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सर्व धर्म संरक्षक रहे प्रताप -  प्रो,माथुर

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19 Jan 21
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सर्व धर्म संरक्षक रहे प्रताप -  प्रो,माथुर

 उदयपुर छापामार युद्ध प्रणाली व मुग़ल सेना की रसद रोकने की सफल प्रतिरोध निति से  महाराणा प्रताप  मेवाड़ की स्वतंत्रता  को बनाये रखने के साथ अजय रहे  |

प्रताप सर्व धर्म संरक्षक रह प्रत्येक समुदाय एवं जाती को लेकर मेवाड़ की रक्षा की |

उक्त विचार इतिहासकार डॉ.  गिरीश नाथ  माथुर ने  मेवाड़ इतिहास परिषद के  तत्वावधान में स्वाधीनता व स्वतंत्रता  के प्रतीक महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि  पर आयोजित  " मेवाड़ के संरक्षण मैं प्रताप का संघर्ष " विषयक  संगोष्ठी की अध्यक्षता  कर प्रताप को श्रदांजलि अर्पित करते हुए व्यक्त किये |

परिषद के महासचिव डॉ.मनोज भटनागर ने "महाराणा प्रताप  कालीन मेवाड़ " विषयक शोध पत्र का वाचन करते हुए प्रताप के आश्रय स्थल ऐतिहासिक धरोहर कमलनाथ ( आवरगढ़ ),दिवेर ,चावंड ,कुम्भलगढ़ की धरोहरों के संरक्षण पर  जोर दिया |

 

संगोष्ठी संयोजक शिरीष नाथ माथुर ने  प्रताप को स्वतंत्रता संग्राम का प्रथम अमर पुरोधा बताया |

 

ड़ॉ. संगीता भटनागर ने " प्रताप कालीन दुर्गो का सामरिक महत्व" विषयक शोध पत्र का वाचन  किया |

 

अनुराधा माथुर ने प्रताप की वीर गाथाओ पर प्रकाश  डालते हुए कहा की प्रताप ने मेवाड़ के मान  सम्मान को विश्व स्तर पर स्थापित किया है |

 

राजस्थान आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी संघ उदयपुर के अध्यक्ष डॉ. गुणवंत सिंह देवड़ा  ने प्रताप के जीवन आदर्शो पर प्रकाश डाला |

 

इतिहासकार डॉ .जे.के.ओझा ,डॉ .राजेन्द्रनाथ पुरोहित ने भी अपने विचार रखे |

अक्षय लोकजन के जय किशन चौब्बे ने भी प्रताप को पुष्पांजलि अर्पित की |

संगोष्ठी का आयोजन वेबिनार के माद्यम से हुआ | 


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