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Udaipur News

बाल संरक्षण को लिए बनेगी टास्क फोर्स

मुख्य बिंदु
  • एक्शन प्लान मई 2022 के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर के कार्यालय में बैठक का आयोजन किया गया।
  • बैठक में बालश्रम, बाल विवाह रोको अभियान, बंधुआ मजदूरी रोकने के लिये लिए टॉस्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया।
  • राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष के निर्देशन में मई 2022 के एक्शन प्लान के तहत चलाए जा रहे अभियान बिल्डिंग द नेशन ब्रिक्स बाय ब्रिक्स के तहत उदयपुर जिले में बालश्रम रोकने, बाल विवाह रोको, बंधुआ मजदूरी रोकने, कारखाना अधिनियम, आदि विषयो पर महत्वपूर्ण निर्णय लिये गए।
  • इस कार्य का संपादन किये जाने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर द्वारा टॉस्क फोर्स का गठन किया जाएगा।
  • इस टॉस्क फोर्स में श्रम विभाग के अधिकारी, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष/सदस्य, मानव तस्करी यूनिट के प्रभारी, संबधित तहसील के एसडीएम, संबधित थाने के एसएचओ को सम्मिलित किया जाएगा।
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बाल संरक्षण को लिए बनेगी टास्क फोर्स

उदयपुर । एक्शन प्लान मई 2022 के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर के कार्यालय में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में बालश्रम, बाल विवाह रोको अभियान, बंधुआ मजदूरी रोकने के लिये लिए टॉस्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया।

राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष के निर्देशन में मई 2022 के एक्शन प्लान के तहत चलाए जा रहे अभियान बिल्डिंग द नेशन ब्रिक्स बाय ब्रिक्स के तहत उदयपुर जिले में बालश्रम रोकने, बाल विवाह रोको, बंधुआ मजदूरी रोकने, कारखाना अधिनियम, आदि विषयो पर महत्वपूर्ण निर्णय लिये गए।

इस कार्य का संपादन किये जाने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर द्वारा टॉस्क फोर्स का गठन किया जाएगा।

इस टॉस्क फोर्स में श्रम विभाग के अधिकारी, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष/सदस्य, मानव तस्करी यूनिट के प्रभारी, संबधित तहसील के एसडीएम, संबधित थाने के एसएचओ को सम्मिलित किया जाएगा।

यह टॉस्क फोर्स उदयपुर जिले में बालश्रम मुक्ति अभियान, बंधुआ मजदूरों को मुक्त करवाना एवं उनका पुनर्वास, बाल विवाह रोकने संबधित कार्य के साथ आमजन में जागरूकता अभियान चलाने का कार्य करेगी।

बालश्रम एवं बंधुआ मजदूरी से मुक्त करवाए गए श्रमिकों को पीड़ित प्रतिकर स्कीम एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।

बैठक में बाल संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत ध्रुव कुमार कविया ने बताया कि विधि की सुरक्षा एवं आवश्यकता वाले बालकों हेतु जिला उदयपुर में पर्याप्त संख्या में बाल गृह संचालित है, जिनमें रेस्क्यु किये गए बालक-बालिकाओं को रखने की व्यवस्था है।

बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय भी लिया गया कि जो माता-पिता एवं सरक्षक बालक-बालिकाओं को बाल श्रम हेतु भेजते है उनके विरूद्ध एफ.आई. आर. दर्ज करवाई जाकर कार्यवाही की जानी चाहिए।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में संयुक्त श्रम आयुक्त पी.पी. शर्मा, बाल कल्याण समिति सदस्य के सुरेश चन्द्र, सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।