BREAKING NEWS

बाड़ेबंदी में ऐशोआराम पर करोड़ों रूपये हो रहे स्वाहा

( Read 3267 Times)

01 Aug 20
Share |
Print This Page

बाल मुकुन्द ओझा

बाड़ेबंदी में ऐशोआराम पर करोड़ों रूपये हो रहे स्वाहा

कोरोना महामारी से जूझ रहे राजस्थान सरकार पर अब भी संकट के बदल छा रहे है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का यह बयान काफी सुर्खियों में रहा की विधायकों की खरीद फरोख्त जारी है और पहली किश्त पहुँचने के बाद अब हॉर्स ट्रेडिंग की राशि 25 करोड़ से बढ़कर अनलिमिटेड हों गयी है। राजस्थान की सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के विधायक जयपुर के पांच सितारा होटल में बाड़ेबंदी के बाद अब चार्टर प्लेन से जैसलमेर में शिफ्ट हो गए है।  विधायकों का कहना है एक ही स्थान पर रहने से कुछ बोरियत हो रही थी इसलिए आबोहवा बदलने के लिए जैसलमेर जा रहे है। बाड़ेबंदी और होटल पर ऐसोआराम में करोड़ों रूपये स्वाहा हो रहे है। जो स्वस्थ लोकतंत्र के लिए हानिकारक है। 
बताया जाता है जयपुर में एक पखवाड़े की बाड़ेबंदी के बाद अब जैसलमेर में विधानसभा सत्र शुरू होने तक यह बाड़ाबंदी भी एक पखवाड़े की होगी।  प्रदेश में इससे पूर्व कभी इतनी राजनीतिक उथल-पुथल नहीं हुई जिससे पूरी सरकार सकते में आकर विधायकों से लेकर मंत्री तक कि बाड़े बंदी की गई हो। मुख्यमंत्री गहलोत विधायकों को जयपुर से दूर रखना चाहते हैं क्योंकि कुछ विधायकों पर  उन्हें अभी भी संदेह है। विधायक ईद व रक्षाबंधन स्वर्ण नगरी जैसलमेर में मनाएंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने बाड़ेबंदी के शिफ्ट करने पर सवाल उठाये है और कहा है जैसलमेर के बाद पाकिस्तान जाने का इरादा है क्या।
 राज्य में बाड़ेबंदी का इतिहास पुराना और रोचक है। गहलोत को बाड़ेबंदी का महारथी माना जा रहा है। उन्होंने आधा दर्जन बार प्रदेश और अन्य राज्यों के विधायकों की जयपुर में बाड़ेबंदी कर अपने राजनैतिक कौशल का परिचय दिया था।  2005 से अब तक यहां झारखंड, उत्तराखंड, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात व मध्यप्रदेश के विधायकों की बाड़ाबंदी हो चुकी है। 
राजनीतिक सूत्रों का कहना है अपने विधायकों को टूट-फूट और खरीद-फरोख्त से बचाने के लिए बाड़ाबंदी की जाती है। राजस्थान में बाड़ाबंदी का इतिहास बहुत पुराना है। 1996 में भाजपा के दिग्गज नेता भैरोंसिंह शेखावत की सरकार बचाने के लिए जनता दल से बगावत कर आए विधायकों की जयपुर में बाड़ाबंदी करवाई गई। इसके बाद बागी विधायकों को भाजपा में शामिल कर शेखावत ने प्रदेश में अपनी सरकार बनाई।
राजस्थान में कांग्रेस विधायकों की बाड़ेबंदी के बीच उपमुख्यमंत्री पद से निष्कासित किए गए सचित पायलट की कांग्रेस में वापसी बहुत मुश्किल है। कांग्रेस विधायक दल ने पालयट को निष्कासित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से किया था। पायलट के निष्कासन के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पायलट पर सरकार गिराने के लिए 20 करोड़ का सौदा करने का आरोप लगाया था। बाद में पायलट ने लंबी चुप्पी के बाद जब यह कहा कि वे भारतीय जनता पार्टी में नहीं जाएंगे तो यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि उनकी कांग्रेस में वापसी हो सकती है।


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories : Headlines
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like