
कोलकाता. टीम इंडिया के स्टार क्रिकेटर युवराज सिंह की बीमारी ज्यादा गंभीर है। अंग्रेजी अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक युवराज को कैंसर है और वह इस समय अमेरिका में कीमोथैरेपी से गुजर रहे हैं। युवराज के फीजियो जतिन चौधरी ने कहा है कि युवराज को कैंसर है लेकिन खतरनाक नहीं।
एक न्यूज चैनल ने युवराज सिंह के फिजियो के हवाले से कहा है कि युवी को कैंसर है। हालांकि वो घातक नहीं है। युवराज सिंह का मार्च तक तीन चरणों में कीमोथैरेपी से इलाज किया जाएगा। अप्रैल तक वो मैदान पर लौट आएंगे।
युवराज सिंह की बीमारी कितनी गंभीर है इस बारे में जितनी बातें मीडिया से कही गईं उन पर सवाल खड़े हो गए हैं। युवराज 26 जनवरी को इलाज के लिए अमेरिका के लिए रवाना हुए। बोस्टन में उनकी कीमोथैरेपी जनवरी में शुरू हुई है जो मार्च के अंत तक चलेगी।
बीते अक्टूबर में पता चला कि युवराज सिंह के फेफड़े और दिल के बीच ट्यूमर है। वर्ल्डकप के दौरान भी वो बीमार थे, लेकिन इसके बावजूद वो खेलते रहे। ऐसी उम्मीद थी कि युवराज ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 मैचों के लिए फिट हो जाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। चयन के समय यह कहा गया कि युवराज की बेंगलुरू में ओवर ट्रेनिंग के कारण हालत और खराब हो गई।
उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर को युवराज सिंह की मां शबनम सिंह ने कहा था कि युवराज का ट्यूमर घातक नहीं है। लेकिन उनका कीमोथैरेपी लेना ट्यूमर के गंभीर होने की ओर इशारा कर रहा है।
युवराज सिंह की बीमारी कितनी गंभीर है इस पर ना तो बीसीसीआई ने और ना ही उनके परिवारजनों ने आधिकारिक बयान नहीं दिया है। युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने मीडिया से अनुरोध किया बीमारी की बात को ज्यादा बड़ा ना किया जाए।