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जिले के शस्त्र अनुज्ञापत्र धारी अपने शस्त्र निकटतम पुलिस स्टेशन में जमा कराये-जिला मजिस्ट्रेट

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14 Mar 19
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जिले के शस्त्र अनुज्ञापत्र धारी अपने शस्त्र निकटतम पुलिस स्टेशन में जमा कराये-जिला मजिस्ट्रेट

चित्तौडगढ । लोकसभा आम चुनाव-२०१९ के दौरान कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए शस्त्र जमा कराने के संबंध में प्राप्त दिशा निर्देशों पर अमल करने हेतु  गठित स्क्रिनिंग कमेटी की बैठक जिला मजिस्ट्रेट श्रीमती शिवांगी स्वर्णकार की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक में भारत निर्वाचन आयोग से जारी निर्देश एवं उच्च न्यायालय द्वारा १०.७.२००९ को पारित निर्णय पर विचार-विमर्श उपरान्त लाईसेंसशुदा हथियारों को चुनाव के दौरान जमा कराने के संबंध में लिए गए निर्णय अनुसार सभी थाना अधिकारियों द्वारा उनके क्षेत्र में निवास करने वाले ऐसे आर्म्स लाईसेन्स धारकों की पहचान की जायेगी। ऐसे लाईसेन्स धारक जो जेल से जमानत पर रिहा हुए है या जिनकी आपराधिक पृष्ठभूमि रही है या जो गत चुनावों में या अन्य प्रकार से कानून व्यवस्था प्रभावित करने एवं दंगों में लिप्त रहे हैं। साथ ही ऐसे लाईसेन्सधारी जिनके विरूद्ध आपराधिक मामलों में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज हुई है, अन्वेक्षण/अन्वीक्षा स्तर पर है या आपराधिक मामले में दोषसिद्ध हुई है या शान्तिभंग किये जाने के मामले में पाबन्द किया हुआ है। ऐसे लाईसेन्सधारकों के शस्त्र जमा किये जावेंगे।

ऐसे शस्त्र अनुज्ञाधारी जिनको उस क्षेत्र के उप जिला मजिस्ट्रेट/पुलिस उप अधीक्षक/तहसीलदार/थानाधिकारी द्वारा निर्वाचन के संदर्भ में किसी मतदाता या मतदाताओं के समूह को भयग्रस्त कर निर्भय, निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने वाले के संबंध में चिन्हित किया जाता है, उनके शस्त्र भी जमा कराये जावेंगे।

ऐसे शस्त्र अनुज्ञाधारी जो संवेदनशील/अति संवेदनशील श्रेणी के मतदान केन्द्रों अर्थात् एस. ४ श्रेणी के मतदान केन्द्रों (यथा गत निर्वाचन में हिसक पृष्ठभूमि, जातिय प्रभुत्व, तनाव, अन्य चुनाव अपराध के लिये चिन्हित मतदान केन्द्र) के अधीन निवास करते है, उनके शस्त्र जमा कराये जावेंगे।

लोकसभा आम चुनाव-२०१९ की निर्वाचन प्रक्रिया शांतिपूर्वक कराये जाने के लिये सम्पूर्ण जिले में धारा १४४ लागू की जा चुकी है, जिसमें शस्त्र को लेकर चलने, प्रदर्शन कर पूर्णतयाः रोक लगी हुई है। धारा १४४ के उल्लंघन पर यदि कोई आर्म्स लाईसेन्स धारक आर्म्स का किसी भी रूप में प्रदर्शन, लेकर घूमता हुआ पाया जाता है, उसका हथियार मय लाईसेन्स जप्त कर लिया जावेगा।

ऐसे व्यक्ति जो अन्य प्रान्तों/जिलों से लाईसेन्स प्राप्त कर, सक्षम अधिकारी को सूचना दिये बिना जिले में निवास कर रहे है। संबंधित थाना अधिकारी ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए उनक शस्त्र जमा करने की कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे।

 

इनको रहेगी छूट

निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था हेतु तैनात सीमा सुरक्षा बल, अर्द्ध सैनिक बल, सशस्त्र पुलिस, नागरिक सुरक्षा, होमगार्डस् के अधिकारी/कर्मचारी सहित बैंक सुरक्षाकर्मी, पंजिकृत कम्पनियों के लाईसेन्सी जिन्हें संस्थागत सुरक्षा हेतु अनुज्ञापत्र जारी है, या ऐसे व्यक्ति जिन्हें धार्मिक परम्परा के अनुसार किसी श्रेणी का शस्त्र रखने की मान्यता है, या केन्द्रीय/राज्य सरकार के कार्मिक जिन्हें अपने दायित्व का निर्वाहन के लिये शस्त्र धारित के लिए अधिकृत है। तथा राईफल ऐसोसिएशन एवं स्पाईस्मेन जो राईफल ऐसोसिएशन के मेम्बर होकर विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेते हो। इनके शस्त्र जमा करने से छूट रहेगी।

 

परिवेदना का भी प्रावधान

उक्त वर्णित श्रेणी के शस्त्र धारकों के अलावा शेष लाईसेंसी को संबंधित थाना अधिकारी से नोटिस प्राप्ति के ७ दिवस में शस्त्र जमा कराना होगा। किसी लाईसेन्स धारकों को हथियार जमा कराने के संबंध में कोई आपत्ति है, तो वह अपनी परिवेदना थाना अधिकारी को प्रस्तुत करेगा एवं थाना अधिकारी अपनी टिप्पणी सहित उसी दिन जिला स्तरीय स्क्रिनिंग कमेटी के सदस्य सचिव, अति. पुलिस अधीक्षक, चित्तौडगढ को पेश करेंगे। सदस्य सचिव प्रकरण का निस्तारण हेतु कमेटी के समक्ष रखकर निर्णित करायेंगे। ऐसे मामलों में कमेटी का निर्णय अन्तिम होगा। इन आदेशों की अवहेलना करने पर लाईसेन्सधारियों को भा.द.सं. की धारा १८८ के तहत कार्यवाही की जा सकेगी।

   उक्त आदेश २७ मई, २०१९ तक की मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेगा।


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