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नैपकॉन में डॉ. अतुल लुहाड़िया बने फैकल्टी

देश की सबसे बड़ी चेस्ट सम्मेलन नैपकॉन में डॉ. अतुल लुहाड़िया बने फैकल्टी

मुख्य बिंदु
  • हैदराबाद मे आयोजित देश की सबसे बड़ी राष्ट्रीय चेस्ट सम्मेलन नैपकॉन में गीतांजली मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के टीबी एवं श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ.
  • अतुल लुहाड़िया को उदयपुर से फैकल्टी के रूप में बुलाया गया।
  • उन्होंने जटिल अस्थमा , अनकंट्रोल्ड अस्थमा ऐवम एलर्जिक ब्रोंकोपल्मोनरी एस्पर्जिलोसिस (ए.
  • ) नामक फ़ेफ़डो की बीमारियों पर पैनल डिस्कशन किया एवं अपना अनुभव साझा किया।
  • उन्होंने बताया कि जिन मरीज़ों में अस्थमा के लक्षण नियमित दवाईयों से कंट्रोल नहीं होते है , उनमें इनहेलेशन की तकनीक को चेक करना चाहिए तथा जटिल अस्थमा ऐवम ए.
  • के लिए जाँचना चाहिए ताकि जल्द ही उनका निदान एवं ईलाज किया जा सके और बीमारी को आगे बढ़ने से रोका जा सके ।
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 नैपकॉन में डॉ. अतुल लुहाड़िया बने फैकल्टी

हैदराबाद मे आयोजित देश की सबसे बड़ी राष्ट्रीय चेस्ट सम्मेलन नैपकॉन में गीतांजली मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के टीबी एवं श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल लुहाड़िया को उदयपुर से फैकल्टी के रूप में बुलाया गया।

उन्होंने जटिल अस्थमा , अनकंट्रोल्ड अस्थमा ऐवम एलर्जिक ब्रोंकोपल्मोनरी एस्पर्जिलोसिस (ए.बी.पी.ए.) नामक फ़ेफ़डो की बीमारियों पर पैनल डिस्कशन किया एवं अपना अनुभव साझा किया।

उन्होंने बताया कि जिन मरीज़ों में अस्थमा के लक्षण नियमित दवाईयों से कंट्रोल नहीं होते है , उनमें इनहेलेशन की तकनीक को चेक करना चाहिए तथा जटिल अस्थमा ऐवम ए.बी.पी.ए. के लिए जाँचना चाहिए ताकि जल्द ही उनका निदान एवं ईलाज किया जा सके और बीमारी को आगे बढ़ने से रोका जा सके ।

उन्होंने यह भी बताया कि क्रॉनिक लंग संबंधित बीमारियों से ग्रसित मरीज़ों को बार-बार इंफेक्शन से बचाव के लिए इन्फ्लुएंजा एवं न्यूमोकोकल वैक्सीन लगवानी चाहिए।

सम्मेलन के साइंटिफ़िक कमिटी के चेयरमैन नई दिल्ली एम्स के पूर्व डायरेक्टर पदमश्री डॉ.रणदीप गुलेरिया ने डॉ.अतुल को फैकल्टी मोमेंटो प्रदान किया ।

सम्मेलन मे देश विदेश से लगभग 3000 चेस्ट विशेषज्ञों ने भाग लिया ।