आदि ने मुख्यमंत्री के नाम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस क्षेत्र के सभी पोष आवासीय पुस्तैनी मकान 60-70 वर्शों से यथावत बने हुये है। जो बारां नगर की बसावट के समय से उसी रूप मंे अवस्थित है। सभापति कमल राठोर का मकान भी इसी रास्ते में होकर पड़ता है। अपने पद का दुरूपयोग कर गलत रूपसे मास्टर प्लान में बताकर मोहल्ले के 150 परिवारों को हाल ही में 8 फरवरी को अनाधिकृत अतिक्रमण बाबत नोटिस जारी किये हैै। ज्ञापन में बताया कि यह कार्यवाही राजनैतिक द्वैशता व मनमानी से की जा रही है। नगर परिषद के मास्टर प्लान से सम्बन्धित किसी योजना में इस रास्ते की चैड़ाई बढ़ाई जाने बाबत प्रस्ताव नहीं है। मौहल्लेवासियों ने नोटिस के जवाब समय पर प्रस्तुत कर दिये गये हंै। प्रतिनिधिमंडल ने बतायसा कि भाजपा समर्थित लोगों के मकान ही इस रोड पर पड़ते हैं। जबकि नगर परिशद में कांग्रेस का बोर्ड काबिज है। राजनैतिक द्वैशता के चलते चंद व्यक्तियो से मिलीभगत कर यह कृत्य करवाया जा रहा है। जिसका नगर परिशद के मास्टर प्लान से कोई लेना देना नहीं है। इस संबंध में परिशद की ओर से न तो कोई सार्वजनिक सूचना जारी की गई है, और न हीं बोर्ड बैठक में कोई प्रस्ताव लिया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कतिपय भूमाफियों ने इस रास्ते में पढने वाली गली में एक बेशकीमती माॅल बनाया है। जो निर्माणाधीन है, यह माॅल बिना नगर परिशद की स्वीकृत से बना हुआ है। जिसकी स्वीकृती इस रास्ते को देखते हुये दिया जाना कानूनन संभव नहीं है। कुछ लोग अपने वाहनों को अपने तरीके से लाने ले जाने मे होने वाली असुविधा को देखकर यह कृत्य कर रहे हैं, जो गलत है। सत्संग भवन रोड से सब्जीमण्डी तक ऐसा कोई आॅफिस (कनेक्टिवीट) नहीं हैं, जहां पर कभी पहुंचना आवश्यक हो और नही पहुंचा जा सके। इस रोड पर 80-90 वर्श पुराने तीन मंदिर क्रमषः अभय सत्संग भवन, विश्णु मंदिर व काली माता का मंदिर स्थापित है। जिनसे आमजन व मोहल्लवासियों की गहरी आस्था है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि नगर परिशद के इस अवैध कृत्य को अविलंब रूकवाया जाए व जारी किये गये नोटिसों को तुरन्त आदेष से निरस्त करवाया जाए। व्यवसायी धवल सिंघल ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल के समक्ष आयुक्त ने स्वीकार किया है कि नोटिस तामील कराए गए हैं। लेकिन मास्टर प्लान में सत्संग भवन रोड की गली को कोई उल्लेख नहीं है। लेकिन यह षब्द गलती से छप गया। रोड चैड़ा करने के लिए राज्य सरकार की ओर से भी किसी प्रकार का कोइ्र्र आदेष नहीं है। इस पर प्रतिनिधिमंडल ने प्रष्न किया कि पूरे षहर में केवल सत्संग भवन रोड की गली के अतिक्रमण को ही क्यों चुना गया है। इस पर आयुक्त ने सफाई दी कि ऐसी बात नहीं है। पूरे षहर में अभियान चलाया जाएगा। सभी अतिक्रमियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। भूमाफियाओं को लाभ पहुंचाने का आरोप बेबुनियाद है।

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