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जीवोत्थान पंचांगम् एवं सांकेतिक जन्म राशि फलानुमान (दिनांके -(आँग्ल)22/07 /2021, गुरुवार)

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21 Jul 21
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जीवोत्थान पंचांगम्  एवं सांकेतिक जन्म राशि फलानुमान (दिनांके -(आँग्ल)22/07 /2021, गुरुवार)

जीवोत्थान पंचांगम्  एवं सांकेतिक जन्म राशि फलानुमान (पाक्षिक  समेकित राशि फल सहित) {#यह सेवा जिन सज्जनों के लिए काम आ सके तदर्थ है।ज्योतिर्विद- सुविज्ञों के लिए आवश्यक नहीं# } 
(महर्षि यादवेन्द्र शिक्षा शास्त्री, Rtd RES, भाषात्रयी साहित्यकार) 
Jeevotthan Panchangam, Sanskaritam - Evam Janm Rashi Falanuman 
दिनांके -(आँग्ल)22/07 /2021, गुरु वार
राष्ट्रीय भारतीय दिनांक  31/04/1943
31आषाढ मास1943
सृष्टिगतसौरार्कदिनांक -
05/04
/1955885122#(# पंचांगकारानुसार वर्ष, दैनिक सूर्योदय कालीन सूर्य संक्रांति राशि - अंशतः अंकतः स्थानीय व्यवस्था)  
भारतीय पंचांग विक्रमीय दिनांक
28/04/2078 
( इसे यहाँ निम्नानुसार लिखा है - सूर्योदयी तिथि सौरतः कृष्ण पक्षतः या गताग्र /पूर्णिमांत चैत्रादि मास /विक्रम संवत्|तिथि /मास में वृद्धि) 
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
आषाढ
तिथि त्रयोदशी13:32:13
पक्ष शुक्ल
नक्षत्र मूल16:24:02
योग ऐन्द्र12:44:09
करण तैतिल13:32:13
करणूगर24:06:31*
माह (अमावस्यांत)आषाढ
माह (पूर्णिमांत)आषाढ
चन्द्र राशि धनु
सूर्य राशि   कर्क
सूर्योदय06:01:38
सूर्यास्त19:23:45
दिन काल13:22:07
रात्री काल10:38:20
चंद्रोदय18:02:09
चंद्रास्त28:49:21*
मुहूर्त
राहु काल14:23 - 16:03अशुभ
यम घंटा06:02 - 07:42अशुभ
अभिजित्12:16 -13:09शुभ
दूर मुहूर्त10:29 - 11:22अशुभ
दूर मुहूर्त15:50 - 16:43अशुभ
गंड मूल06:02 - 16:24अशुभ
चोघडिया, दिन
शुभ06:02 - 07:42शुभ
रोग07:42 - 09:22अशुभ
उद्वेग09:22 - 11:02अशुभ
चर11:02 - 12:43शुभ
लाभ12:43 - 14:23शुभ
अमृत14:23 - 16:03शुभ
काल16:03 - 17:43अशुभ
शुभ17:43 - 19:24शुभ
चोघडिया, रात
अमृत19:24 - 20:44शुभ
चर20:44 - 22:03शुभ
रोग22:03 - 23:23अशुभ
काल23:23 - 24:43*अशुभ
लाभ24:43* - 26:03*शुभ
उद्वेग26:03* - 27:23*अशुभ
शुभ27:23* - 28:42*शुभ
अमृत28:42* - 30:02*शुभ
होरा(वारों की प्रकृति तथा करणीय शुभ कामों के अनुसार उपयोगी)  
होरा, दिन
बृहस्पति06:02 - 07:08
मंगल07:08 - 08:15
सूर्य08:15 - 09:22
शुक्र09:22 - 10:29
बुध10:29 - 11:36
चन्द्र11:36 - 12:43
शनि12:43 - 13:50
बृहस्पति13:50 - 14:56
मंगल14:56 - 16:03
सूर्य16:03 - 17:10
शुक्र17:10 - 18:17
बुध18:17 - 19:24
होरा, रात
चन्द्र19:24 - 20:17
शनि20:17 - 21:10
