40 से 50 फीसदी विदेशी पर्यटक कम
स्वाइन फ्लू का ज्यादा असर नहीं
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Monday 09 Nov, 2009 07:40 AM
उदयपुर। गत वर्ष मुम्बई का आतंकवादी हमला, मंदी और कहीं न कहीं स्वाइन फ्लू के भय ने विदेशी मुद्रा बटोरने वाले राज्य के सबसे पुराने एवं प्रमुख व्यवसाय पर्यटन को अपनी चपेट में ले लिया है। पर्यटन विशेषज्ञों की मानें तो गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष 40 से 50 फीसदी विदेशी पर्यटक कम हैं। अमरीकी पर्यटक तो पहले से ही नदार हैं। पर्यटन सीजन का सितम्बर माह सूना रहा।
अक्टूबर में भी औसत पर्यटक भी नहीं आए। पर्यटकों की सबसे ज्यादा आमद नवम्बर, दिसम्बर व फरवरी के मध्य होती है, इस दौरान अगर सही ट्रेवल एडवाइजरी जारी नहीं हुई तो पर्यटक राजस्थान से कन्नी काट जाएंगे। ट्यूर पैकेज कम्पनियों के अनुसार इस बार विदेशी पर्यटकों के समूह गत वर्ष के मुकाबले 50 फीसदी ही हैं।
नवम्बर में छह दिन जरूर पर्यटन के लिहाज से अ'छे रहेंगे। दो-तीन शाही शादियों के चलते 20 से 26 नवम्बर तक शहर के सभी होटलें बुक हैं।
-विदेशी पर्यटक अपने स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सचेत होते हैं। ये अपने देश की ट्रेवल एडवाइजरी को जांचते रहते हैं। पडोसी देशों में आतंकवादी हमलों को देखते हुए कुछ दिनों पहले जरूर 'नोट टू ट्रेवल इण्डिया' जारी हुआ था, लेकिन इसमें अभी भारत में स्वाइन फ्लू के खतरे को नहीं दर्शाया गया है और न ही विदेशी मीडिया ने इसे बताया है।
मंदी, आतंकवाद का भय, होटलों के महंगे पैकेज
गत वर्ष 26 नवम्बर को मुम्बई के आतंकवादी हमले से 2007 के मुकाबले 60 फीसदी पर्यटक कम आए और इस बार वर्ष 2008 के मुकाबले 40 से 50 फीसदी विदेशी पर्यटक कम हैं। स्वाइन फ्लू का असर नहीं है। मंदी व आतंकवाद सबसे बडा कारण है। आनन्द शक्तावत, प्रबंधक,विदेशी टयूर एण्ड ट्रेवज एजेंसी
साभार / स्त्रोत -
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