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जिला कलेक्टर ने किया अवलोकन

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14 Oct 17
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कोटा । कृषि विष्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केन्द्र में शुक्रवार को जिला कलेक्टर रोहित गुप्ता ने मॉडल डेयरी इकाई का अवलोकन किया तथा केन्द्र पर संचालित विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा किसानों के पशुओं का दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हेतु किये गये विभिन्न कार्याें की जानकारी वैज्ञानिकों से ली गई।
जिला कलेक्टर ने कृषि विज्ञान केन्द्र की जीवन्त प्रदर्षन इकाई, वर्मीकम्पोस्ट, ट्राइकोडर्मा व खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों का भी अवलोकन किया। कृषि विज्ञान केन्द्र पर प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन पर किये जा रहे कार्य की सराहना की तथा विष्वविद्यालय द्वारा कौषल विकास प्रषिक्षण जो कि ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर उत्पन्न कर सकते हैं, को करने की भी आवष्यकता बताई। जिला कलेक्टर ने कृषि अनुसंधान केन्द्र उम्मेदगंज कोटा पर स्थापित शहद प्रसंस्करण इकाई, फाइटोसेनेट्री प्रयोगषाला में किये जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी सम्बन्धित वैज्ञानिकों से प्राप्त की
निदेषक प्रसार डॉ. गौतम ने बताया कि कृषि विज्ञान केन्द्र झालावाड़ पर संरक्षित खेती के लिए जो पॉलीहाउस बनाये गये हैं। उनकी मरम्मत का प्रषिक्षण युवाओं को दिया जा रहा है। उससे स्वरोजगार तो प्राप्त हो ही रहा है साथ ही पॉलीहाउस की मरम्मत का कार्य भी सुगमतापूर्वक सम्पन्न हो रहा है।
डॉ. बी.के. पाटीदार ने बताया कि कृषि उत्पाद का निर्यात करने से पूर्व इस प्रयोगषाला द्वारा गुणवत्ता की जांच की जाती है। प्रयोगषाला द्वारा प्रमाण पत्र जारी करने के उपरान्त ही इसे निर्यात किया जा सकता है। कृषि अनुसंधान केन्द्र पर लगाये गये विभिन्न अनुसंधान प्रयोगों का भी अवलोकन किया तथा आवंलें बगीचे के बीच में हल्दी की फसल, समन्वित कृषि पद्धति व बूंद-बंूद सिंचाई पद्धति, धान की सीधी बुवाई व एस.आर.आई. विधि इत्यादि पर लगाये गये प्रयोगों की प्रषंसा की। कुलपति ने अवगत कराया गया कि कृषि विष्वविद्यालय कोटा बीज उत्पादन में भी राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी है तथा वर्ष 2016-17 में लगभग 14000 क्वि. बीज उत्पादित किया है।
जिला कलेक्टर कोटा के साथ कुलपति प्रो. जी.एल. केषवा, डॉ. के.एम. गौतम निदेषक प्रसार षिक्षा, डॉ. ममता तिवारी निदेषक पी.एम. एण्ड ई., सियाराम मीणा कुलसचिव, डॉ. विधि शर्मा वित्त नियंत्रक डॉ. महेन्द्र सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष व अन्य वैज्ञानिक भी थे।
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