संभलकर खेलें होली

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18 Mar 19
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संभलकर खेलें होली

 होली सुनते ही सुंदर रंगों के इंद्रधनुष का ख्याल आता है जो आपको खुश कर देता है। होली का त्योहार एक तरफ अगर खुशी और उत्साह लेकर आता है तो दूसरी ओर होली खेलने के बाद रंग साफ करना भी एक समस्या होता है। कृत्रिम रंगों में मौजूद रसायन नुकसानदेह होते हैं और विभिन्न किस्म की समस्याओं का कारण बनते हैं। इनमें त्वचा की गड़बड़ी, रंग खराब होना, जलन, खुजली और खुश्की आदि शामिल हैं।

 होली के रंग में मौजूद कठोर रसायन खुजली और जलन का कारण बन सकते हैं और खुजली करने पर ये एक्जीमा का रूप ले सकते हैं और यह रंगों से होने वाली सबसे आम किस्म की प्रतिक्रिया है। रंग हटाने के लिए अपनी त्वचा को ज्यादा न रगड़ें। इससे ब्लिस्टर्स, रैशेज या एलर्जिक रिएक्शन हो सकते हैं। इसकी बजाय अपनी त्वचा को गुनगुने पानी से गीला करके 10.15 मिनट छोड़ दीजिए और देखिए रंग अपने आप बहकर काफी हल्का हो जाएगा। रुखे और कठोर साबुन की बजाय हल्के क्लिंजर का उपयोग किया जाना चाहिए। प्राकृतिक और घरेलू क्लिंजर जैसे दूध और बेसन मिलाकर लगाने से भी आपका शरीर अच्छी तरह साफ होता है। त्वचा को अच्छी तरह साफ करने और शावर से निकलने के बाद त्वचा को कोमल तौलिए से हल्के-हल्के पोछ कर सुखाइए और पोषण देने वाला मॉइश्चराइजर पूरे शरीर में लगाइए। लाली या ब्लिस्टर्स की स्थिति में कैलामाइन लोशन लगाया जा सकता है। आपकी त्वचा सांस ले पाए इसके लिए कोमल सूती कपड़े पहनिए। पहले ही रोकथाम करना बाद में उपाय करने से बेहतर है। होली के रंगों का मजा लेने के लिए बाहर निकलने से पहले बरती जाने वाली कुछ सावधानियां- द मोटे कपड़े पहनें जो आपके शरीर को जितना ज्यादा संभव हो, ढककर रखें। इस तरह अगर आप पर कोई ऐसा रंग लगाया गया जो त्वचा के लिहाज से खराब है तो यह त्वचा तक पहुंच ही नहीं पाएगा और संवेदनशील त्वचा सुरक्षित रहेगी। द सनस्क्रीन या बेबी ऑयल लगाइए। सनस्क्रीन या बेबी ऑयल की एक मोटी परत त्वचा पर एक रक्षात्मक आवरण बनाएगी। इससे रंगों के लिए त्वचा में अंदर जाना मुश्किल हो जाएगा। यही नहीं, होली खेलने के बाद इससे रंगों को हटाना या त्वचा को साफ करना आसान होगा। द लाल या गुलाबी शेड का उपयोग करें, जिसे आसानी से हटाया जा सके। ब्लैक, ग्रे, पर्पल और ऑरेंज जैसे रंग त्वचा से हटने में समय लगाते हैं। द कोहनी व घुटनों पर वेसलिन या पेट्रोलियम जेली पहले ही लगा लें। नाखून में रंग लग जाएं तो बहुत खराब लगते हैं और इन्हें तुरंत साफ करना लगभग असंभव है। द लिप बाम का उपयोग करें। होठों पर निशान न पड़ें, इसलिए उनकी रक्षा करें। 

बालों को रंगों के नुकसानदेह रसायनों से बचाने के लिए बालों में तेल लगाएं। इससे बाल धोने के दौरान भी रंगों को हटाने में सहायता मिलती है।द अगर आप को एलर्जी है या रैशेज हो जाते हैं तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें। जानकार की सलाह लेना अच्छा रहता है वरना रसायन आपकी त्वचा को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। द रंग साफ करने के दौरान बेबी ऑयल के साथ मॉयश्चराइज्ड साबुन लगाइए और सुनिश्चित कीजिए कि आप इसे जोर से न रगड़ें, क्योंकि इससे आपकी त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है। 

शरीर से रंग छुड़ाने के लिए नींबू के छिलके का उपयोग कीजिए, क्योंकि इसमें ब्लीचिंग के प्राकृतिक गुण हैं। पर सुनिश्चित कीजिए कि ऐसा करने के बाद पूरे शरीर को मॉयश्चराइज करें।

रंग ठंडे पानी से साफ करें। गर्म पानी का उपयोग न करें, क्योंकि यह त्वचा में चिपकता है और रंगों को धोकर अलग करना बहुत मुश्किल होता है।

बालों और त्वचा के साथ नाखून का भी ख्याल रखें। पारदर्शी नेल पेन्ट लगा दें, ताकि रासायनिक रंग आपके नाखून में न फंसें। इन्हें निकालने में सबसे ज्यादा समय लगता है। आंखें सबसे नाजुक हैं, इसलिए आंखों की रक्षा के उपाय करें। होली खेलने के समय या तो ग्लेयर्स पहनें या फिर भरपूर पानी से आंखों को धोते रहें। सुनिश्चित करें कि आप अपनी आंखें न रगड़ें।

ढेर सारा पानी पीएं और अपने शरीर तथा त्वचा को हाइड्रेटेड रखें क्योंकि सूखी त्वचा में रंग ज्यादा समय तक बने रहते हैं। इसके अलावा तरल पदार्थो के सेवन से ऊर्जा का आपका स्तर बना रहता है।

ऑग्रेनिक रंगों का प्रयोग करें। अपनी त्वचा को कृत्रिम रंगों के हानिकारक रसायनों से सुरक्षित रखने के लिए ऑग्रेनिक रंगों का उपयोग करें। ऑग्रेनिक रंग न केवल त्वचा के अनुकूल हैं, वे पर्यावरण के अनुकूल भी हैं।

 

 

     


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