logo

पेंतालिस साल बाद RNT. 68 का स्नेह मिलन

( Read 31064 Times)

13 Mar 18
Share |
Print This Page
पेंतालिस साल बाद  RNT. 68 का स्नेह मिलन
दो दिवसीय स्नेह मिलन ६८ बैच का इन्दर रेजीडेंसी में शुरू हुआ ,देश विदेश से आये ४५ साल बाद मिलने कई तो अपने सहपाठियों को पहिचान भी नहीं पाए .माँ शारदा के वंदन के साथ कार्यक्रम प्रारंभ हुआ ,सारस्वती पूजन पी एम सी एच के वाईस चांसलर डॉ डी .पी अग्रवाल ,गीतांजलि मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ ऍफ़ एस मेहता और अन्य ने किया .
परिचय कार्यक्रम –
परिचय के प्रथम सत्र में बारी बारी से एक एक सहपाठी ने पत्नी सहित मंच पर आकर अपना परिचय दिया और छात्र जीवन की कोई घटना सुनाई.उनका उपरना और पगड़ी पहिना कर सम्मान किया गया और फोटो सेशन किया गया .
गुरुजनों का सम्मान
“गुरुजनों का सम्मान हमारी परंपरा रही हे ये वे गुरुजन हे जिनकी वजह से आज हम इतने बड़े डॉक्टर बन सके हे इन शब्दों के साथ गुरुजन सम्मान कार्यक्रम शुरू हुआ .गुरुजनों को मंच पर बुलाकर चरणस्पर्श कर पगड़ी और उपरना पहिना कर और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया डॉ एच .के बेदी ,डॉ बी .भंडारी .डॉ ए.एस .गुप्ता ,डॉ एच .ऐन एस भटनागर ,डॉ ऐ .के ध्रुव ,श्रीमती कृष्णा कुशलानी ,टी.एस .अरोड़ा . डॉ .रमेश ओज ,डॉ उमा ओझा ,डॉ अमर सिंह चुण्डावत इसमें उपस्थित थे .
डॉ डी .पी .सिंह प्रिंसिपल एवम कंट्रोलर आर ऐन टी मेडिकल कॉलेज ने कार्यक्रम की अध्क्षता की और कहा की अब तक का यह तीसरा बैच हे जो इस तरह अपने पचास वर्ष पर गोल्डन जुबली मना रहा हे .हमारे छात्रों ने देश विदेश में उच्च पदों और उत्क्रष्ट कार्य कर कॉलेज का नाम ऊँचा किया हे मुझे उस पर गर्व हे .उन्होंने आज कॉलेज किस ऊंचाई पर पहुच रहा हे इसका वर्णन किया .
श्रद्दांजलि
अबतक हमारे सहपाठी और हमारे गुरुजन जो हमें छोड़ ब्रह्मलीन हो चुके उनको याद कर दो मिनिट का मौन कर उन्हें श्रदांजलि अर्पित की गई .
कार्यक्रम का संचालन डॉ के के भंडारी डॉ सलमा मश् रकी व डॉ एस एन शर्मा ने किया .इसके बाद दिन का भोजन संपन्न हुआ /
परिचय द्वितीय सत्र
भोजन के बाद परिचय का दूसरा सत्र प्रारंभ हुआ जिसमे बाकी सहपाठियों ने सपत्नीक मंच पर आकर अपना परिचय दिया .उनका भी पगड़ी और उपरना पहिना कर सम्मान किया गया और फोटो लगा प्रतीक चिन्ह सभी को भेट किया गया /
फोटो सेशन
इन्दर रेजीडेंसी के पिछले भाग की छोटी पहाड़ी पर सभी सपत्नी खड़े हुए और एक फोटो सेशन किया गया जो एक याद गार बन गया .
मनोरंजन
रात्रि साढ़े आठ बजे इस दिन अंतिम सत्र मनोरंजन का प्रारंभ हुआ .कई मित्रो ने गीत ,कविता गाये और डॉ अरुण माथुर और उनकी पत्नी का गीत” केसरिया बालम पधारो मारे देश “सभी को पसंद आया .दोनों का नृत्य जो “उडी जब जब जुल्फे तेरी “ गीत पर था बहुत पसंद आया .डॉ गरिमा और डॉ सत्येन्द्र कौर ने भी अपना नृत्य प्रस्तुत किया .
सोविनिएर विमोचन
डॉ पी .सी .जैन के संपादन में बनाई सोविनिएर का विमोचन ओर्गानिसिंग कमिटी के सचिव डॉ एम .सी .बंसल .वी .सी .डॉ डी .पी अग्रवाल ,डीन डॉ ऍफ़ एस मेहता ने किया .
सोविनिएर में सबका अभी और सन ६८ के और परिवार के फोटो और पुरे परिवार का परिचय सम्मिलित हे .
प्रथम दिन रात्रि भोज के साथ संपन्न हुआ .
दिवितीय दिवस
सुबह नास्ता कर सब ही अपने प्रिय कॉलेज आर .ऐन .टी .मेडिकल कॉलेज के पोर्च में पहुचे और और डॉ महेश बंसल द्वारा स्थापित सरस्वती की मूर्ति की अर्चना कर फोटो खिचवाए .
कॉलेज पोर्च में श्री रविन्द्र नाथ टैगोर की प्रतिमा के साथ सभी ने फोटो सेशन संपन्न किया .
पिकनिक
इसके बाद सभी एकलिंगजी स्तिथ सास बहु के मंदिर को देख कर हेरिटेज रिसोर्ट पहुचे जहा पिकनिक रखी गई .पेड़ो की छाया में सभी बेठ गए .होउजी के गेम के बाद जोक्स ,कविता ,गीत सुनाये गए .डॉ पी .सी जैन की कविता “ बाई थू काले क्यू नी आई ‘ पर सभी लोटपोट हो गए .
डॉ डी .पी अग्रवाल जो इस गोल्डन जुबली की समिति के डायरेक्टर रहे ने बेस्ट कपल डॉ ऍफ़ एस मेहता ,और गरिमा मेहता को दिया ,बेस्ट ड्रेस का डॉ मृदुल गहलोत को दिया गया .
डॉ जेनेन्द्र सिंघवी ने सभी को अगले वर्ष फिर इसी तरह मिलने का कार्यक्रम करने के लिए कोटा आमंत्रित किया .
इस कार्यक्रम को सम्पन कराने हेतु दिन रात एक कर देने वाले सचिव डॉ महेश बंसल को पगड़ी उपरना और माला पहिना कर सम्मानित किया गया .
दिन का भोजन श्रीमती प्रेम पत्नी डॉ एम सी बंसल द्वारा दाल बाटी और चूरमा खिला कर संपन्न किया गया .
विदाई
चार बजे सभी गले ने मिलकर विदाई ली और अपने अपने अपने घरो के लिए रवाना हुए .
पेतालिश वर्ष बाद मिले अपने सहपाठियों से मिलने का यह एक यादगार कार्यक्रम संपन्न हुआ .

Source :
This Article/News is also avaliable in following categories : Headlines , Health Plus
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like