पाक का सच दिखाने की मुहिम
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Thursday 19 Nov, 2009 11:19 AM
26 तारीख को मुंबई पर हुए आतंकी हमले को एक साल पूरा हो जाएगा। उससे दो दिन पहले प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह अमेरिका रवाना हो रहे हैं। वह वहां वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को पाक पोषित आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के लिए पाकिस्तान सरकार पर दबाव बनाने के लिए रजामंद करने की कोशिश कर ंगे।
भारत ने मंगलवार की शाम पाकिस्तान को मुंबई हमलों से जुड़े सुबूतों की नई खेप सौंप कर इस मुहिम की शुरुआत कर दी है। पाकिस्तान को जो नए सुबूत सौंपे गए हैं, उनमें खास तौर पर अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई से मिले तथ्यों को शामिल किया गया है। अमेरिका में गिरफ्तार लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों डेविड हेडली और टी. हुसैन राणा के पाकिस्तानी संपर्क भी अमेरिका की निगाह में आ ही चुके हैं। इन सबकी मदद से पाकिस्तान पर अमेरिका की ओर से दबाव बनवाने का अभियान प्रधानमंत्री के अमेरिका पहुंचने तक गति पकड़ लेगा।
भारत ने नई दिल्ली स्थित पाक उप उच्चायुक्त आर. मसूद को सबूतों का जो सातवां पुलिंदा (डोजियर) सौंपा है, उसमें एफबीआई अधिकारियों के वे बयान भी शामिल हैं जो उन्होंने मुंबई में मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए थे। एफबीआई अधिकारियों ने साफ तौर पर पुष्टि की है कि मुंबई हमलों के दौरान आतंकी पाकिस्तान में अपने आकाओं से संपर्क में थे। इस डोजियर में नए साक्ष्य के रूप में मुंबई हमलों के चश्मदीद गवाहों के बयान, जिंदा पकड़े गए आतंकी अजमल कसाब के मजिस्ट्रेट के समक्ष कबूलनामे के साथ-साथ उस मजिस्ट्रेट का बयान भी रिकार्ड है जिसके समक्ष अजमल ने मुंबई हमलों में शामिल होने की बात कुबुली है।
उसने पाकिस्तान में बैठे लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी सरगना जकी-उर-रहमान लखवी तथा जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज सईद को इस हमले का मास्टरमाइंड बताया है। दरअसल भारत की मुहिम अमेरिका को यह बताने की है कि उसकी अपनी एजेंसी ने भारत पर सबसे बड़ी आतंकी हमले पर पाक की जमीन का इस्तेमाल सिद्ध किया है। प्रधानमंत्री व ओबामा की मुलाकात में यह संकेत देने की कोशिश की जाएगी कि इन तथ्यों केबाद अमेरिका को आतंकवाद पर पाक के खिलाफ जबानी जमा खर्च से आगे बढ़ना चाहिए। भारतीय कूटनीतिक खेमे को उम्मीद है कि ओबामा मनमोहन की मुलाकात में इस नए अभियान के कुछ नतीजे जरूरआने चाहिए।
भारत की इस नई मुहिम को नई दिल्ली स्थित अमेरिकी राजदूत टिमोथी रोएमर के तेवरों से सहारा मिला है। रोएमर ने हाफिज सईद पर कार्रवाई के लिए पाक को दो टूक नसीहत दी है। रोएमर ने बुधवार को साफ कहा कि अमेरिका मुंबई हमलों की साजिश रचने वालों के खिलाफ कार्रवाई के नतीजे चाहता है और इस मामले में भारत के साथ है। उनका साफ कहना था कि पाकिस्तान को अपनी जमीन से आतंकी ढांचे खत्म करने चाहिए।
साभार / स्त्रोत -
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