बृहस्पति21:10 - 22:03
मंगल22:03 - 22:57
सूर्य22:57 - 23:50
शुक्र23:50 - 24:43*
बुध24:43* - 25:36*
चन्द्र25:36* - 26:29*
शनि26:29* - 27:23*
बृहस्पति27:23* - 28:16*
मंगल28:16* - 29:09*
सूर्य29:09* - 30:02*
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विशेष विवेचन -     आकाशदर्शन/स्वाध्याय बोध   -    सिंह गत सायनार्क भानु।  नीचे के भूभागांग भूतल भूपरत मध्य सतह हलचल प्रभावित। कार्यावरोध। अनावश्यक पुनरावृत्ति। वाणिज्य नेत्र चिकित्सीय जनहित योजना । शिक्षा-तकनीकी एवं  विद्वत् सज्जन में किसी प्रकरण में  नव चिंतन । ग्राफिक्स अन्य अधोमुखी प्रभावित पर। । ##############
*अन्तिम कालम अन्त  समाप्तिकाल है।   
*समय आधी रात के बाद, लेकिन अगले दिन के सूर्योदय से पहले। तिथि - वार- नक्षत्र - योग - करण पंचांग में किसी के अशुभ प्रभाव में शुभाधिक्यता में सुयोग की तथा भद्रादि के यथा परिहार की मान्यता प्रचलित। कहीं स्थानीय यथाव्यवस्था देशाचारीय मान्यता से व्रतपर्वोत्सवोंकी व्यावहारिकता प्रचलित । जीवोत्थान स्थानीय देशान्तर - अक्षांश पर संगणित। विशेषार्थ आपके स्थलीय पंचांग दृष्टव्य। 
@जीवोत्थान जन्म राशि फलानुमान @
##################
जन्मराशितःआज सांकेतिक फलानुमान   
(विशेषार्थ स्वजन्म पत्रिका दृष्टव्य)   (एकन्दर राशि फल बोध 
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कुंभ तुला सिंह राशि वालों के लिये दिनमान के मिश्रित , वृष कन्या मकर के लिए अड़चन फलद समय  तथा अन्य हेतु अपेक्षाकृत दिनमान ठीक।)
जन्म राशि - - - - - समेकित फलानुमान 
मेष    - अच्छा 63  %
वृष. -    परेशानी 66 %
मिथुन  -सुधार 59 %
कर्क.   -  अच्छा 61 %
सिंह. -   मिश्रित 61  %
कन्या.   -   उलझन 58  %
तुला.    मिश्रित 58  %
वृश्चिक.  - अनुकूलता 62  %
धन. -     मिश्रित 58 %
मकर.   -     उलझन 56 %
कुंभ.   -  मिश्रित 61  %
मीन.   -   लाभदायक65 %
विशेष - दिन शुद्धि सामान्यतः अच्छी  है। 
जीवोत्थान पाक्षिक जन्म राशि  समेकित फलानुमान
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(जुलाई उत्तरार्द्ध ) 
मेष - - मिश्रित

वृष - - - - उलझन 
मिथुन - - - - - -  सुधार 
कर्क - - - - -     अवरोध ।
सिंह - - - - -उलझन 
कन्या - - - - मिश्रित 
तुला - - - - लाभदायक
वृश्चिक - - - - सुधार 
धन - - - - - - - - - मिश्रित 
मकर - - - - - मिश्रित 
कुंभ - - - - - - -अच्छा 
मीन - - - - - - अनुकूल 
भारत की अद्वितीय विशेषताओं का, 
  अनवरत् दिव्यामृतपान करनाहै।
   "ब्रह्माण्डोत्थान" हेतु मानवादर्श का, 
   'जीवोत्थान 'सदाश्रय को अपनाना है।। 
 ॐमहर्षि  - यादवेन्द्र जीवोत्थान उदयपुर।


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