मुख्य सामग्री पर जाएँ
शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 उदयपुर · 29°C
Health Plus

38 वे पांच दिवसीय नि:शुल्क पंचकर्म चिकित्सा शिविर का शुभारम्भ

आयुर्वेद चिकित्सा हर रोग में है मुफीद : विधायक ताराचंद जैन

मुख्य बिंदु
  • उदयपुर, शहर के राजकीय आदर्श आयुर्वेद औषधालय सिन्धी बाजार में 38वे नि:शुल्क पंच दिवसीय पंचकर्म चिकित्सा शिविर का शुभारम्भ शहर विधायक ताराचंद जैन के मुख्य आतिथ्य में शनिवार को हुआ।
  • विधायक जैन ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति हर रोग के लिए मुफीद है और इस पद्धति को अपनाने से जटिल से जटिल रोग जड़ से समाप्त हो जाते हैं।
  • विधायक ताराचंद जैन ने रोगियों की कुशलक्षेम पूछी और औषधालय में दी जारी सेवाओं की जानकारी लेते हुए समय-समय पर इस प्रकार के शिविर आयोजित करने के लिए पूरी टीम के प्रयासों की सलाहना की।
  • इस अवसर पर आयुर्वेद उपनिदेशक डॉ राजीव भट्ट व समाजसेवी डॉ शिल्पा पामेचा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
WAf𝕏TGin✉🖨
38 वे पांच दिवसीय नि:शुल्क पंचकर्म चिकित्सा शिविर का शुभारम्भ
1 / 2

उदयपुर, शहर के राजकीय आदर्श आयुर्वेद औषधालय सिन्धी बाजार में 38वे नि:शुल्क पंच दिवसीय पंचकर्म चिकित्सा शिविर का शुभारम्भ शहर विधायक ताराचंद जैन के मुख्य आतिथ्य में शनिवार को हुआ। विधायक जैन ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति हर रोग के लिए मुफीद है और इस पद्धति को अपनाने से जटिल से जटिल रोग जड़ से समाप्त हो जाते हैं।

विधायक ताराचंद जैन ने रोगियों की कुशलक्षेम पूछी और औषधालय में दी जारी सेवाओं की जानकारी लेते हुए समय-समय पर इस प्रकार के शिविर आयोजित करने के लिए पूरी टीम के प्रयासों की सलाहना की। इस अवसर पर आयुर्वेद उपनिदेशक डॉ राजीव भट्ट व समाजसेवी डॉ शिल्पा पामेचा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

शिविर प्रभारी डॉ शोभालाल औदिच्य ने अब तक आयोजित शिविर की सफलता और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पंचकर्म शिविर में कटीबस्ती, जानुबस्ती, ग्रीवाबस्ती, नस्य, सर्वांग स्वेदन, स्थानिक अभ्यंग, सर्वांग अभ्यंग, स्थानिक स्वेदन, षष्टिशाली पिंडस्वेद, शिरोधारा, शिरोबस्ती, धारास्वेदन, बस्तीकर्म द्वारा रोगियों का पंचकर्म उपचार किया जा रहा है ।

चिकित्सा शिविर में डॉ शैलेन्द्र शर्मा, डॉ ज्योति सिंह देवल, डॉ संजय माहेश्वरी, वरिष्ठ नर्स इंदिरा डामोर, कम्पाउण्डर कंचन कुमार डामोर,चंद्रेश परमार, हेमंत्व पालीवाल , भगवती लाल लोधा, नर्स वंदना शक्तावत, रुक्मणि गायरी, कविता गुर्जर, परिचारक गजेन्द्र आमेटा, देवीलाल मेघवाल,लालुराम गमेती सेवायें दे रहे है ।