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Bhupal Nobles University

गुरु पूर्णिमा पर गुरु के महत्व एवं विवेकानंद पर चर्चा आयोजित

राष्ट्रीय सेवा योजना का एक दिवसीय शिविर का आयोजन

मुख्य बिंदु
  • भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय की कन्या इकाई और विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी शाखा उदयपुर के संयुक्त तत्त्वावधान में गुरु पूर्णिमा पर्व के अवसर पर विवेकानन्द का स्मरण करते हुए वर्तमान में गुरु के महत्व पर चर्चा आयोजित की गई।
  • इस अवसर पर विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी की उदयपुर शाखा के डाॅ.
  • पुुखराज सुखलेचा ने कन्या इकाई की राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेविकाओं को उद्बोधन देते हुए कहा कि जीवन में किसी भी व्यक्ति की सफलता का रहस्य गुरु होता है।
  • गुरु के बिना जीवन निस्सार है।
  • वर्तमान में गुरुओं का महत्व कम हो रहा है यह किसी भी समाज और राष्ट्र के लिए शुभ लक्षण नहीं हैं।
  • हमें जीवन का वास्तविक ज्ञान गुरु के द्वारा ही प्राप्त हो सकता है।
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गुरु पूर्णिमा पर गुरु के महत्व एवं विवेकानंद पर चर्चा आयोजित

उदयपुर। भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय की कन्या इकाई और विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी शाखा उदयपुर के संयुक्त तत्त्वावधान में गुरु पूर्णिमा पर्व के अवसर पर विवेकानन्द का स्मरण करते हुए वर्तमान में गुरु के महत्व पर चर्चा आयोजित की गई।

इस अवसर पर विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी की उदयपुर शाखा के डाॅ. पुुखराज सुखलेचा ने कन्या इकाई की राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेविकाओं को उद्बोधन देते हुए कहा कि जीवन में किसी भी व्यक्ति की सफलता का रहस्य गुरु होता है।

गुरु के बिना जीवन निस्सार है। वर्तमान में गुरुओं का महत्व कम हो रहा है यह किसी भी समाज और राष्ट्र के लिए शुभ लक्षण नहीं हैं।

हमें जीवन का वास्तविक ज्ञान गुरु के द्वारा ही प्राप्त हो सकता है। विवेकानन्द ने परीक्षा करने के बाद ही अपना गुरु बनाया था।

विवेकानन्द का व्यक्तित्व आज भी युवाओं के लिए अनुकरणीय है। हमें विवेकान्द के व्यक्तित्व का अनुकरण करना चाहिए और राष्ट्र के विकास में और समाज के विकास में योगदान करना चाहिए।

इस अवसर पर संजीव भारद्वाज व रमेश चन्द्र कुम्हार ने केन्द्र की गतिविधियों पर प्रकाश डाला और तीन ओंकार तथा प्रार्थना करते हुए गुरु वन्दना करवाई।

महाविद्यालय अधिष्ठाता डाॅ. शिल्पा राठौड़ ने स्वयंसेविकाओं को उद्बोधन देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से स्वयंसेविकाओं में उत्साहवर्धन होता है।

स्वयंसेविकाओं को विवेकानन्द के व्यक्तित्व से निरन्तर प्रेरणा लेते रहने चाहिए जिससे व्यक्तित्व का विकास होता रहता है।

एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डाॅ.लोकेश्वरी राठौड़ ने एनएसएस की रूपरेखा और गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को समाज और राष्ट्र के विकास के साथ प्रत्यक्ष रूप से जोड़ना है।

इस अवसर पर छात्रा कल्याण अधिष्ठाता डाॅ. माधवी राठौड़, संकाय सदस्य डाॅ.देवेन्द्र सिंह सिसोदिया, डाॅ. अपर्णा शर्मा, डाॅ. कंचन राठौड़, डाॅ.रेखा मेनारिया आदि उपस्थित रहे।

उक्त जानकारी विश्वविद्यालय जन संपर्क अधिकारी डॉ कमल सिंह राठौड़ ने दी।