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Udaipur News

शिल्पग्राम में तीन दिवसीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य समारोह

‘‘मल्हार’’ 30 अगस्त से, गायन, कुचिपुड़ी और कथक होंगे आकर्षण

मुख्य बिंदु
  • उदयपुर / पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की ओर से कला परिसर शिल्पग्राम में आगामी 30, 31 अगस्त एवं 1 सितम्बर को शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य उत्सव ‘‘मल्हार’’ का आयोजन किया जायेगा।
  • तीन दिवसीय उत्सव में कला रसिकों को शास्त्रीय गायन, कुचिपुड़ी और कथक के रसास्वादन का अवसर मिलेगा।
  • केन्द्र के प्रभारी निदेशक ने इस आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि शास्त्रीय कलाओं के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करने तथा नवीन पीढ़ी में शास्त्रीय कलाओं को सराहने व समझने का गुण विकसित करने के लिये पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा हर वर्ष ‘‘मल्हार’’ का आयोजन किया जाता है।
  • मल्हार भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य का प्रमुख अंग रहा है तथ देश के अनेक विद्व कला साधकों ने अपनी कला से वर्षा ऋतु के पर्व को अलग-अलग अंदाज में प्रस्तुत किया है।
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शिल्पग्राम में तीन दिवसीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य समारोह

उदयपुर / पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की ओर से कला परिसर शिल्पग्राम में आगामी 30, 31 अगस्त एवं 1 सितम्बर को शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य उत्सव ‘‘मल्हार’’ का आयोजन किया जायेगा। तीन दिवसीय उत्सव में कला रसिकों को शास्त्रीय गायन, कुचिपुड़ी और कथक के रसास्वादन का अवसर मिलेगा।

केन्द्र के प्रभारी निदेशक ने इस आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि शास्त्रीय कलाओं के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करने तथा नवीन पीढ़ी में शास्त्रीय कलाओं को सराहने व समझने का गुण विकसित करने के लिये पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा हर वर्ष ‘‘मल्हार’’ का आयोजन किया जाता है। मल्हार भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य का प्रमुख अंग रहा है तथ देश के अनेक विद्व कला साधकों ने अपनी कला से वर्षा ऋतु के पर्व को अलग-अलग अंदाज में प्रस्तुत किया है।

कला के इस अनूठे रूप को वर्षा की रिमझिम के साथ आत्मसात करने के लिये केन्द्र द्वारा 30 अगस्त से1 सितम्बर तक तीन दिवसीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य समारोह का आयोजन शिल्पग्राम के दर्पण सभागार में रोजाना शाम 7.00 बजे किया जा रहा है।

30 अगस्त को आयोजन का आगाज़ पुणे के कलाकार व प्रसिद्ध गायक पं. सजीव अभ्यंकर के गायन से होगा। 31 अगस्त की शाम अभिनया नागज्योति द्वारा कुचिपुड़ी शैली का प्रदर्शन किया जायेगा।

समारोह के आखिरी दिन 1 सितम्बर को दिल्ली की अनु सिन्हा द्वारा कथक की प्रस्तुति दी जावेगी। तीन दिवसीय इस आयोजन में दर्शकों के लिये प्रवेश निःशुल्क होगा।