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बजट घोषणाओं का पुलिन्दा,सरकार की बिदाई तय-अशोक गहलोत

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13 Feb, 18 09:19
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राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव श्री अशोक गहलोत ने राज्य के बजट को घोषणाओं का पुलिन्दा बताते हुए कहा कि तीन उप चुनावों में भारी पराजय के बाद मुख्यमंत्री आसमान से तारे भी तोड़ लाती तो भी प्रदेशवासियों का मन बदलने वाला नहीं है। इस सरकार की बिदाई तय है।
श्री गहलोत ने अपने बयान में कहा कि भारी बहुमत के बाद सत्ता में आई भाजपा सरकार के कुशासन से चार साल तक त्रस्त रहने के बाद उप चुनावों में जनता ने अपना आक्रोश व्यक्त किया है। अब जो घोषणायें की गयी हैं, उन्हें मात्र आठ माह में पूरा कर देने का जो छलावा किया गया है, उसे सब समझते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में सरकार ने किसानों की सम्पूर्ण कर्ज माफी की बजाय सिर्फ 50 हजार रूपये तक का ही कर्ज माफ किया है। समर्थन मूल्यों को तर्कसंगत बनाने का बजट में रोड मैप का कोई जिक्र न कर किसानों के साथ छलावा किया है। पेट्रोल एवं डीजल पर टैक्स में कोई कमी नहीं कर महंगाई से त्रस्त आमजन को कोई राहत नहीं दी गयी है। सबसे बड़ा छलावा युवा वर्ग के साथ किया गया है। चार वर्ष के कार्यकाल में सरकार पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गयी भर्तियों तक को नहीं भर पाई है और न ही खुद कोई भर्तियां कर पाई है। संविदाकर्मियों के लिये कोई घोषणा न कर सरकार ने उनके साथ कुठाराघात किया है। बजट से राज्य के कर्मचारी वर्ग को भी पूरी तरह से निराशा हाथ लगी है।
श्री गहलोत ने कहा कि दिशाहीन इस बजट में घोषणायें ऐसी हैं जिन्हें आने वाले कई सालों में भी पूरा करना सम्भव नहीं है, मगर मुख्यमंत्री ने गुमराह करने के लिये बजट के जरिये कुचेष्टा की है। रिफाइनरी को लेकर नये एमओयू में 40 हजार करोड की बचत करने की बात कही गयी है, जबकि असल में सिर्फ ब्याजमुक्त ऋण कम हुआ है। इसके विपरीत लागत में छः हजार करोड की बढोतरी हुई है। रिफाईनरी कम पेट्रोकेमिकल कॉम्पलेक्स तथा सहायक उद्योग-धन्धे लगने से प्राप्त होने वाले रोजगार, आर्थिक विकास एवं राजस्व आय से चार साल तक प्रदेश को वंचित करने का जो पाप इस सरकार ने किया है, उसे जनता कभी माफ नहीं करेगी। जयपुर मेट्रो, डूंगरपुर-बांसवाड़ा-रतलाम रेल्वे लाईन, परवन सिंचाई एवं पेयजल परियोजना, मेमू कोच फैक्ट्री आदि महत्वपूर्ण परियोजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में बजट में कोई चर्चा तक नहीं की।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कहने को तो बजट में कोई नया कर नहीं लगाने की बात कही गयी है, लेकिन सच्चाई यह है कि जी.एस.टी. में सभी वस्तुओं को पहले से ही कर के दायरे में लिया जा चुका है। नये कर लगाने का अधिकार अब तो वैसे भी राज्य सरकार के पास नहीं है।
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