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जीवोत्थान पंचांगम्  एवं सांकेतिक जन्म राशि फलानुमान (पाक्षिक  समेकित राशि फल सहित)15/09/2021, बुधवार

(महर्षि यादवेन्द्र शिक्षा शास्त्री, Rtd RES, भाषात्रयी आशुसाहित्यकार)

(महर्षि यादवेन्द्र शिक्षा शास्त्री, Rtd RES, भाषात्रयी आशुसाहित्यकार)

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जीवोत्थान पंचांगम्  एवं सांकेतिक जन्म राशि फलानुमान (पाक्षिक  समेकित राशि फल सहित)15/09/2021, बुधवार

Jeevotthan Panchangam, Sanskaritam - Evam Janm Rashi Falanuman दिनांके -(आँग्ल)15/09/2021, बुधवार राष्ट्रीय भारतीय दिनांक24 /06/1943 24 भाद्रपद मास1943 सृष्टिगतसौरार्कदिनांक - 28/05 /1955885122#(# पंचांगकारानुसार वर्ष, दैनिक सूर्योदय कालीन सूर्य संक्रांति राशि - अंशतः अंकतः स्थानीय व्यवस्था) भारतीय पंचांग विक्रमीय दिनांक 24/06/2078 ( इसे यहाँ निम्नानुसार लिखा है - सूर्योदयी तिथि सौरतः कृष्ण पक्षतः या गताग्र /पूर्णिमांत चैत्रादि मास /विक्रम संवत्|तिथि /मास में वृद्धि) नवमी, शुक्ल पक्ष भाद्रपद तिथि नवमी11:16:57 पक्ष शुक्ल नक्षत्रपूर्वाषाढा28:54:52* योग सौभाग्य24:51:18* करण कौलव11:16:57 करण तैतिल22:24:55 माह (अमावस्यांत)भाद्रपद माह (पूर्णिमांत)भाद्रपद चन्द्र राशि धनु सूर्य राशि सिंह सूर्योदय06:23:37 सूर्यास्त18:38:58 दिन काल12:15:20 रात्री काल11:44:59 चंद्रोदय14:45:08 चंद्रास्त25:30:01* सूर्योदयलग्न सिंह28°16' , सूर्य नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी चन्द्र नक्षत्र पूर्वाषाढा आज के नामकरणाक्षर पद, चरण1 भू पूर्वाषाढा11:38:19 2 धा पूर्वाषाढा17:23:08 3 फा पूर्वाषाढा23:08:39 4 ढा पूर्वाषाढा28:54:52* मुहूर्त राहु काल12:31 - 14:03अशुभ यम घंटा07:56 - 09:27अशुभ अभिजित्12:07 -12:56अशुभ दूर मुहूर्त12:07 - 12:56अशुभ चोघडिया, दिन लाभ06:24 - 07:56शुभ अमृत07:56 - 09:27शुभ काल09:27 - 10:59अशुभ शुभ10:59 - 12:31शुभ रोग12:31 - 14:03अशुभ उद्वेग14:03 - 15:35अशुभ चर15:35 - 17:07शुभ लाभ17:07 - 18:39शुभ चोघडिया, रात उद्वेग18:39 - 20:07अशुभ शुभ20:07 - 21:35शुभ अमृत21:35 - 23:03शुभ चर23:03 - 24:31*शुभ रोग24:31* - 25:59*अशुभ काल25:59* - 27:28*अशुभ लाभ27:28* - 28:56*शुभ उद्वेग28:56* - 30:24*अशुभ अंतिम कॉलम अंत समय है. होरा(वारों की प्रकृति तथा करणीय शुभ कामों के अनुसार उपयोगी) होरा, दिन बुध06:24 - 07:25 चन्द्र07:25 - 08:26 शनि08:26 - 09:27 बृहस्पति09:27 - 10:29 मंगल10:29 - 11:30 सूर्य11:30 - 12:31 शुक्र12:31 - 13:33 बुध13:33 - 14:34 चन्द्र14:34 - 15:35 शनि15:35 - 16:36 बृहस्पति16:36 - 17:38 मंगल17:38 - 18:39 होरा, रात सूर्य18:39 - 19:38 शुक्र19:38 - 20:36 बुध20:36 - 21:35 चन्द्र21:35 - 22:34 शनि22:34 - 23:33 बृहस्पति23:33 - 24:31* मंगल24:31* - 25:30* सूर्य25:30* - 26:29* शुक्र26:29* - 27:28* बुध27:28* - 28:26* चन्द्र28:26* - 29:25* शनि29:25* - 30:24* ++++++++++++++++ विशेष विवेचन - आकाशदर्शन/स्वाध्याय बोध - श्री चंद्र नवमी।

