दिनांके -(आँग्ल) 27/11/2021,शनिवार राष्ट्रीय भारतीय दिनांक 06/09/1943 06मार्गशीर्ष मास1943 सृष्टिगतसौरार्कदिनांक - 10/08 /1955885122#(# पंचांगकारानुसार वर्ष, दैनिक सूर्योदय कालीन सूर्य संक्रांति राशि - अंशतः अंकतः स्थानीय व्यवस्था) भारतीय पंचांग विक्रमीय दिनांक 08/09/2078 ( इसे यहाँ निम्नानुसार लिखा है - सूर्योदयी तिथि सौरतः कृष्ण पक्षतः या गताग्र /पूर्णिमांत चैत्रादि मास /विक्रम संवत्|तिथि /मास में वृद्धि) मार्गशीर्ष तिथि अष्टमी29:59:36* पक्ष कृष्ण नक्षत्र मघा 21:42:18 योग ऐन्द्र07:35:07 योग वैधृति30:36:08* करण बालव17:56:48 करण कौलव29:59:36* माह (अमावस्यांत)कार्तिक माह (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष चन्द्र राशि सिंह सूर्य राशि वृश्चिक सूर्योदय07:01:31 सूर्यास्त17:46:19 दिन काल10:44:48 रात्री काल13:15:54 चंद्रास्त13:06:23 चंद्रोदय24:35:14* सूर्योदय लग्न वृश्चिक10°51' ,'सूर्य नक्षत्र अनुराधा चन्द्र नक्षत्र मघा आज के नामकरणाक्षर पद, चरण2 मी मघा09:14:15 3 मू मघा15:29:39 4 मे मघा21:42:18 1 मो पूर्व फाल्गुनी27:52:08* मुहूर्त राहु काल09:43 - 11:03अशुभ यम घंटा13:45 - 15:05अशुभ अभिजित्12:02 -12:45शुभ दूर मुहूर्त08:27 - 09:10अशुभ गंड मूल07:02 - 21:42अशुभ चोघडिया, दिन काल07:02 - 08:22अशुभ शुभ08:22 - 09:43शुभ।
रोग09:43 - 11:03अशुभ उद्वेग11:03 - 12:24अशुभ चर12:24 - 13:45शुभ लाभ13:45 - 15:05शुभ अमृत15:05 - 16:26शुभ काल16:26 - 17:46अशुभ चोघडिया, रात लाभ17:46 - 19:26शुभ उद्वेग19:26 - 21:05अशुभ शुभ21:05 - 22:45शुभ अमृत22:45 - 24:24*शुभ चर24:24* - 26:04*शुभ रोग26:04* - 27:43*अशुभ काल27:43* - 29:23*अशुभ लाभ29:23* - 31:02*शुभ (अंतिम कॉलम अंत समय है.) ++++++++++++++++ विशेष विवेचन - आकाशदर्शन/स्वाध्याय बोध -कालाष्टमी कालभैरवाष्टमी जयंती ।नीचे के भूभागांग भूमध्य भूतल तथा अग्नि पश्चिम दिशाएँ प्रभावित।
। जनहित योजना । अप्रियता संकिर्णता टुट फुट कार्यावरोध. अनावश्यक पुनरावृत्ति के कहीं संकेत ।अनुसंधान शिक्षा-तकनीकी एवं वणिक् प्रकरण में नव चिंतन ।
ग्राफिक्स अधो मुखी प्रभावित पर। । ############## *अन्तिम कालम अन्त समाप्तिकाल है।
*समय आधी रात के बाद, लेकिन अगले दिन के सूर्योदय से पहले। तिथि - वार- नक्षत्र - योग - करण पंचांग में किसी के अशुभ प्रभाव में शुभाधिक्यता में सुयोग की तथा भद्रादि के यथा परिहार की मान्यता प्रचलित। कहीं स्थानीय यथाव्यवस्था देशाचारीय मान्यता से व्रतपर्वोत्सवोंकी व्यावहारिकता प्रचलित । जीवोत्थान स्थानीय देशान्तर - अक्षांश पर संगणित। विशेषार्थ आपके स्थलीय पंचांग दृष्टव्य।
@जीवोत्थान जन्म राशि फलानुमान @ ################## जन्मराशितःआज सांकेतिक फलानुमान (विशेषार्थ स्वजन्म पत्रिका दृष्टव्य) (एकन्दर राशि फल बोध ++++++++++++ धन सिंह कुंभ राशि वालों के लिये दिनमान के मिश्रित , वृष कन्या मकर के लिए अड़चन फलद समय तथा अन्य हेतु अपेक्षाकृत दिनमान ठीक।)
जन्म राशि - - - - - समेकित फलानुमान मेष - सुधार 61 % वृष. - अवरोध 59% मिथुन - अच्छा 63 % कर्क. - सुधार 61 % सिंह. - मिश्रित 58 % कन्या. - परेशानी 66 % तुला. अनुकूलता 59 % वृश्चिक. सुधार 61 % धन. -उलझन 58 % मकर. - परेशानी 66 % कुंभ. - मिश्रित 63 % मीन. - अच्छा 63 % विशेष - दिन शुद्धि सामान्यतः अच्छी फलद है।
जीवोत्थान पाक्षिक जन्म राशि समेकित फलानुमान ================ (नवंबर उत्तरार्ध) जन्म राशितः मेष - - मिश्रित वृष - - - -मिश्रित मिथुन - - - - - - अनुकूलता कर्क - - - - - मिश्रित सिंह - - - - -अवरोध कन्या - - - -अच्छा तुला - - - - सुधार वृश्चिक - - - - उलझन धन - - - - - - - -मिश्रित मकर - - - - - तरक्की कुंभ - - - - - अच्छा मीन - - - - - - ठीक ठीक {(जीवात्मा की विचित्रता, ग्रह-प्रकृति फल भोग।
कर्मफल के सार से, जीवनचक्र - संजोग ।। स्वात्मदेव सुसाक्षी रख, स्मरण परब्रह्म साथ।
स्वशुद्धभाव कर्मरत् हो ,तो साथ रहे नाथ। सम्मान प्रदान,दिया,लिया,,यथाभाग्य सब लेख।
सुजन निभावे पात्रता,आप्राण विधि- प्रलेख।।)} भारत की अद्वितीय विशेषताओं का, अनवरत् दिव्यामृतपान करनाहै।
"ब्रह्माण्डोत्थान" हेतु मानवादर्श का, 'जीवोत्थान 'सदाश्रय को अपनाना है।।
परिवारे गृहे देशे, स्वस्त्यस्त्वद्यदिने शुभे।
परब्रह्मप्रसादेन, सर्वानुकूलमङ्गलम्।। विद्या- दीक्षादिसंस्कार-वृत्तिर्जीवनसाधनम्।
प्रचलिते कलौ काले,चाशीर्वादोऽपि तादृशः!।।
ॐमहर्षि - यादवेन्द्र जीवोत्थान उदयपुर
