दिनांके -(आँग्ल) 14/01/2022.शुक्रवार राष्ट्रीय भारतीय दिनांक24 /10/1943 24पौष मास1943 सृष्टिगतसौरार्कदिनांक - 29/09 /1955885122#(# पंचांगकारानुसार वर्ष, दैनिक सूर्योदय कालीन सूर्य संक्रांति राशि - अंशतः अंकतः स्थानीय व्यवस्था) भारतीय पंचांग विक्रमीय दिनांक 27/10/2078 ( इसे यहाँ निम्नानुसार लिखा है - सूर्योदयी तिथि सौरतः कृष्ण पक्षतः या गताग्र /पूर्णिमांत चैत्रादि मास /विक्रम संवत्|तिथि /मास में वृद्धि) पौष तिथि द्वादशी22:18:38 पक्ष शुक्ल नक्षत्र रोहिणी20:16:34 योग शुक्ल13:33:52 करण बव08:55:49 करण बालव22:18:38 माह (अमावस्यांत)पौष माह (पूर्णिमांत)पौष चन्द्र राशि वृषभ सूर्य राशि धनु 14:28:08 तक।
सूर्य राशि मकर 14:28:08से।
सूर्योदय07:23:17 सूर्यास्त18:07:36 दिन काल10:44:19 रात्री काल13:15:39 चंद्रोदय15:08:55 चंद्रास्त29:11:37* सूर्योदयलग्न धनु29°42' , सूर्य नक्षत्र उत्तराषाढा चन्द्र नक्षत्र रोहिणी आज के नामकरणाक्षर पद, चरण3 वी रोहिणी13:29:10 4 वु रोहिणी20:16:34 1 वे मृगशीर्षा27:03:30* मुहूर्त राहु काल11:25 - 12:45अशुभ यम घंटा15:27 - 16:47अशुभ अभिजित्12:24 -13:07शुभ दूर मुहूर्त09:32 - 10:15अशुभ दूर मुहूर्त13:07 - 13:50अशुभ चोघडिया, दिन चर07:23 - 08:44शुभ लाभ08:44 - 10:04शुभ अमृत10:04 - 11:25शुभ काल11:25 - 12:45अशुभ शुभ12:45 - 14:06शुभ रोग14:06 - 15:27अशुभ उद्वेग15:27 - 16:47अशुभ चर16:47 - 18:08शुभ चोघडिया, रात रोग18:08 - 19:47अशुभ काल19:47 - 21:27अशुभ लाभ21:27 - 23:06शुभ उद्वेग23:06 - 24:45*अशुभ शुभ24:45* - 26:25*शुभ अमृत26:25* - 28:04*शुभ चर28:04* - 29:44*शुभ रोग29:44* - 31:23*अशुभ (अंतिम कॉलम अंत समय है.) ++++++++++++++++ विशेष विवेचन - आकाशदर्शन/स्वाध्याय बोध -मकर संक्रांति ।सूर्य मकर में 14:28।
पुण्य काल 14:28 उपरांत अच्छा समय सायं 5से6.।धनु मास समाप्त। माघ बिहु आसाम।
पोंगल दक्षिण भारत। दक्षिण वायव्य दिशाएँ प्रभावित।जनहित योजना ।
शिक्षा-तकनीकी एवं जलोत्थान सैन्यप्रकरण में नव चिंतन । ग्राफिक्स सदिश प्रभावित पर। । ############## *अन्तिम कालम अन्त समाप्तिकाल है।
*समय आधी रात के बाद, लेकिन अगले दिन के सूर्योदय से पहले। तिथि - वार- नक्षत्र - योग - करण पंचांग में किसी के अशुभ प्रभाव में शुभाधिक्यता में सुयोग की तथा भद्रादि के यथा परिहार की मान्यता प्रचलित। कहीं स्थानीय यथाव्यवस्था देशाचारीय मान्यता से व्रतपर्वोत्सवोंकी व्यावहारिकता प्रचलित । जीवोत्थान स्थानीय देशान्तर - अक्षांश पर संगणित। विशेषार्थ आपके स्थलीय पंचांग दृष्टव्य।
@जीवोत्थान जन्म राशि फलानुमान @ ################## जन्मराशितःआज सांकेतिक फलानुमान (विशेषार्थ स्वजन्म पत्रिका दृष्टव्य) (एकन्दर राशि फल बोध ++++++++++++ वृश्चिक मीन धन कर्क राशि वालों के लिये दिनमान के मिश्रित , मिथुन तुला कुंभ के लिए अड़चन फलद समय तथा अन्य हेतु अपेक्षाकृत दिनमान ठीक।)
जन्म राशि - - - - - समेकित फलानुमान मेष - सुधार 59 % वृष. - अच्छा 63 % मिथुन - अवरोध 54 % कर्क. ठीक ठाक 43 - % सिंह. - अच्छा 63 % कन्या. -अनुकूल 67 % तुला-परेशानी 66 % वृश्चिक- उलझन 65 % धन. - मिश्रित 63 % मकर-अच्छा 65 % कुंभ- परेशानी 67 % मीन- मिश्रित 58 % विशेष - दिन शुद्धि सामान्यतः ठीक ठाक फलद है।
जीवोत्थान पाक्षिक जन्म राशि समेकित फलानुमान ================ (जनवरी पूर्वार्द्धभागे ) जन्म राशितः मेष - - ठीक ठीक वृष - - -परेशानी मिथुन - - - - - - अनुकूलता कर्क - - - - - लाभ सिंह - - - - -ठीक ठाक कन्या - - - उलझन तुला - - - - अच्छा वृश्चिक - - - अनुकूलता धन - - - उलझन मकर - - - - -परेशानी कुंभ - - - - - लाभ मीन - - - - - - तरक्की {(जीवात्मा की विचित्रता, ग्रह-प्रकृति फल भोग।
कर्मफल के सार से, जीवनचक्र - संजोग ।। स्वात्मदेव सुसाक्षी रख, स्मरण परब्रह्म साथ।
स्वशुद्धभाव कर्मरत् हो ,तो साथ रहे नाथ। सम्मान प्रदान,दिया,लिया,,यथाभाग्य सब लेख।
सुजन निभावे पात्रता,आप्राण विधि- प्रलेख।।)} भारत की अद्वितीय विशेषताओं का, अनवरत् दिव्यामृतपान करनाहै।
"ब्रह्माण्डोत्थान" हेतु मानवादर्श का, 'जीवोत्थान 'सदाश्रय को अपनाना है।।
परिवारे गृहे देशे, स्वस्त्यस्त्वद्यदिने शुभे।
परब्रह्मप्रसादेन, सर्वानुकूलमङ्गलम्।। विद्या- दीक्षादिसंस्कार-वृत्तिर्जीवनसाधनम्।
प्रचलिते कलौ काले,चाशीर्वादोऽपि तादृशः!।।
ॐमहर्षि - यादवेन्द्र जीवोत्थान उदयपुर