अदुःख नवमी। रवियोग। अग्नि। पूर्व दिशाएँ प्रभावित।

जनहित योजना । शिक्षा-तकनीकी एवं विद्वत् सज्जन में किसी प्रकरण में नव चिंतन ।

ग्राफिक्स सुधार प्रभावित पर। । ############## *अन्तिम कालम अन्त समाप्तिकाल है।

*समय आधी रात के बाद, लेकिन अगले दिन के सूर्योदय से पहले। तिथि - वार- नक्षत्र - योग - करण पंचांग में किसी के अशुभ प्रभाव में शुभाधिक्यता में सुयोग की तथा भद्रादि के यथा परिहार की मान्यता प्रचलित। कहीं स्थानीय यथाव्यवस्था देशाचारीय मान्यता से व्रतपर्वोत्सवोंकी व्यावहारिकता प्रचलित । जीवोत्थान स्थानीय देशान्तर - अक्षांश पर संगणित। विशेषार्थ आपके स्थलीय पंचांग दृष्टव्य।

@जीवोत्थान जन्म राशि फलानुमान @ ################## जन्मराशितःआज सांकेतिक फलानुमान (विशेषार्थ स्वजन्म पत्रिका दृष्टव्य) (एकन्दर राशि फल बोध ++++++++++++ कर्क तुला राशि वालों के लिये दिनमान के मिश्रित , वृष कन्या मकर के लिए अड़चन फलद समय तथा अन्य हेतु अपेक्षाकृत दिनमान ठीक।)

जन्म राशि - - - - - समेकित फलानुमान मेष - सुधार 61 % वृष. - परेशानी 67 % मिथुन - अच्छा 63 % कर्क. - ठीक ठाक 52 % सिंह. - अच्छा 63 % कन्या. - अवरोध 59 % तुला. मिश्रित 58 % वृश्चिक. अनुकूलता 59 % धन. - मिश्रित 63 % मकर. -परेशानी 67 % कुंभ. - अनुकूलता 62 % मीन. अच्छा 63 - % विशेष - दिन शुद्धि सामान्यतःठीक फलद है।

जीवोत्थान पाक्षिक जन्म राशि समेकित फलानुमान ================ (सितम्बर पूर्वार्द्ध ) मेष - - प्रभावी वृष - - - -मिश्रित मिथुन - - - - - - अनुकूल मिश्रित कर्क - - - - - सुधार ।

सिंह - - - - -लाभदायक कन्या - - - - परेशानी तुला - - - - लाभदायक वृश्चिक - - - - उन्नति धन - - - - - - - - - अच्छा मकर - - - - - मिश्रित कुंभ - - - - - - -अच्छा मिश्रित मीन - - - - - - अनुकूल भारत की अद्वितीय विशेषताओं का, अनवरत् दिव्यामृतपान करनाहै।

"ब्रह्माण्डोत्थान" हेतु मानवादर्श का, 'जीवोत्थान 'सदाश्रय को अपनाना है।।

ॐमहर्षि - यादवेन्द्र जीवोत्थान उदयपुर।