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भारत सरकार द्वारा ९.७० करोड की राशि स्वीकृत

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07 Dec 17
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उदयपुर शहर के प्रमुख पर्यटन आकर्षण तथा लोक कला व शिल्प के प्रमुख केन्द्र तथा पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र का ग्रामीण कला परिसर ’’शिल्पग्राम‘‘ को और अधिक आकर्षक और विभिन्न कलाओं के विकास हेतु आधारभूत सुविधाओं से युक्त बनाये जाने के लिये भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा ९.७० करोड की राशि स्वीकृत की गई है।
पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के निदेशक श्री फुरकान खान ने इस आशय की जानकारी देते हुए बताया कि शिल्पग्राम के नवीनीकरण तथा उसमें आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिये केन्द्र द्वारा प्रस्ताव तैयार कर संस्कृति मंत्रालय को भिजवाया गया था जिसे माननीय राज्यपाल और केन्द्र के अध्यक्ष श्री कल्याण सिंह की अनुशंसा पर संस्कृति मंत्रालय द्वारा इसकी स्वीकृति जारी की गई है। इस प्रस्ताव पर सैद्धान्तिक सहमति भारत सरकार के संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. महेश शर्मा द्वारा अपने उदयपुर प्रवास के दौरान दी जा चुकी थी, तथा विधिवत स्वीकृति जारी कर कार्य के लिये प्रथम किस्त के १.७९ करोड की राशि केन्द्र को प्राप्त हुई है । श्री खान ने यह भी बताया कि समस्त निर्माण कार्य कन्द्र सरकार की एजेंसी, केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग के माध्यम से करवाये जायेंगें। इस हेतु आवश्यक प्रकिया जारी है।
श्री खान ने बताया कि शिल्पग्राम में स्थाई आकर्षण जोडने की दिशा में कार्य करते हुये इस परियोजना के अन्तर्गत सदस्य राज्यों के मुख्य सांस्कृतिक उत्सवों की झलक कांस्य की प्रतिमाओं के माध्यम से दिखाई जायेगी। कांस्य की लगभग ६० प्रतिमाओं के माध्यम से राजस्थान के गणगौर, महाराष्ट्र का गणेशोत्सव, गोवा का शिग्मोत्सव तथा गुजरात के डांडिया उत्सव को हर्षोल्लास से मनाते हुए दर्शाया जायेगा।
श्री खान ने बताया कि इस राशि से शिल्पग्राम में एक सांस्कृतिक परिसर भी बनेगा जिसमें आधुनिक साज सज्जा से युक्त व्यावसायिक आर्ट गैलेरी, कार्यशाला स्थल, सभा गृह, ओडियो विजुअल केन्द्र, सेमिनार कक्ष, स्टोर इत्यादि विकसित किये जायेंगें। यह परिसर तैयार होने पर शिल्पग्राम में वर्तमान में झोंपडयों में चल रहे केंन्द्र के कार्यालय भी इस परिसर में स्थानान्तरित हो सकेंगें जिससे समस्त झोपडयां आगंतुकों के लिये खुली रह पायेंगी तथा केन्द्र का स्टोर भी व्यवस्थित हो पायेगा । इसका डिजाइन परम्परागत होगा जो शिल्पग्राम के एम्बियांस के अनुसार ही होगा । इसके अतिरिक्त वर्तमान स्टाल्स को मरम्मत कर परंपरागत और आकर्षक लुक दिया जायेगा तथा २०० नवीन स्टाल का निर्माण भी परंपरागत ढंग से ही किया जायेगा जिससे बडे उत्सवों यथा शिल्पग्राम उत्सव के समय अस्थाई दुकानों का निर्माण नहीं करना पडेगा। एक नये फूड कोर्ट का निर्माण भी परियोजना में सम्मिलित है, इसके बन जाने से विभिन्न राज्यों के व्यंजनों की उपलब्धता स्थाई रूप से सुनिश्चित की जायेगी। योजना में एक बडे टायलेट ब्लाक का निर्माण भी प्रस्तावित है।
योजनान्तर्गत शिल्पग्राम परिसर में स्थित दर्पण सभागार के भी नवीनीकरण का कार्य हाथ में लिया जायेगा जिसके तहत मंच में तकनीकी सुधार किया जाकर बैठक व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाया जायेगा । आधुनिक लाइट एवं साउण्ड सिस्टम की स्थापना की जायेगी ताकि यह प्रेक्षाग्रह विश्वस्तरीय बन सके । इसके पूर्ण होने पर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के आयोजन हो सकेंगे।
केन्द्र निदेशक श्री खान ने जानकारी दी कि शिल्पग्राम के नवीनीकरण का तख्मीना केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार किया जा रहा है तदनुसार कार्य का एग्रीमेंन्ट कर लिया जायेगा। इस कार्य हेतु केन्द्र द्वारा राशि लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित कर दी जायेगी । श्री खान ने आशा व्यक्त की कि इस वर्ष शिल्पग्राम उत्सव के पश्चात जनवरी माह में कार्य आरम्भ होकर अगले वर्ष शिल्पग्राम उत्सव तक अधिकांश कार्य पूर्ण हो जायेंगें । श्री खान ने आशा व्यक्त की कि जिस प्रकार से शिल्पग्राम में विभिन्न गतिविधियों व आकर्षणों में वृद्धि को जनता द्वारा पसंद किया गया है उसी प्रकार नये आकर्षण और कला संबंधित सुविधायें विकसित होने पर जनता और आगंतुकों को अच्छा लगेगा।
श्री खान ने यह विश्वास व्यक्त किया कि कला, कला रसिकों और कला साधकों के लिये तो संस्कृति मंत्रालय का यह प्रयास वरदान सिद्ध होगा ही स्मार्ट सिटी उदयपुर और उदयपुरवासियों के लिये भी केन्द्र का यह विनम्र प्रयास सांस्कृतिक मनोरंजन के नये आयाम भी स्थापित करेगा ।











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